फारुख इंजीनियर को 53 साल से पद्मश्री का इंतजार: 1973 की अवॉर्ड लिस्ट में नाम, लेकिन अब तक मेडल-सर्टिफिकेट नहीं मिला; जय शाह से भी मदद मांगी
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पूर्व भारतीय विकेटकीपर फारुख इंजीनियर। ( फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
स्पोर्ट्स डेस्क. पूर्व भारतीय विकेटकीपर फारुख इंजीनियर के पास क्रिकेट से जुड़े कई बड़े अवॉर्ड हैं। लेकिन एक सम्मान ऐसा है, जिसका उन्हें आज भी इंतजार है। यह सम्मान है पद्मश्री। भारत सरकार ने फारुख इंजीनियर को 1973 में पद्मश्री देने का फैसला किया था। 53 साल बीत जाने के बाद भी उन्हें मेडल और सर्टिफिकेट नहीं मिला। यहां तक कि उन्हें राष्ट्रपति भवन से अवॉर्ड लेने का इनविटेशन भी नहीं मिला।
इंजीनियर ने कहा- मुझे दोस्तों से बधाई के मैसेज मिले थे। लेकिन मुझे आज तक सरकार की तरफ से कुछ लिखित में नहीं मिला। मुझे भरोसा है कि मेरा मेडल और सर्टिफिकेट जरूर कहीं होगा। मैं इसे अपने घर में गर्व से डिस्प्ले करूंगा।

MCA मदद कर रहा
फारुख इंजीनियर लंबे समय से इस मामले को सॉल्व कराने की कोशिश कर रहे हैं। अब मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन यानी MCA उनकी मदद के लिए आगे आया है। MCA ट्रेजरर अरमान मलिक ने बताया कि इंजीनियर ने उनसे इस मामले में मदद मांगी थी। इसके बाद MCA प्रेसिडेंट अजिंक्य नाइक ने उनसे ऑफिशियल मेल करने को कहा है।
इंजीनियर ने लॉर्ड्स में भारत-इंग्लैंड महिला टेस्ट के दौरान पूर्व BCCI सेक्रेटरी और मौजूदा ICC चेयरमैन जय शाह से भी इस बारे में बात की थी। उन्होंने भी मदद का भरोसा दिया है।
1971 में इंग्लैंड के खिलाफ अच्छी इनिंग
फारुख इंजीनियर ने 1971 में इंग्लैंड में भारत की टेस्ट सीरीज जीत में मेजर रोल प्ले किया था। ओवल टेस्ट की पहली पारी में इंजीनियर ने 59 रन बनाए थे। दूसरी पारी में उन्होंने नाबाद 28 रन बनाए थे। इंजीनियर ने भारत के लिए 1961 से 1975 तक 46 टेस्ट खेले। उन्होंने 2611 रन बनाए और विकेटकीपिंग भी की।

राष्ट्रपति भवन से मेडल मिलना स्पेशल
इंजीनियर ने कहा कि मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में उनके नाम का स्टैंड होना उनके लिए बड़ी बात है। लेकिन राष्ट्रपति भवन में जाकर पद्मश्री लेना उससे भी ज्यादा स्पेशल होगा। उन्होंने कहा- यह मेरे लिए बहुत मायने रखेगा। सरकार की तरफ से बुलाया जाना और राष्ट्रपति से सम्मान लेना मेरे लिए बहुत खास होगा। मैं इसे अपने ट्रॉफी कैबिनेट में गर्व से रखूंगा।
इंजीनियर ने आखिर में कहा- मैं इंग्लैंड में रहता हूं, लेकिन दिल से बिल्कुल देसी हूं। मुझे भारतीय होने पर हमेशा गर्व रहा है और आगे भी रहेगा।

