अर्जेंटीना के मैच में इंग्लैंड के रेफरी नहीं होते: दोनों देश के बीच 44 साल पुरानी दुश्मनी, जानिए फॉकलैंड वॉर का कनेक्शन
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इंग्लैंड के रेफरी माइकल ओलिवर। (फोटो- सोशल मीडिया)
स्पोर्ट्स डेस्क. FIFA वर्ल्ड कप 2026 में इंग्लैंड के रेफरी माइकल ओलिवर लगातार बड़े मैच करा रहे हैं। वह स्पेन और बेल्जियम के बीच क्वार्टर फाइनल में रेफरी रहेंगे। यदि फाइनल में इंग्लैंड या अर्जेंटीना की टीम पहुंचती है, तो इंग्लैंड के ओलिवर और एंथनी टेलर उस मैच में रेफरी नहीं बन पाएंगे। इसकी वजह FIFA का न्यूट्रल रेफरी रूल है।
क्या है फॉकलैंड वॉर?
दरअसल, 1982 में ब्रिटेन और अर्जेंटीना के बीच फॉकलैंड आइलैंड्स को लेकर 74 दिन तक वॉर चला था। इसमें दोनों देशों के सैकड़ों सैनिक मारे गए थे। यह विवाद आज भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। इसी वजह से FIFA अर्जेंटीना के मैच में इंग्लैंड के रेफरी की ड्यूटी नहीं लगाता। वहीं अर्जेंटीना के रेफरी भी इंग्लैंड के मैच नहीं करा सकते।

फाइनल कराने का मौका क्यों नहीं मिलेगा?
19 जुलाई को वर्ल्ड कप फाइनल खेला जाएगा। अगर इंग्लैंड या अर्जेंटीना की टीम फाइनल में पहुंचती है, तो इंग्लिश रेफरी माइकल ओलिवर और एंथनी टेलर इस खिताबी मैच में नहीं उतरेंगे। दोनों टीम के बीच सेमीफाइनल में भी टक्कर होने की उम्मीद है।
FIFA रेफरी कैसे चुनता है?
हर मैच के लिए FIFA अलग रेफरी चुनता है। पहले उनकी परफॉर्मेंस देखी जाती है। फिर दोनों देशों की पॉलिटिकल सिचुएशन और रिलेशन भी देखे जाते हैं। ताकि किसी तरह की कंट्रोवर्सी न हो।

सिर्फ अपने देश के मैच ही नहीं
जिन 2 टीमों के बीच मैच होता है, FIFA उन देश के रेफरी की भी मैच में ड्यूटी नहीं लगाता। इंग्लैंड-अर्जेंटीना के मैच में इन दोनों ही देश के रेफरी नहीं होंगे। FIFA यह भी देखता है कि जिन 2 टीम के बीच मैच हो रहा है, उसके नतीजे का असर यदि रेफरी के देश पर भी पड़ता है, तब भी ड्यूटी नहीं लगती है।
पूर्व रेफरी ने उठाए सवाल
पूर्व प्रीमियर लीग रेफरी ग्राहम स्कॉट ने इस रूल पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि रेफरी हमेशा न्यूट्रल रहते हैं। पुराने पॉलिटिकल विवाद की वजह से उन्हें बड़े मैचों से दूर रखना सही नहीं है। उनके मुताबिक, फुटबॉल को अब इन बातों से आगे बढ़ जाना चाहिए।

