भारतीय बैटर की स्पिन खेलने की क्षमता पर सवाल: अश्विन-गावस्कर नाखुश, क्यूरेटर मुखर्जी ने कहा- मैनेजमेंट के हिसाब से पिच बनाई
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इंडिया और साउथ अफ्रीका के बीच 2 टेस्ट की सीरीज का दूसरा मुकाबला 22 नवंबर से खेला जाएगा। यह मुकाबला गुवाहाटी के बारसापारा क्रिकेट स्टेडियम में होगा। (@PTI)
स्पोर्ट्स डेस्क. साउथ अफ्रीका के खिलाफ कोलकाता टेस्ट में भारत की हार ने टीम मैनेजमेंट, खिलाड़ियों और पिच तीनों को विवादों में खड़ा कर दिया है। पिच क्यूरेटर सुजान मुखर्जी ने कहा- मैंने वही किया जो कोच गौतम गंभीर ने कहा था। वहीं दूसरी तरफ खिलाड़ियों पर भी सवाल उठ रहे हैं।
रविचंद्रन अश्विन और सुनील गावस्कर ने भारतीय बैटर्स की स्पिन खेलने की क्षमता पर सवाल उठाए, तो मोहम्मद कैफ ने टीम में डर और कन्फ्यूजन का माहौल बता दिया।
क्यूरेटर ने क्या कहा
कोलकाता के ईडन गार्डन्स में पहले टेस्ट की हार ने टीम इंडिया में एक तरह की हलचल ला दी है। भारत सिर्फ 124 रन का छोटा सा टारगेट भी चेज नहीं कर सका और और 93 पर ऑलआउट हो गया। इसके बाद पिच की आलोचना हुई। इस पर पिच क्यूरेटर सुजान मुखर्जी ने कहा- मुझे बेवजह निशाना बनाया जा रहा है।है। मैं टेस्ट की पिच बनाना जानता हूं और मैंने बिल्कुल वही किया जो टीम मैनेजमेंट ने मुझे बोला था।
गंभीर ने बचाव किया
गौतम गंभीर ने भी मैच के बाद क्यूरेटर का बचाव किया और कहा- उन्हें बिल्कुल वैसी ही पिच चाहिए थी। गंभीर के मुताबिक गलती पिच में नहीं, बल्कि बैटर के टेम्परामेंट में थी। उन्हें अपने डिफेंस पर भरोसा ही नहीं दिखा।
अश्विन की राय
अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा- आजकल टीम इंडिया के बैटर स्पिन के मुकाबले पेस बॉलिंग ज्यादा अच्छी तरह खेलते हैं। नेट में स्पिनर को नहीं खेलकर पेसर पर फोकस कर रहे थे। वहीं, गावस्कर ने एक इंटरव्यू में कहा- भारतीय खिलाड़ी डोमेस्टिक नहीं खेलते। इसलिए उन्हें टर्निंग पिचों की आदत नहीं होती। वर्कलोड के नाम पर प्लेयर घरेलू मैचों से बचते हैं।

टीम में डर का महौल
मोहम्मद कैफ ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा- भारत की हार का बड़ा कारण पिच नहीं, बल्कि टीम के अंदर फैला हुआ डर और कन्फ्यूजन है। कैफ का कहना है कि खिलाड़ियों को लगता है कि टीम मैनेजमेंट उनके पीछे नहीं है। कोई बैकिंग नहीं, इसलिए सब दबाव में खेल रहे हैं।
कैफ के मुताबिक- साई सुदर्शन ने अपने आखिरी टेस्ट मैच में 87 रन बनाए थे। सरफराज खान ने पिछले सीरीज में सेंचुरी लगाई, फिर भी टीम से बाहर हो गए। है। कैफ के मुताबिक- जब प्लेयर पहले से ही अपनी जगह को लेकर कन्फर्म नहीं हो और ऊपर से टर्निंग ट्रैक पर उतारा जाए, तो उनका परफॉर्मेंस गिर ही जाएगा।

सुंदर की तरीफ
कैफ ने वॉशिंगटन सुंदर की तारीफ करते हुए कहा- उसने अच्छा इसलिए खेला, क्योंकि वह चेन्नई की टर्निंग विकेट पर खेलता रहा है। सुंदर और सुदर्शन दोनों प्लेइंग इलेवन में होते तो भारत आसानी से ये टेस्ट मैच जीत सकता था।
दूसरे मैच में जीत जरुरी
इंडिया और साउथ अफ्रीका के बीच 2 टेस्ट की सीरीज का दूसरा मुकाबला 22 नवंबर से खेला जाएगा। यह मुकाबला गुवाहाटी के बारसापारा क्रिकेट स्टेडियम में होगा। भारतीय टीम के लिए करो या मरो वाला है। यदि टीम इंडिया यह मैच जीतती है तो सीरीज 1-1 से बराबरी पर खत्म होगी। साउथ अफ्रीका जीती तो 2-0 से क्लीन स्वीप करेगी।

