स्टैच्यू नहीं, फुटबॉल फैन है: कांगो के मैच में दिखते हैं, 90 मिनट मूर्ति की तरह खड़े रहते हैं; चीयरलीडर से सोशल मीडिया स्टार बने मिशेल कूका की कहानी
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स्पोर्ट्स डेस्क. FIFA वर्ल्ड कप 2026 में मैच के दौरान पहले लोगों को लगा कि स्टेडियम में कोई स्टैच्यू खड़ा है। फिर कैमरा करीब गया तो पता चला कि वह एक फैन है, जो पूरे 90 मिनट बिना हिले-डुले अपनी टीम को सपोर्ट करता है। DR कांगो के सुपरफैन मिशेल कूका मबोलाडिंगा (Michel Nkuka Mboladinga) अपने इस अनोखे अंदाज से बाकी फैंस से बिल्कुल अलग नजर आते हैं।
राज एक्सप्रेस की इस स्पेशल स्टोरी में जानिए, आखिर उनके इस अनोखे पोज के पीछे की कहानी क्या है...

क्यों अपनाया यह अंदाज?
49 साल के मिशेल कूका मबोलाडिंगा का यह अनोखा पोज DR कांगो के पहले डेमोक्रेटिक प्राइम मिनिस्टर पैट्रिस लुमुम्बा को ट्रिब्यूट है। वह खुद को 'लुमुम्बा वीवा' कहते हैं। इसका मतलब है 'लुमुम्बा जिंदा हैं।' वह लाल ब्लेजर, पीली शर्ट, टाई और नीली पैंट पहनते हैं। ये DR कांगो के फ्लैग के रंग हैं। उनका कहना है कि पैट्रिस लुमुम्बा के संघर्ष और भाषणों ने उन्हें यह अंदाज अपनाने की प्रेरणा दी।
राष्ट्रपति के कहने पर पहुंचे
मबोलाडिंगा DR कांगो के राष्ट्रपति फेलिक्स त्शिसेकेदी (Felix Tshisekedi) की सिफारिश पर ऑफिशियल डेलिगेशन के साथ वर्ल्ड कप पहुंचे। उन्होंने मेक्सिको में टीम के दो मैच देखे। हालांकि, बाद में उन्हें अमेरिका का वीजा नहीं मिला। ऐसे में इंग्लैंड के खिलाफ राउंड ऑफ-16 मैच देखने का उनका सपना अधूरा रह सकता है।

नेहरू और गांधी से भी इंस्पायर थे लुमुम्बा
मबोलाडिंगा के मुताबिक, पैट्रिस लुमुम्बा महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू से इंस्पायर थे। 1960 में बेल्जियम से आजादी मिलने के बाद वह DR कांगो के पहले डेमोक्रेटिक प्राइम मिनिस्टर बने। 1961 में उनकी हत्या कर दी गई।
90 मिनट तक खड़े रहने की करते हैं तैयारी
मबोलाडिंगा कहते हैं कि पूरे मैच बिना हिले खड़े रहना आसान नहीं होता। इसके लिए वह पहले स्ट्रेचिंग करते हैं। साथ ही मेंटल प्रिपरेशन भी करते हैं। उन्होंने पहली बार यह अंदाज अफ्रीका कप ऑफ नेशंस के दौरान अपनाया था। मबोलाडिंगा पहले लोकल क्लब AS वीटा के चीयरलीडर थे। अब वह सोशल मीडिया पर काफी पॉपुलर हैं। राष्ट्रपति उन्हें एक SUV गिफ्ट कर चुके हैं। वह कई ब्रांड कैंपेन का भी हिस्सा हैं।
इबोला हेल्थ गाइडलाइंस की वजह से छूटा पहला मैच
मेक्सिको पहुंचने के बाद इबोला से जुड़ी हेल्थ गाइडलाइंस के चलते उन्हें कुछ दिन क्वारंटीन रहना पड़ा। इसी वजह से वह पुर्तगाल के खिलाफ DR कांगो का पहला मैच नहीं देख सके। मबोलाडिंगा कहते हैं- फुटबॉल हमारे देश को जोड़ता है। दुनिया के लिए मेरा मैसेज है। कांगो मजबूती से खड़ा

