डेविड वॉर्नर पर ड्रिंक एंड ड्राइव केस में फाइन: कोर्ट ने कहा- कार में बच्चे थे इसलिए मामला गंभीर, अब इंटरलॉक डिवाइस भी लगाना होगा
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ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ओपनर डेविड वॉर्नर ने 2024 में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया। (फोटो सोर्स -@ca)
स्पोर्ट्स डेस्क. ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ओपनर डेविड वॉर्नर को ड्रिंक एंड ड्राइव केस में दोषी पाया गया था। अब सिडनी की कोर्ट ने उन पर 1,500 ऑस्ट्रेलियन डॉलर (लगभग 1,01,903 भारतीय रुपए ) का जुर्माना लगाया है। वॉर्नर ने पिछले महीने इस केस में अपना गुनाह कुबूल किया था। साथ ही वॉर्नर की कार में एक इंटरलॉक डिवाइस लगाया जाएगा। यह डिवाइस ड्राइवर के शरीर में अल्कोहल डिटेक्ट होने पर कार स्टार्ट नहीं होने देगा।
मामला जानें
यह मामला 5 अप्रैल का है। वॉर्नर सिडनी में एक वैन चला रहे थे। रैंडम ब्रीथ टेस्टिंग साइट के पास पहुंचने से पहले उन्होंने गाड़ी रोक दी और सीट बदलने की कोशिश की। इसके बाद उनका ब्रीथ टेस्ट किया गया। टेस्ट में उनके शरीर में तय लिमिट से दो गुना से ज्यादा अल्कोहल पाया गया। इसके बाद उन पर मिड-रेंज ड्रिंक-ड्राइविंग का केस दर्ज हुआ।
वॉर्नर को पाकिस्तान से लौटते समय गिरफ्तार किया गया था। उस समय वह PSL में कराची किंग्स की कप्तानी कर रहे थे। केस दर्ज होने के बाद वह वापस पाकिस्तान गए और अपनी टीम के लिए PSL में खेलना जारी रखा।

कोर्ट ने क्यों सुनाई सजा?
वॉर्नर के वकील ने कोर्ट से अपील की थी कि उन्हें अपराध से बचाया जाए। उनका कहना था कि इस मामले की ग्लोबल मीडिया कवरेज के कारण वॉर्नर को पहले ही काफी नुकसान हो चुका है। वकील ने कहा कि वॉर्नर की कमर्शियल अपॉर्च्युनिटीज भी प्रभावित हुई हैं। खासकर भारत और बांग्लादेश की T20 लीग्स में उनके फ्यूचर पर इसका असर पड़ सकता है।
हालांकि, जज क्लेयर फार्नन ने कहा कि ड्रिंक-ड्राइविंग को रोकने के लिए सख्त मैसेज देना जरूरी है। कोर्ट ने यह भी माना कि घटना के समय गाड़ी में बच्चे मौजूद थे, जिससे मामला और गंभीर हो गया।

