भारत को 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी मिलना तय: एसोसिएशन ने दावेदारी को मंजूरी दी; अमित शाह बोले- देश के लिए गर्व और खुशी का दिन
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भारत ने पहली बार 2010 में कॉमनवेल्थ गेम्स होस्ट किया था। फाइल।
स्पोर्ट्स डेस्क: भारत को 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी मिल सकती है। कॉमनवेल्थ एसोसिएशन ने अहमदाबाद में 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी के लिए भारत की दावेदारी को मंजूरी दी है। इस पर फाइनल फैसला 26 नवंबर 2025 को लिया जाएगा। होम मिनिस्टर अमित शाह ने इसका ऐलान किया। उन्होंने कहा कि आज भारत के लिए खुशी और गर्व का दिन है।
अब यह तय माना जा रहा है कि 2010 के बाद भारत फिर से कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी के लिए तैयार है। बता दें, कॉमनवेल्थ गेम्स हर 4 साल में होता है। 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स की 100वीं एनिवर्सरी भी होगी।
यह PM मोदी की मेहनत का नतीजा
अमित शाह ने सोशल मीडिया पर लिखा- यह PM मोदी की मेहनत का नतीजा है। उन्होंने भारत को दुनिया के खेल नक्शे पर लाने की पूरी कोशिश की है। मोदी जी ने देश में वर्ल्ड क्लास स्पोर्ट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाए। साथ ही, टैलेंट्स को आगे भी बढ़ाया। अब भारत खेलों के मामले में एक बड़ी पहचान बन गया है।

अहमदाबाद को नाइजीरिया से मिली चुनौती
कॉमनवेल्थ की एग्जीक्यूटिव बोर्ड ने बुधवार को कन्फर्म किया कि उन्होंने 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की होस्ट सिटी के लिए अहमदाबाद को नॉमिनेट किया है। हालांकि, होस्टिंग के लिए अहमदाबाद को नाइजीरिया से कड़ी चुनौती मिली, लेकिन अथॉरिटी ने उन्हें 2034 के कॉमनवेल्थ गेम्स की होस्टिंग के लिए जरूरी सहयोग देने का निर्णय लिया। अब 26 नवंबर को ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स की मीटिंग में इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
भारत ने पहली बार 2010 में होस्ट किया
भारत ने पहली बार 2010 में कॉमनवेल्थ गेम्स होस्ट किया था। तब ये गेम्स नई दिल्ली में हुए थे। भारत ने 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स में कुल 101 मेडल जीते थे। इनमें से 38 गोल्ड, 27 सिल्वर और 36 ब्रॉन्ज थे।
इसकी शॉर्ट हिस्ट्री जान लीजिए
कॉमनवेल्थ गेम्स (राष्ट्रमंडल खेल) 1930 में पहली बार कनाडा के हैमिल्टन शहर में हुए थे। शुरू में इसे ब्रिटिश एम्पायर गेम्स कहा जाता था। इसमें तब 11 देशों के करीब 400 खिलाड़ी हिस्सा लेते थे। ये खेल हर चार साल में होते हैं, लगभग ओलंपिक की तरह।
यह गेम उन देशों के बीच होता है जो कभी ब्रिटिश साम्राज्य का हिस्सा थे। फिलहाल इसमें 54 देश भाग लेते हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स का मकसद खेलों के जरिए देशों के बीच दोस्ती और शांति को बढ़ावा देना है।

