CWG 2026 में हमारे मेडल कम हो सकते हैं: शूटिंग-रेसलिंग समेत कई गेम्स हटाए, पिछली बार में 61 मेडल जीते थे
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स्पोर्ट्स डेस्क. कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) में भारत हमेशा मेडल जीतने वाले देशों में शामिल रहा है। लेकिन इस बार ग्लासगो (Glasgow) में होने वाले CWG 2026 में भारत का मेडल कलेक्शन पिछली बार के मुकाबले काफी कम रह सकता है। सबसे बड़ी वजह इस बार का बदला हुआ स्पोर्ट्स प्रोग्राम है।
यह स्पोर्ट्स ही नहीं होंगे
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में कई ऐसे स्पोर्ट्स शामिल नहीं किए गए हैं, जिनमें भारत लगातार मेडल जीतता रहा है। शूटिंग, रेसलिंग, बैडमिंटन, क्रिकेट, हॉकी और टेबल टेनिस जैसे इवेंट्स इस बार प्रोग्राम का हिस्सा नहीं हैं। यही वे स्पोर्ट्स हैं, जहां से भारत को हर बार सबसे ज्यादा मेडल मिलते रहे हैं।

CWG 2022 में इन खेलों से आए थे सबसे ज्यादा मेडल
बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भारत ने कुल 61 मेडल जीते थे। इनमें 22 गोल्ड, 16 सिल्वर और 23 ब्रॉन्ज शामिल थे। इन 61 में से बड़ी संख्या शूटिंग, रेसलिंग, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, बॉक्सिंग और वेटलिफ्टिंग जैसे स्पोर्ट्स से आई थी। इस बार इनमें से कई इवेंट्स ही नहीं होंगे।
कुल इवेंट्स भी कम हुए
ग्लासगो 2026 में इवेंट्स और मेडल दोनों की संख्या पहले के मुकाबले कम कर दी गई है। ऐसे में हर देश के लिए मेडल जीतने के मौके भी घट गए हैं। भारत के कई बड़े एथलीट, जैसे नीरज चोपड़ा (Javelin Throw) और मीराबाई चानू (Weightlifting), अपने-अपने इवेंट्स में मेडल के दावेदार होंगे। लेकिन जिन स्पोर्ट्स में भारत की सबसे ज्यादा ताकत रही है, उनके बाहर होने से मेडल टैली पर असर पड़ सकता है।

भारत के नाम 564 मेडल
अब तक भारत कॉमनवेल्थ गेम्स में 564 मेडल जीत चुका है। इनमें 203 गोल्ड, 190 सिल्वर और 171 ब्रॉन्ज शामिल हैं। लेकिन 2026 में बदले हुए फॉर्मेट की वजह से इस बार भारत के लिए पिछली बार जैसी उम्मीद करना आसान नहीं होगा।

