स्विमर बुला चौधरी के घर में चौथी बार चोरी: पद्मश्री, रजत, कांस्य पदक व विदेशी पुरस्कार ले गए चोर, बुला ने कहा– मेरी जिंदगी की धरोहर नहीं बचीं
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बुला चौधरी ने 2000 में जिब्राल्टर जलडमरूमध्य को 3 घंटे 35 मिनट में तैरकर पार किया था, जो एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है। ( फाइल फोटो )
भारतीय तैराक बुला चौधरी के हुगली जिले में स्थित पुश्तैनी घर में चोरी हुई है। न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक- चोर पीछे के दरवाजे से अंदर घुसकर पद्मश्री, राष्ट्रपति पुरस्कार, स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक सहित कई विदेशी पुरस्कार भी चुरा ले गए। बुला के घर में चौथी बार चोरी हुई है।
चोर उनके घर का सामान, टॉयलेट के बेसिन का नल भी उखाड़ ले गए। वर्तमान में बुला अपने परिवार के साथ कोलकाता में रहती हैं। समय-समय पर अपने पुश्तैनी घर जाती हैं। घर की देखरेख उनके भाई डोलोन चौधरी करते हैं, जो अपने दादा-दादी के साथ वहीं रहते हैं।
बुला ने कहा - चोर सब कुछ ले गए जो मैंने पूरी जिंदगी कड़ी मेहनत और समर्पण से कमाया था। मेरे सारे मेडल, जिनमें साउथ एशियाई खेलों (SAAF Games) में जीते छह स्वर्ण पदक और पद्मश्री भी शामिल है, सब चोरी हो गए हैं। मैंने अपने जीवन की कमाई खो दी है।
पूर्व तैराक ने यह भी आरोप लगाया कि चोर उनकी सभी यादगार निशानियां ले गए, लेकिन अर्जुन पुरस्कार और तेनजिंग नोर्के पुरस्कार छोड़ गए। उन्होंने कहा - शायद वे अर्जुन पुरस्कार और तेनजिंग मेडल्स को पहचान नहीं पाए, क्योंकि उनका आकार छोटा है।
पुलिस के मुताबिक - स्वतंत्रता दिवस की छुट्टी के दिन मिलन चौधरी अपनी बहन के कहने पर घर को साफ करने गए थे। वहां पहुंचने पर उन्होंने पीछे का दरवाजा टूटा हुआ देखा और घर का सारा सामान बिखरा हुआ पाया।
कोलकाता से खबर मिलते ही बुला उत्तरपाड़ा पहुंचीं। उन्होंने याद किया कि इससे पहले भी चोरी हुई थी और आरोप लगाया कि पुलिस शिकायत करने के बावजूद सही जांच नहीं की गई। उन्होंने सवाल किया - वे मेडल क्यों चुरा रहे हैं? उन्हें बेचकर कोई पैसा तो मिलेगा नहीं। ये तो मेरी जिंदगी की धरोहर हैं, मेरे करियर की कमाई। मेरा घर हमेशा इसलिए निशाना बनता है क्योंकि वह खाली रहता है।
कौन हैं बुला चौधरी
बुला चौधरी भारतीय महिला तैराक हैं। उन्होंने कई इंटरनेशनल इवेंट्स में हिस्सा लिया और भारत के लिए कई मेडल जीते। वे दुनिया की पहली महिला तैराक हैं, जिन्होंने सातों समुद्र तैरे हैं। बुला को पद्मश्री और अर्जुन पुरस्कार मिल चुके हैं। 2006 से 2011 तक वे पश्चिम बंगाल विधानसभा की विधायक भी रहीं। बुला चौधरी को "जलपरी" की उपाधि भी दी गई है। उनके तैराकी कॅरियर में कई विश्व रिकॉर्ड शामिल हैं। जैसे, उन्होंने 2004 में श्रीलंका से तमिलनाडु तक पाल्क जलडमरूमध्य तैरा, जो बहुत ही कठिन और खतरनाक माना जाता है।

