बॉक्सिंग डे टेस्ट क्या है: MCG में क्रिकेट की परंपरा और एशेज की किस्मत बदलती है, ऑस्ट्रेलिया–इंग्लैंड चौथा टेस्ट आज से
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बॉक्सिंग डे टेस्ट हर साल 26 दिसंबर को मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) में खेला जाने वाला यह टेस्ट मैच दुनियाभर के क्रिकेट फैन्स के लिए खास होता है। 2025 में भी यह मुकाबला उतना ही अहम है, भले ही एशेज सीरीज में ऑस्ट्रेलिया पहले ही इंग्लैंड पर 3-0 की बढ़त बना चुका हैं।
स्पोर्ट्स डेस्क. ऑस्ट्रेलिया में क्रिकेट सिर्फ एक खेल नहीं बल्कि एक परंपरा है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण है बॉक्सिंग डे टेस्ट हर साल 26 दिसंबर को मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) में खेला जाने वाला यह टेस्ट मैच दुनियाभर के क्रिकेट फैन्स के लिए खास होता है। 2025 में भी यह मुकाबला उतना ही अहम है, भले ही एशेज सीरीज में ऑस्ट्रेलिया पहले ही इंग्लैंड पर 3-0 की बढ़त बना चुका हैं।
बॉक्सिंग डे टेस्ट ही नाम क्यों
बॉक्सिंग डे 26 दिसंबर को मनाया जाता है और यह ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका जैसे देशों में छुट्टी का दिन रहता है। इस नाम की शुरुआत 17वीं सदी के ब्रिटेन से मानी जाती है। उस समय अमीर लोग क्रिसमस के अगले दिन गरीबों और जरूरतमंदों को पैसे, खाना या सामान से भरे “क्रिसमस बॉक्स” दिया करते थे। इसी वजह से इस दिन को बॉक्सिंग डे कहा जाने लगा। इसके अर्थ बॉक्सिंग यानी मुक्केबाजी नहीं, बल्कि गिफ्ट से भरे बॉक्स यानी डिब्बे तोहफे में देने से है।
समय के साथ यह दिन छुट्टी और फंक्शन के लिए मशहूर हो गया। ऑस्ट्रेलिया में इसी छुट्टी का फायदा उठाकर बड़े बड़े खेल इवेंट की शुरुआत हुई जिसमें बॉक्सिंग डे टेस्ट सबसे जरुरी दिन बन गया।

बॉक्सिंग डे टेस्ट का इतिहास
पहला बॉक्सिंग डे टेस्ट 1950 में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच MCG में खेला गया था। इसके बाद यह मैच लगभग हर साल होने लगा और धीरे-धीरे क्रिकेट कैलेंडर का मेन पार्ट बन गया।हालांकि इंग्लैंड के खिलाफ यह मैच सबसे ज्यादा चर्चित रहा है, लेकिन भारत, पाकिस्तान, साउथ अफ्रीका और वेस्टइंडीज जैसी टीमें भी यहां बॉक्सिंग डे टेस्ट खेलती रही हैं।

MCG का महत्व
मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड दुनिया के सबसे बड़े और ऐतिहासिक स्टेडियमों में से एक है। इसकी कैपेसिटी 90 हजार से ज्यादा दर्शकों की है।यहां बॉक्सिंग डे टेस्ट के दौरान इतनी भीड़ होती है कि कई बार दूसरे देशों की पूरी टेस्ट सीरीज के दर्शक से भी ज्यादा लोग सिर्फ एक मैच देखने आ जाते हैं। बॉक्सिंग डे टेस्ट क्रिसमस और नए साल के बीच खेला जाता है।
इस समय तक खिलाड़ियों की थकान, टीम चयन, पिच की हालत और रणनीति बहुत अहम हो जाती है। ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के लिए MCG में अच्छा परफॉर्म करना सम्मान की बात मानी जाती है, जबकि विदेशी टीमों पर जबरदस्त दबाव रहता है।

इंग्लैंड के लिए ये क्यों अहम
ऑस्ट्रेलिया पहले ही एशेज सीरीज जीत चुका है, फिर भी यह मैच इंग्लैंड के लिए बहुत जरूरी है। इस सीरीज में इंग्लैंड की बल्लेबाजी कमजोर साबित हुई है और गेंदबाजों भी ऑस्ट्रेलिया पर दबाव नहीं बना पाए हैं। अब बॉक्सिंग डे टेस्ट इंग्लैंड के पास अपनी साख बचाने का आखिरी बड़ा मौका है, जबकि ऑस्ट्रेलिया यहां जीत दर्ज कर अपनी ताकत और दबदबा और मजबूत करना चाहेगा।
चौथे टेस्ट मैच के लिए इंग्लैंड की प्लेइंग11
जैक क्रॉली, बेन डकेट, जैकब बेथेल, जो रूट,हैरी ब्रूक, बेन स्टोक्स,जैमी स्मिथ (विकेटकीपर), विल जैक्स, गस एटकिंसन, ब्रायडन कार्स और जोश टंग.
ऑस्ट्रेलिया की प्लेइंग 11
ट्रेविस हेड, जैक वेदराल्ड, मार्नस लाबुशेन, स्टीव स्मिथ (कप्तान), उस्मान ख्वाजा, एलेक्स कैरी (विकेटकीपर), कैमरन ग्रीन, मिचेल स्टार्क, स्कॉट बोलैंड, माइकल नेसर, ब्रेंडन डोगेट

