'खिलाड़ी का नाम मत देखो': फिटनेस को लेकर BCCI ने टीम इंडिया के फिजियो से जवाब मांगा; अब ब्रोंको टेस्ट नया पैरामीटर
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कमलेश जैन टीम इंडिया में अभी फिजियो हैं। साल 2022 में नितिन पटेल की जगह नियुक्त हुए थे। (फोटो सोर्स -@BCCI)
स्पोर्ट्स डेस्क. टीम इंडिया के प्लेयर्स की लगातार इंजरी और फिटनेस को लेकर BCCI सख्त हो गया है। बोर्ड ने फिजियो कमलेश जैन से जवाब मांगा है। यह बात मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आ रही हैं। वहीं बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) अब फिटनेस प्रोग्राम में बदलाव की तैयारी कर रहा है।
इंग्लैंड दौरे पर खिलाड़ियों के बार-बार क्रैम्प आने और फील्डिंग में कमजोरी को लेकर भी नाराजगी जताई गई।

ब्रोंको टेस्ट होगा फिटनेस पैरामीटर
रिपोर्ट्स के मुताबिक, CoE अब अलग-अलग प्लेयर्स के लिए अलग फिटनेस टेस्ट की जगह एक स्टैंडर्ड बेस फिटनेस पैरामीटर लागू करेगा। अब यो-यो टेस्ट की जगह ब्रोंको टेस्ट को फिटनेस का मेजर पैमाना बनाया गया है। प्लेयर्स को फिट डिक्लेयर होने के लिए ब्रोंको टेस्ट 5.15 से 5.20 मिनट में पूरा करना होगा। वहीं 2 किलोमीटर रन 9 से 10 मीनट के अंदर पूरी करनी होगी।
'किसी प्लेयर्स का नाम मत देखो'
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पिछले 1 साल में कुछ सीनियर प्लेयर्स के लिए फिटनेस टारगेट आसान रखे गए थे। वहीं हर्षित राणा और नितीश कुमार रेड्डी जैसे खिलाड़ियों को भी टीम मैनेजमेंट की जरूरत के हिसाब से फिट डिक्लेयर किया गया।
कमलेश जैन से कहा गया है कि किसी प्लेयर्स की सीनियरिटी की चिंता किए बिना फिटनेस में कमी दिखे तो उसे साफ तौर पर रिपोर्ट करें। बोर्ड का मानना है कि कुछ बैटर लंबे समय तक बैटिंग करने के बाद रनिंग बिटवीन द विकेट्स में स्ट्रगल कर रहे हैं। वहीं टीम में स्लो फील्डर्स की संख्या भी बढ़ी है।

रिपोर्ट के मुताबिक, इंग्लैंड दौरे के दौरान हर्षित राणा का वजन तय सीमा से 4 किलो ज्यादा था। उन्हें 97 किलो वजन पर टीम में चुना गया था। अब CoE ने साफ कर दिया है कि उनका वजन 96 किलो से ज्यादा नहीं होना चाहिए। फिलहाल उनका वजन 94 किलो है और अगले हफ्ते उन्हें फिटनेस क्लियरेंस मिलने की उम्मीद है।

