सेना के खिलाड़ियों को 20 मेडल: 6 गोल्ड, 8 सिल्वर और 6 ब्रॉन्ज; मेडल टैली में इंडिया चौथे नंबर पर रहा
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नायब सूबेदार नीरू ढांडा ने शूटिंग में 2 गोल्ड और 1 सिल्वर जीता। उन्होंने महिलाओं के इंडिविजुअल ट्रैप इवेंट में 28 के एशियन रिकॉर्ड स्कोर के साथ गोल्ड जीता। (फोटो सोर्स - सोशस मीडिया)
स्पोर्ट्स डेस्क. Asian Games 2026 में भारतीय सेना के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। सेना के 62 खिलाड़ियों ने 15 इवेंट में हिस्सा लिया। उन्होंने 6 गोल्ड, 8 सिल्वर और 6 ब्रॉन्ज समेत कुल 20 मेडल जीते।
भारत ने एशियन गेम्स 2026 में कुल 85 मेडल जीते। इनमें 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज शामिल रहे। भारत के 21 गोल्ड में से 6 गोल्ड सेना के खिलाड़ियों ने जीते। यह पिछले एशियन गेम्स की तुलना में दोगुना है।
नीरू ढांडा ने जीते 2 गोल्ड
नायब सूबेदार नीरू ढांडा ने शूटिंग में 2 गोल्ड और 1 सिल्वर जीता। उन्होंने महिलाओं के इंडिविजुअल ट्रैप इवेंट में 28 के एशियन रिकॉर्ड स्कोर के साथ गोल्ड जीता। वह ट्रैप में इंडिविजुअल एशियन गेम्स गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं।
नायब सूबेदार गुलवीर सिंह ने एथलेटिक्स में 3 इंडिविजुअल मेडल जीते। उन्होंने 1500 मीटर और 10,000 मीटर में सिल्वर जीता। 5000 मीटर में ब्रॉन्ज अपने नाम किया। हवलदार सावन बरवाल ने मैराथन में नेशनल रिकॉर्ड के साथ सिल्वर जीता।
इससे इस इवेंट में भारत का 44 साल का मेडल का इंतजार खत्म हुआ। नायब सूबेदार सर्वेश कुशारे ने हाई जंप में सिल्वर जीता। उन्होंने इस इवेंट में भारत का 56 साल का इंतजार खत्म किया।
सेना के खिलाड़ियों ने रिकॉर्ड बनाए
नायब सूबेदार सलमान खान ने सतनाम सिंह के साथ मेन्स डबल स्कल्स में ब्रॉन्ज जीता। यह भारत का इस इवेंट में पहला एशियन गेम्स मेडल रहा। सूबेदार धीरज बोम्मादेवरा ने पुरुषों की रिकर्व तीरंदाजी में नेशनल और एशियन गेम्स क्वालिफिकेशन रिकॉर्ड बनाए।
हवलदार कमलजीत सिंह ने सुरुचि सिंह के साथ मिक्स्ड 10 मीटर एयर पिस्टल में गोल्ड जीता। दोनों ने 484.6 के एशियन गेम्स रिकॉर्ड स्कोर के साथ यह खिताब जीता। सेना के अन्य मेडलिस्ट में सूबेदार नरेंद्र बेरवाल, हवलदार धर्मवीर चौधरी, हवलदार कपिल और सूबेदार दीपक पूनिया भी शामिल रहे।

मिशन ओलिंपिक्स विंग का योगदान
भारतीय सेना के खिलाड़ियों की सफलता में मिशन ओलिंपिक्स विंग का बड़ा योगदान रहा। यह डायरेक्टर जनरल इंटीग्रेटेड ट्रेनिंग के ट्रेनिंग सिस्टम के तहत काम करता है। मिशन ओलिंपिक्स की शुरुआत 2001 में हुई थी। इसके तहत खिलाड़ियों को स्पेशलाइज्ड कोचिंग, स्पोर्ट्स साइंस सपोर्ट, स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग, न्यूट्रिशन, रिकवरी और मेंटल कंडीशनिंग की सुविधा दी जाती है।
पुणे का आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट भी इसी सिस्टम का अहम हिस्सा है। इसे 1 जुलाई 2001 को मिशन ओलिंपिक्स प्रोग्राम के तहत शुरू किया गया था। सेना के 28 स्पोर्ट्स नोड्स में करीब 9 हजार खिलाड़ियों को ट्रेनिंग दी गई है। इसमें 18 बॉयज स्पोर्ट्स कंपनी, 2 गर्ल्स स्पोर्ट्स कंपनी और एक पैरालिंपिक नोड शामिल है।

पिछले एशियन गेम्स से कम रहे भारत के गोल्ड
हांगझोऊ 2022 में भारत ने 28 गोल्ड जीते थे। इस बार भारत 21 गोल्ड ही जीत पाया। पिछले एशियन गेम्स में जीते 28 गोल्ड में से भारत सिर्फ 8 खिताब बचा सका। शूटिंग के सभी 7 गोल्ड और एथलेटिक्स के सभी 6 गोल्ड भारत के हाथ से निकल गए।
भारत ने कंपाउंड आर्चरी के तीनों टीम गोल्ड, कबड्डी के दोनों गोल्ड, क्रिकेट के दोनों गोल्ड और मेन्स हॉकी का गोल्ड जरूर बरकरार रखा।
मेडल टैली में चौथे नंबर पर भारत
भारत ने Asian Games 2026 में 506 एथलीट भेजा था। भारत ने 85 मेडल के साथ मेडल टैली में चौथा स्थान हासिल किया। चीन 341 मेडल के साथ पहले नंबर पर रहा। जापान ने 269 मेडल के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। साउथ कोरिया 150 मेडल के साथ तीसरे नंबर पर रहा। उज्बेकिस्तान ने 70 मेडल जीते।

वैभव सूर्यवंशी गोल्ड मेडलिस्ट बने
क्रिकेट में भारत ने पाकिस्तान को 19 रन से हराकर गोल्ड जीता। इस मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी भी भारतीय टीम का हिस्सा थे। वैभव 15 साल, 6 महीने और 7 दिन की उम्र में एशियन गेम्स गोल्ड जीतने वाले सबसे युवा भारतीय बने।
उन्होंने सौरभ चौधरी का रिकॉर्ड तोड़ा। सौरभ ने 2018 जकार्ता एशियन गेम्स में 16 साल, 3 महीने और 9 दिन की उम्र में 10 मीटर एयर पिस्टल में गोल्ड जीता था।

