FIFA WC फाइनल देखने नहीं जाएंगे अर्जेंटीना के राष्ट्रपति: कहा- घर बैठकर देखने से टीम जीत रही है, अपना लकी रूटीन नहीं बदलूंगा
Published: Updated:
3 min read

स्पोर्ट्स डेस्क. अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई (Javier Milei) FIFA वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल स्टेडियम में बैठकर नहीं देखेंगे। उन्होंने खुद बताया कि वह स्पेन के खिलाफ होने वाला फाइनल ऑफिशियल रेसिडेंस से ही देखेंगे। इसे प्रेसिडेंशियल पैलेस कहा जाता है।
दरअसल, मिलेई का मानना है कि अब तक उन्होंने अपनी टीम के सभी मैच घर बैठकर TV पर देखे हैं और टीम फाइनल तक पहुंची है। लिहाजा, वो नहीं चाहते कि उनका यह लकी रूटीन टूटे। अब हम इसे अंधविश्वास या सुपरस्टिशन कह सकते हैं, लेकिन मिलेई के मुताबिक तो यह उनकी लकी रूटीन है।
ये भी पढ़ें: FIFA WC 2026 में भारतीय मूल के 4 प्लेयर: 3 को खेलने का मौका, एक बेंच पर बैठा; जानिए इन चारों प्लेयर्स और उनकी टीमों का हाल
7 मैच देखे तो 8वां भी सही
मिलेई का मानना है कि जिस जगह से उन्होंने टूर्नामेंट के पिछले 7 मैच देखे। वहीं से फाइनल देखेंगे तो टीम को जीत मिलेगी। इसी वजह से वह अपना लकी रूटीन नहीं बदलना चाहते।
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह अमेरिका के न्यू जर्सी जाकर फाइनल देखेंगे, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और FIFA अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो भी मौजूद रह सकते हैं, तो उन्होंने जवाब दिया, "बिल्कुल नहीं। मैं सभी मैचों की तरह इस बार भी अपने घर से ही मैच देखूंगा।"

जैकेट को भी मानते हैं लकी चार्म
राष्ट्रपति मिलेई ने अपने इस लकी रूटीन से जुड़ा एक मजेदार किस्सा भी शेयर किया। उन्होंने बताया कि इस वर्ल्ड कप में अर्जेंटीना के मैच के दौरान उन्होंने एक ही भारी जैकेट पहनी है। स्विट्जरलैंड के खिलाफ मैच के दौरान मिलेई को इस जैकेट में गर्मी लगी, तो उन्होंने इसे कुछ देर के लिए उतार दी थी। तभी स्विट्जरलैंड की टीम ने एक गोल कर दिया था। मिलेई ने तुरंत दोबारा जैकेट पहनी और उसके बाद से मैच के दौरान उसे कभी नहीं उतारा। फाइनल में भी वह यही जैकेट पहनकर बैठेंगे।
अर्जेंटीना में आम है 'काबालास' (Superstitions)
अर्जेंटीना में इस तरह के अंधविश्वास या मान्यताओं को 'काबालास' (Cabalas) कहा जाता है। वहां के फुटबॉल फैंस का मानना है कि अगर टीम जीत रही हो, तो अपना कोई भी रूटीन नहीं बदलना चाहिए।

1990 से शुरू हुआ यह डर
दरअसल, 1990 FIFA वर्ल्ड कप इटली में हुआ था। तब अर्जेंटीना के तत्कालीन राष्ट्रपति कार्लोस मेनेम वहां पहुंचे और अपनी टीम से मुलाकात की थी। इसके ठीक बाद अर्जेंटीना इस वर्ल्ड कप का अपना पहला ही मैच कैमरून जैसी कमजोर टीम से हार गया था। इस घटना के बाद लोगों ने राष्ट्रपति मेनेम को 'मुफा' यानी अपशकुन (Bad Luck) मानना शुरू कर दिया। बस तभी से अर्जेंटीना के राष्ट्रपति वर्ल्ड कप मैच देखने के लिए स्टेडियम नहीं जाते।
यह भी पढ़े- मेसी ने कभी बेबी यमाल को नहलाया था: अब FIFA वर्ल्ड कप फाइनल में आमने-सामने, 2007 की फोटो फिर वायरल

