इस FIFA वर्ल्ड कप में फिक्सिंग के आरोप: अर्जेंटीना के कोच बोले- लोग नहीं चाहते हम फिर चैंपियन बने, सभी फैसले रूल्स के हिसाब से हो रहे
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स्कालोनी की कोचिंग में अर्जेंटीना ने 2021 और 2024 में कोपा अमेरिका, 2022 फीफा वर्ल्ड कप और 2022 फाइनलिसिमा का खिताब अपने नाम किया था। (फाइल फोटो)
स्पोर्ट्स डेस्क. FIFA वर्ल्ड कप 2026 में अर्जेंटीना दमदार प्रदर्शन के साथ क्वार्टरफाइनल में पहुंची है। इसी बीच टीम पर और FIFA पर फिक्सिंग के आरोप भी लगे हैं। कुछ टीमों और फैंस का कहना है कि अर्जेंटीना को ड्रॉ, रेफरी के फैसलों और VAR का फायदा मिल रहा है। इन आरोपों को लेकर पहली बार अर्जेंटीना के कोच लियोनेल स्कालोनी ने बयान दिया है। उन्होंने कहा कि लोग नहीं चाहते हम फिर चैंपियन बने। सभी फैसले रूल्स के हिसाब से हो रहे हैं।
फीफा अर्जेंटीना का साथ दे रहा है
स्कालोनी ने टीम पर लग रहे 'वर्ल्ड कप फिक्स है' और 'FIFA अर्जेंटीना का साथ दे रहा है' जैसे आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा- यह कोई नई बात नहीं है। जब भी अर्जेंटीना अच्छा परफॉर्मेंस करता है, ऐसे आरोप सामने आने लगते हैं। कई लोग हैं जो नहीं चाहते कि अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार वर्ल्ड कप जीते। उनके मुताबिक, पिछली बार चैंपियन बनने के बाद हमारी टीम विरोधियों के निशाने पर है। हालांकि, उनकी टीम इन बातों से परेशान होने के बजाय इन्हें अपनी ताकत बना रही है।
स्कालोनी ने आगे कहा- आलोचना और ताने हमारे खिलाड़ियों तक भी पहुंचते हैं, लेकिन हम इन्हीं बातों को मोटिवेशन की तरह लेते हैं। खिलाड़ी मैदान पर और बेहतर खेलने की कोशिश करते हैं ताकि अपने प्रदर्शन से जवाब दे सकें।

1986 में भी ऐसा हुआ था
स्कालोनी ने याद दिलाया कि 1986 में भी, जब अर्जेंटीना ने डिएगो माराडोना की कप्तानी में वर्ल्ड कप जीता था, तब भी ऐसे ही आरोप लगाए गए थे। अर्जेंटीना हमेशा ऐसी टीम रही है, जिसके बारे में लोग अलग-अलग राय रखते हैं। इसलिए मौजूदा विवाद उन्हें बिल्कुल नया नहीं लगता।
अर्जेंटीना का मैच स्विट्जरलैंड से
इस वर्ल्ड कप में अर्जेंटीना के सफर को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। अगर टीम स्विट्जरलैंड को हराकर सेमीफाइनल में पहुंचती है, तो वह टॉप-10 रैंकिंग वाली किसी भी टीम का सामना किए बिना अंतिम चार में पहुंच जाएगी। इसी वजह से सोशल मीडिया पर कई लोग टूर्नामेंट के ड्रॉ और शेड्यूल पर सवाल उठा रहे हैं।

VAR विवाद बढ़ गया था
इजिप्ट के खिलाफ प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले के बाद भी विवाद बढ़ गया था। उस मैच में इजिप्ट का एक गोल VAR जांच के बाद रद्द कर दिया गया था। दावा किया गया कि गोल बनने से करीब 10 सेकंड पहले हुए फाउल की वजह से यह फैसला लिया गया। इसके बाद कई फैंस और फुटबॉल एक्सपर्ट्स ने VAR के इस्तेमाल पर सवाल उठाए।
इस मुद्दे पर स्कालोनी ने कहा कि VAR किसी टीम की मदद करने के लिए नहीं है। उन्होंने बताया कि टूर्नामेंट शुरू होने से पहले सभी टीमों को नियमों की पूरी जानकारी दी गई थी और रेफरी उसी के अनुसार फैसले ले रहे हैं। उनके मुताबिक, VAR में मनमर्जी की कोई गुंजाइश नहीं है। जो नियम पहले से तय हैं, उन्हीं का पालन किया जा रहा है।
अब अर्जेंटीनाई टीम की नजर स्विट्जरलैंड के खिलाफ होने वाले क्वार्टर फाइनल मुकाबले पर है। टीम यह मैच जीत के साथ लगातार दूसरी बार वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में जगह बनाना चाहेगी।

