अमनजोत वर्ल्ड कप खेल रही थीं, दादी ICU में भर्ती: पिता ने छिपाई दादी के हार्ट अटैक की बात; फिर अमनजोत ने दिलाई ट्रॉफी
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स्पोर्ट्स डेस्क. भारतीय महिला टीम ने अपना पहला वनडे वर्ल्ड कप खिताब जीत लिया है। टीम ने रविवार (2 नवंबर) को हुए फाइनल में साउथ अफ्रीका को हराकर ट्रॉफी जीत ली है। इसके बाद बैटिंग ऑलराउंडर अमनजोत कौर के पिता भूपिंदर सिंह ने एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड कप के दौरान ही अमनजोत की दादी को हार्ट अटैक आया था।
भूपिंदर ने कहा कि हमने यह बात अमनजोत से छिपा ली थी, ताकी उसका पूरा फोकस वर्ल्ड कप पर ही रहे। यही वजह है कि उसका प्रदर्शन दमदार रहा और फाइनल मैच में शानदार कैच लेकर टीम को ट्रॉफी दिलाई।
दादी ही अमनजोत का ध्यान रखती थीं
अमनजोत के पिता ने कहा- मेरी मां भगवंती और अमनजोत का एकदूसरे से गहरा लगाव है। जब अमनजोत मोहाली में सड़कों पर और फेस-5 में हमारे घर के पास पार्क में क्रिकेट खेलने जाया करती थी, तब से उसकी दादी उसके साथ रही हैं।
भूपिंदर ने कहा- जब मैं बालोंगी शहर में कारपेंटर की दुकान पर काम करता था तो तब अमनजोत के खेल का ध्यान उसकी दादी ही रखती थी। जब मां को हार्ट अटैक आया तो हमने अमनजोत को नहीं बताया। कुछ दिन अस्पताल एडमिट भी किया। अब यह वर्ल्ड कप जीत हमारे लिए मरहम की तरह है।
फाइनल में अमनजोत ने लिया मैच विनिंग कैच
वर्ल्ड कप फाइनल में भारतीय टीम ने 299 रन का टारगेट सेट किया था। जवाब में साउथ अफ्रीका ने 41 ओवर में 6 विकेट पर 220 रन बना लिए थे। यहां से जीत के लिए 54 बॉल पर 79 रन चाहिए थे। अफ्रीकी कप्तान लाउरा वोलवार्ड 101 रन बनाकर खेल रही थीं। मैच हाथ से निकलता दिख रहा था, तभी दीप्ति शर्मा की बॉल पर वोलवार्ड ने हवाई शॉट खेला।
इसी दौरान अमनजोत ने शानदार अंदाज में यह कैच लपका। एक समय यह कैच भी छूटने वाला था, लेकिन अमनजोत ने जज्बे के साथ कैच नहीं छोड़ा। वोलवार्ड 98 बॉल पर 101 रन बनाकर आउट हुईं और यह विकेट भारतीय टीम के लिए बेहद अहम साबित हुआ। यहीं से पूरा मैच पलटा।
अमनजोत ने कैच को लेकर क्या कहा था
मैच के बाद इस कैच को लेकर अमनजोत ने कहा- हम जानते थे कि यह कैच हमारे लिए कितना अहम है। मेरी जिंदगी में पहली बार मैं इस बात से खुश हूं कि मुझे इस कैच को पकड़ने का दोबारा मौका मिला। मेरे लिए इस कैच के बड़े मायने हैं।

