सरला भट्ट हत्याकांड: यासीन मलिक मौत की सजा के लिए तैयार, पत्नी मुशाल से लिया तलाक
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यासीन मलिक ने पाकिस्तानी नागरिक मुशाल हुसैन से 2009 में शादी की थी।
नेशनल डेस्क. जम्मू कश्मीर लिब्रेशन फ्रंट (JKLF) चीफ यासीन मलिक अभी तिहाड़ जेल में बंद है। उसने श्रीनगर की एक कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा कि वह कश्मीरी पंडित नर्स सरला भट्ट की हत्या के मामले में अब और केस नहीं लड़ना चाहता और वह सजा-ए-मौत के लिए तैयार है। इतना ही नहीं यासीन मलिक ने पत्नी मुशाल हुसैन मलिक को तलाक देने का भी ऐलान किया।
यासीन मलिक ने श्रीनगर एडिशनल सेशन कोर्ट में बुधवार को अपनी वकील द्वारा 25 पेज का हलफनामा दायर किया है। इस मामले में 19 सितंबर को सुनवाई होगी।
मलिक ने हलफनामे में क्या कहा
मलिक ने कहा- अब वह सरला भट्ट केस और नहीं लड़ना चाहता। हालांकि, उसने कहा कि केस न लड़ने के फैसले को अपराध स्वीकार करने के तौर पर न माना जाना जाए। उसने कहा कि अब मैं और केस नहीं लड़ूंगा, मेरे लिए मौत की सजा पर विचार किया जाए।
केस में गलत फंसाया गया- यासीन मलिक
मलिक ने कहा कि उसे राजनीतिक वजहों से इस केस में झूठा फंसाया गया है। उसने कहा कि कार्यवाही से हटने का फैसला विचार-विमर्श के बाद लिया गया है।
कौन थीं सरला भट्ट, क्या है पूरा केस
दरअसल, सरला भट्ट श्रीनगर के SKIMS हॉस्पिटल में काम करती थीं। उन्हें 18 अप्रैल को ड्यूटी से लौटते वक्त किडनैप कर लिया गया था। इसके बाद उन्हें कथित तौर पर इलाहीबाग-लाल बाजार क्षेत्र में लाया गया। जहां उनके साथ मारपीट की गई, टॉर्चर और रेप किया गया। इसके बाद उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। शव को अगले दिन श्रीनगर के मल्लाबाग-ओमर कॉलोनी रोड पर फेंक दिया गया।

चार्जशीट में यासीन मलिक को मास्टरमाइंड बताया गया
सरला भट्ट रेप मर्डर केस में जम्मू कश्मीर स्टेट इंवेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) ने पिछले दिनों 35 साल बाद 737 पेज की चार्जशीट दाखिल की। चार्जशीट में मोहम्मद यासीन मलिक को इस केस का मास्टरमाइंड बताया गया। श्रीनगर की TADA कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में आरोप लगाया गया है कि ये आतंकवाद की कोई नई घटना नहीं थी। बल्कि JKLF की कश्मीरी पंडितों के खिलाफ टारगेटेड हिंसा से जुड़े मामलों में से एक था। इसका मकसद घाटी में डर फैलाकर बड़ी संख्या में कश्मीरी पंडितों का पलायन कराना था।

यासीन के कहने पर इस घटना को अंजाम दिया गया। यासीन के अलावा खुर्शीद अहमद चाल्कू, अब्दुल हामिद शेख, मोहम्मद युसुफ सोफी (इदरीस) और गुलाम मोहम्मद टापलू को आरोपी बनाया गया है। यासीन मलिक को टेरर फंडिंग केस में दोषी पाया गया। वह तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा है। खुर्शीद अहमद चाल्कू, जिसने सरला पर गोली चलाई थी, वह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में भाग गया। जबकि शेख-सोफी और टापलू की मौत हो गई।
यासीन मलिक ने पत्नी से तलाक का ऐलान किया
यासीन मलिक ने अपने बयान में पत्नी मुशाल हुसैन मलिक को तलाक देने का भी ऐलान किया। मुशाल पाकिस्तानी नागरिक हैं। दोनों की शादी 2009 में हुई थी, दोनों की एक बेटी भी है।
पत्नी के लिए लिखा संदेश
यासीन ने लिखा- हलफनामे के जरिए पत्नी और बेटी को भी संदेश देना चाहता हूं। पिछले 8 सालों से मैं आवाज तक नहीं सुन पाया हूं और न ही बात कर पाया हूं। क्योंकि मुझे जेल से फोन पर बात करने या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करने की अनुमति नहीं है।


