विधानसभा उपचुनाव नहीं लड़ेंगी ममता बनर्जी: नंदीग्राम में TMC ने संचिता प्रधान को टिकट दिया; पहले पूर्व CM के लड़ने की चर्चा थी
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विधानसभा चुनाव के बाद पहली बार BJP-TMC की आमने सामने हैं। लेकिन ममता बनर्जी ने इस चुनाव से दूरी बना ली है। (फाइल फोटो)
नेशनल डेस्क. पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम-रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव में TMC ने अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। नंदीग्राम से संचीता प्रधान डे और रेजीनगर से रबीउल आलम चौधरी उम्मीदवार हैं।
पहले कयास लगाए जा रहे थे कि ममता बनर्जी नंदीग्राम से उपचुनाव लड़ सकती हैं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। 15 साल में ऐसा पहला मौका है, जब ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल विधानसभा में नहीं रहेगी।
सुवेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद खाली हुई सीट
नंदीग्राम सीट सुवेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद खाली हुई है, वहीं रेजीनगर आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के नेता हुमायूं कबीर के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। उन्होंने मुर्शिदाबाद जिले की रेजीनगर और नौदा दोनों सीटों पर जीत हासिल की थी।
पार्टी ने नंदीग्राम में संचिता के नाम का चौंकाने वाला ऐलान करके भावनात्मक और राजनीतिक संदेश दिया है। 2007 में नंदीग्राम मूवमेंट के जरिए ही ममता बनर्जी 2011 में सत्ता तक पहुंची थी। अब ममता बनर्जी ने एक नया चेहरा उतार कर सबको चौंका दिया है।
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कौन हैं संचिता देव
2026 विधानसभा चुनाव में TMC ने यहां से सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ पबित्रो कर को मैदान में उतारा था। अब पबित्रो कर BJP में शामिल हो चुके हैं। संचिता देव और पबित्रो कर एक ही बूथ से वोटर हैं।
संचिता प्रधान पेशे से सरकारी प्राइमरी स्कूल टीचर हैं। वह नंदीग्राम के बोयल-2 पंचायत की रहने वाली हैं। टीचर भर्ती घोटाले में उनकी जॉब चली गई थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर के बाद उन्हें स्कूल की जॉब वापस मिल गई।
संचिता 2008 से TMC से जुड़ी हुई हैं। 2018 से 2023 के बीच पंचायत समिति की सदस्य भी रह चुकी हैं। वह 2 बार पंचायत चुनाव लड़ चुकी हैं और एक बार नंदीग्राम-2 से पंचायत समिति का चुनाव हार चुकी हैं।

