सीपी राधाकृष्ण ने उपराष्ट्रपति चुनाव जीता: INDIA ब्लॉक के सुदर्शन रेड्डी को 152 वोट से हराया; जानिए संसद भवन में दिनभर क्या-कुछ हुआ
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NDA के सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति चुनाव में 452 वोट मिले।
नेशनल डेस्क। सीपी राधाकृष्णन भारत के अगले उपराष्ट्रपति होंगे। आज (9 सितंबर) संसद भवन में हुई वोटिंग में उन्हें विपक्षी उम्मीदवार से 150 वोट ज्यादा मिले। राधाकृष्णन को NDA ने मैदान में उतारा था। उनके सामने 'INDIA' ब्लॉक के बी सुदर्शन रेड्डी की चुनौती थी।
जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद खाली हुए उपराष्ट्रपति पद के लिए आज सुबह 10 बजे वोटिंग शुरू हुई। यह शाम 5 बजे तक चली। इस दौरान कुल 768 सांसदों ने वोट डाला।
12 सांसदों ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया
ओडिशा में नवीन पटनायक के बीजू जनता दल, तेलंगाना में के. चंद्रशेखर राव की भारत राष्ट्र समिती और पंजाब में सुखबीर बादल के अकाली दल ने इस वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया।
राधाकृष्णन को 452 वोट हासिल हुए। वहीं सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट मिले। वैसे, राधाकृष्णन की जीत पहले से ही सुनिश्चित मानी जा रही थी। ऐसा इसलिए क्योंकि संसद के दोनों सदनों में NDA के पास बहुमत है। हालांकि विपक्षी दल को क्रॉस वोटिंग की उम्मीद थी।
विपक्षी नेता इस चुनाव में लगातार NDA सांसदों से अंतरात्मा की आवाज पर वोट देने की अपील भी करते नजर आए थे। अब जब नतीजे सामने है तो साफ है कि सांसदों ने अपनी पार्टी लाइन के तहत ही वोट डाले।
उपराष्ट्रपति चुनाव के नतीजे के लिए लाइव अपडेट्स यहां पढ़ें...
- अकाली दल ने उपराष्ट्रपति चुनाव से दूरी बनाने का कारण साफ कर दिया है। पार्टी का कहना है कि पंजाब में भयानक बाढ़ के बावजूद केन्द्र सरकार से पर्याप्त मदद नहीं मिली। इसीलिए उनके सांसद उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए हो रही वोटिंग में हिस्सा नहीं ले रहे हैं।
- केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने वोटिंग के लिए जाने से पहले कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि NDA उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन ही इस चुनाव को जीतेंगे।
- हिमाचल प्रदेश की मंडी से BJP सांसद कंगना रनौत ने वोट डाला।
- कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा है कि उपराष्ट्रपति का चुनाव पूरा INDIA ब्लॉक मिलकर लड़ रहा है। हमने देश के सभी सांसदों से अंतरात्मा की आवाज सुनकर वोट डालने की अपील की है।
- केन्द्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने INDIA ब्लॉक के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी पर एक बार फिर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के जज के तौर पर सुदर्शन रेड्डी के एक फैसले के कारण छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद खत्म करने में 8 साल लग गए। उनकी विचारधारा के कारण ही उनकी हार तय है।
- बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा- नतीजे का इंतजार कीजिए। BJP-NDA के उम्मीदवार की जीत तय है। उनका पूरा जीवन उपलब्धियों से भरा रहा है। मुझे यकीन है कि वह बड़े अंतर से जीत दर्ज करेंगे।
- केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक साथ संसद में एंट्री की। दोनों एक दूसरे का हाथ पकड़कर चलते नजर आए। इस दौरान दोनों किसी बात को लेकर ठहाके लगाते हुए भी दिखे।
- मोदी सरकार में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल का कहना है कि NDA प्रत्याशी सीपी राधाकृष्णन की जीत पक्की है। विपक्षी दल मुंगेरी लाल के हसीन सपने देख सकते हैं लेकिन NDA एकजुट है।
- अखिलेश यादव ने वोट डालने से पहले कहा- आंकड़े कुछ भी कह रहे हों लेकिन इस बार वोटिंग अंतरआत्मा की आवाज पर होगी। पूरा देश जानता है कि बीजेपी लोगों का इस्तेमाल कर उन्हें फेंकने का काम करती है। यही चीज पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ जी के साथ हुई, जो लापता ही हो गए हैं।
- शिवसेना (UBT) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने दावा किया है कि NDA के कई सदस्य INDIA ब्लॉक के उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी को वोट देंगे।
- PM मोदी ने मंगलवार सुबह करीब 10.15 बजे पहला वोट डाला। वोटिंग बैलट बॉक्स के जरिए कराई जा रही है। प्रधानमंत्री बैलट बॉक्स में वोटिंग स्लिप डालते नजर आए।

- INDIA ब्लॉक के उम्मीदवार और पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज बी. सुदर्शन रेड्डी ने कहा- मुझे अपनी जीत का पूरा भरोसा है। मेरा मकसद सिर्फ लोगों की अंतरात्मा को जगाना है। मैंने कभी क्रॉस-वोटिंग की बात नहीं की और न ही उन्हें इस बारे में कुछ पता है। यह चुनाव केवल राजनीतिक समीकरणों का नहीं बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और जनता की आवाज़ का इम्तिहान है।
लोकसभा और राज्यसभा में कुल 781 वोट
लोकसभा में अध्यक्ष को छोड़कर 542 सीटें हैं। वहीं, राज्यसभा में 239 सांसद हैं। 6 सीटें खाली हैं। ऐसे में उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए कुल 781 वोट हैं। जीत के लिए उम्मीदवार को 391 वोट चाहिए। NDA के पास 425 (लोकसभा-293 और राज्यसभा में 132) सांसद हैं। इसलिए सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति चुनाव जीतने में कोई दिक्कत नहीं होगी।
लोकसभा - 542 (अध्यक्ष को छोड़कर)
| NDA | 293 |
| विपक्ष | 234 |
| अन्य | 15 |
राज्यसभा - कुल संख्या 245-6 = 239
| NDA | 132 |
| विपक्ष | 77 |
| अन्य | 30 |
BRS और BJD के फैसले के बाद बदली तस्वीर
भारतीय राष्ट्र समिति (BRS) और नवीन पटनायक के नेतृत्व वाली बीजू जनता दल (BJD) ने वोटिंग से दूरी बनाने का ऐलान किया है। ये दोनों पार्टियां न NDA में हैं और न ही इंडिया गठबंधन में। BJD के पास 7 राज्यसभा सांसद हैं। जबकि BRS के पास 3 सीटें हैं। अगर ये दोनों पार्टियां वोटिंग में हिस्सा नहीं लेती तो कुल वोट 770 रह जाएंगे। ऐसे में बहुमत का आंकड़ा 386 रह जाएगा। ऐसे में NDA उम्मीदवार और भी आसानी से जीत का आंकड़ा हासिल कर लेंगे।
और बढ़ सकते हैं NDA के वोट
आंध्र प्रदेश की जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली YSR भी किसी गठबंधन का हिस्सा नहीं है। माना जा रहा है कि YSR के सांसद NDA उम्मीदवार को वोट देंगे। YSR के 11 सांसद हैं। ऐसे में NDA के पास 436 सांसदों का समर्थन हो जाएगा।
इसके अलावा स्वाती मालीवाल आम आदमी पार्टी से राज्यसभा सांसद हैं। वे AAP से नाराज चल रही हैं। स्वाती NDA प्रत्याशी के पक्ष में वोटिंग कर सकती हैं। इसके साथ ही 7 लोकसभा सांसद निर्दलीय है। अकाली दल और ZPM (मिजोरम) इन दोनों पार्टियों के एक-एक सांसद हैं। अब इनके वोट को लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
INDIA ब्लॉक के पास कितने वोट
इंडिया ब्लॉक के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सुप्रीम कोर्ट के रिटार्यड जज बी सुदर्शन रेड्डी हैं। दोनों सदन में INDIA ब्लॉक के 324 वोट हैं।
क्या जगदीप धनखड़ का रिकॉर्ड तोड़ पाएंगे राधाकृष्णन
मौजूदा समय में NDA के पास 55 प्रतिशत वोट हैं। गठबंधन का लक्ष्य इस आंकड़े को 60 प्रतिशत के ऊपर ले जाना है। हालांकि, पिछले उपराष्ट्रपति चुनाव की बराबरी करना मुश्किल माना जा रहा है। 2022 में NDA उम्मीदवार जगदीप धनखड़ को 74.4 प्रतिशत वोट मिले थे, जो उपराष्ट्रपति चुनाव के इतिहास में 3 दशक में सबसे बड़ी जीत थी।
उपराष्ट्रपति चुनाव में 3 बड़ी जीत
⦁ उपराष्ट्रपति चुनाव के इतिहास में सबसे बड़ी जीत केआर नारायणन के नाम दर्ज है। 1992 में उनके सामने निर्दलीय काका जोगिंदर सिंह उतरे थे। 790 सांसदों में 711 ने वोट डाला था। इनमें से 10 वोट अमान्य घोषित हो गए। जोगिंदर को सिर्फ 1 वोट मिला, जबकि केआर नारायणन को 700 वोट मिले।
⦁ दूसरी बड़ी जीत निर्दलीय उम्मीदवार जाकिर हुसैन के नाम है। 1962 के चुनाव में जाकिर हुसैन को 97.59 फीसदी यानी 568 वोट मिले, जबकि सामंतसिंहार को मात्र 14 वोट मिले।
⦁ 2022 के उपराष्ट्रपति चुनाव में जगदीप धनखड़ को 74.37% यानी 528 वोट मिले। जबकि उनके खिलाफ चुनाव मैदान में उतरे विपक्ष के उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा को 25.63% यानी 182 वोट मिले थे।
उपराष्ट्रपति चुनाव कैसे होगा?
संविधान के आर्टिकल 66 के अनुसार, उपराष्ट्रपति को दोनों सदन से बने निर्वाचक मंडल (इलेक्टोरल कॉलेज) द्वारा चुना जाता हैं, इनमें राज्यसभा के नामित सदस्य भी शामिल होते हैं। इस चुनाव में राष्ट्रपति चुनाव जैसे राज्य विधानसभाएं भाग नहीं लेती। चुनाव के लिए वोटिंग नई दिल्ली के पार्लियामेंट हाउस में होती है। चुनाव सिंगल ट्रांसफरेबल वोट के जरिए होता है। ये वोटिंग सीक्रेट बैलेट के जरिए होती है।
उपराष्ट्रपति उम्मीदवार के लिए योग्यता?
- भारतीय नागरिक होना चाहिए
- उम्र 35 साल या उससे अधिक हो
- वह राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के लिए योग्य हो
- मतदाता सूची में नाम होना चाहिए
- उन्हें राष्ट्रपति, राज्यपाल या मंत्री जैसे पदों को छोड़कर, केंद्र या राज्य सरकार के किसी भी लाभ के पद पर नहीं होना चाहिए
- उम्मीदवार को 15 हजार रुपये भी जमा कराने होते हैं, चुनाव हार जाने पर या 1/6 वोट नहीं मिलने पर राशि वापस नहीं मिलती।
उपराष्ट्रपति की भूमिका?
उपराष्ट्रपति देश का दूसरा संवैधिनिक सर्वोच्च पद होता है। उपराष्ट्रपति किसी सदन के सदस्य या फिर राज्य विधानसभा के सदस्य नहीं होते। संविधान के मुताबिक राष्ट्रपति की गैरमौजूदगी में उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति के रुप में कार्य करते हैं। इस दौरान उनके पास राष्ट्रपति की सभी शक्तियां और विशेषाधिकार हासिल होते हैं। उपराष्ट्रपति को ऐसे प्रस्ताव के जरिए हटाया जा सकता है, जिसमें राज्यसभा से बहुमत प्राप्त हो, जिससे लोकसभा भी सहमत हो।

