वंदे मातरम् पर CWC के नए फैसले पर राजनाथ सिंह का रिएक्शन: कांग्रेस की देशभक्ति पर सवाल उठाए, बोले- खतरनाक इरादे जाहिर हो गए; क्या है मामला
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक वीडियो पोस्ट कर कांग्रेस पर निशाना साधा है। (फोटो सोर्स: ANI)
नेशनल डेस्क। वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस और BJP के बीच सियासी टकराव और तेज हो गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) के उस फैसले पर निशाना साधा है, जिसमें पार्टी कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के सिर्फ पहले दो अंतरे गाने का फैसला लिया गया है। राजनाथ ने कहा कि वंदे मातरम् का सम्मान करने से इनकार करना बेहद अफसोस की बात है और इससे कांग्रेस की देशभक्ति पर भी सवाल खड़ा होता है।
राजनाथ सिंह ने शुक्रवार (21 अगस्त) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट कर कांग्रेस के फैसले को लेकर कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि संसद देश की सर्वोच्च संस्था है और यहां से बना कानून हर नागरिक को पालन करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति संसद के बनाए कानून को मानने से इनकार करता है तो उसकी संविधान के प्रति निष्ठा पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
इसी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि अगर कोई राष्ट्रीय गीत का सम्मान करने से इनकार करता है तो उसकी देशभक्ति पर भी सवाल खड़ा होता है।
1937 के कांग्रेस प्रस्ताव का भी जिक्र
राजनाथ सिंह ने कांग्रेस के उस पुराने फैसले का भी जिक्र किया, जिसके आधार पर पार्टी ने वंदे मातरम् के सिर्फ शुरुआती दो अंतरों को कार्यक्रमों में गाने का फैसला लिया था।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस जिस 1937 के प्रस्ताव का हवाला दे रही है, वह मुस्लिम लीग की कट्टर मांगों के आगे झुककर लिया गया था। राजनाथ के मुताबिक, इसके बाद देश ने आगे चलकर बंटवारे के रूप में इसका नतीजा देखा।
उन्होंने कहा कि कट्टरपंथी ताकतों के साथ समझौता करना हमेशा देश के लिए नुकसानदायक साबित हुआ है। उनका आरोप है कि कांग्रेस आज भी उसी तरह की राजनीति कर रही है।
'कांग्रेस ने अपनी सोच देश के सामने रख दी'
रक्षा मंत्री ने कांग्रेस के फैसले को असंवैधानिक और गलत बताया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक तौर पर भी यह फैसला आगे चलकर गंभीर संकट खड़ा कर सकता है।
राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि वंदे मातरम् का विरोध करके कांग्रेस ने देश के सामने अपनी ‘गलत और खतरनाक सोच’ जाहिर कर दी है।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
वंदे मातरम् को लेकर मौजूदा विवाद की शुरुआत 15 अगस्त के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के बाद हुई। BJP ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पार्टी की संसदीय अध्यक्ष सोनिया गांधी राष्ट्रगीत के दौरान आपस में बात कर रहे थे।
BJP ने दोनों नेताओं से सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने की मांग की थी। इसके बाद बुधवार (19 अगस्त) को CWC की बैठक में फैसला लिया गया कि पार्टी के कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के केवल पहले दो अंतरे ही गाए जाएंगे। कांग्रेस ने अपने फैसले के समर्थन में 1937 के पार्टी प्रस्ताव का हवाला दिया।
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