'वंदे मातरम्' पर INDIA ब्लॉक के दल आमने-सामने: कांग्रेस ने कहा- राष्ट्रगीत पूरा गाने की जरूरत नहीं, NC बोली- हुक्म नहीं चलेगा; क्या है मामला
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श्रीनगर में हुए एक सरकारी इवेंट में पूरा वंदे मातरम् गाया गया। इसी को लेकर कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस आमने-सामने हैं।
नेशनल डेस्क। जम्मू-कश्मीर में ‘वंदे मातरम्’ के पूरे वर्जन को लेकर कांग्रेस और उसके सहयोगी दल नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) आमने-सामने आ गए हैं। NDTV की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस चाहती है कि उसके सहयोगी दलों को पूरा राष्ट्रगीत गाने की जरूरत नहीं, वहीं NC ने साफ कह दिया है- गठबंधन में साथ हैं, लेकिन कांग्रेस यह तय नहीं कर सकती कि हम कितना वंदे मातरम् गाएं।
मामला सोमवार (7 सितंबर) को श्रीनगर में हुए जम्मू-कश्मीर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला की मौजूदगी में वंदे मातरम् का पूरा वर्जन गाया गया। इसका वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस ने इस पर आपत्ति जताई।
कांग्रेस ने कहा- सिर्फ दो अंतरे ही गाए जाएं
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर वीडियो शेयर करते हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस से कांग्रेस के फैसले के साथ खड़े होने को कहा।
उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् के पूरे वर्जन को गाना भारत के उस मेल-जोल और सभी धर्मों को साथ लेकर चलने वाली सोच से मेल नहीं खाता, जिसे आजादी की लड़ाई के नेताओं ने आगे बढ़ाया था।
वेणुगोपाल ने महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, सुभाष चंद्र बोस, राजेंद्र प्रसाद, मौलाना आजाद, सरोजिनी नायडू समेत कई नेताओं के विचारों का हवाला दिया। उन्होंने सहयोगी दलों से अपील की कि वे वंदे मातरम् के उसी वर्जन को गाएं, जिसे कांग्रेस ने स्वीकार किया है।

NC का पलटवार- आप तय नहीं कर सकते कितना गाना है
कांग्रेस की इस नसीहत पर नेशनल कॉन्फ्रेंस ने तुरंत पलटवार किया। पार्टी नेता बशीर अहमद ने कहा कि कांग्रेस गठबंधन की साथी है, लेकिन वह यह तय नहीं कर सकती कि कोई दल वंदे मातरम् गाए या कितना गाए।
उन्होंने कहा- वेणुगोपाल को ट्वीट करने का अधिकार है, लेकिन वह इसे थोप नहीं सकते। यह लोगों की पसंद है। हम लोगों पर कुछ थोपने के खिलाफ हैं।
यानी NC ने साफ कर दिया कि गठबंधन में होने का मतलब यह नहीं है कि कांग्रेस उसके फैसलों पर आदेश चला सकती है।
कांग्रेस बोली- नागपुर के कहने पर मत चलिए
NC के जवाब के बाद कांग्रेस भी पीछे नहीं हटी। कांग्रेस नेता कपिल सिंह ने उमर अब्दुल्ला और फारूक अब्दुल्ला को INDIA गठबंधन का हिस्सा बताते हुए कहा कि उन्हें कांग्रेस के फैसले का सम्मान करना चाहिए, न कि 'नागपुर' यानी RSS के फैसले का। इस बयान ने विवाद को और ज्यादा राजनीतिक बना दिया।

BJP ने कांग्रेस को नई 'मुस्लिम लीग' पार्टी बताया
विवाद में BJP भी कूद गई। BJP सांसद और प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस के पूरे वंदे मातरम् पर आपत्ति जताने को लेकर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की इस आपत्ति से साफ हो गया है कि वह 21वीं सदी की 'नई मुस्लिम लीग' बन गई है। त्रिवेदी ने कांग्रेस पर कट्टरपंथी ताकतों के सामने झुकने का आरोप भी लगाया।
BJP नेता आरएस पठानिया ने भी कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जिस बात का विरोध कर रही है, उस पर घाटी में अलगाववादियों ने भी कभी आपत्ति नहीं जताई थी।
कांग्रेस ने पिछले महीने ही लिया था फैसला
वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस की अपनी नीति पहले से तय है। कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) ने पिछले महीने फैसला किया था कि पार्टी के सभी कार्यक्रमों में 1937 में लिए गए कांग्रेस के फैसले का पालन किया जाएगा। इसके तहत वंदे मातरम् के सिर्फ दो अंतरे गाए जाएंगे।
यह फैसला BJP के उन आरोपों के बाद आया था, जिसमें BJP ने कांग्रेस नेताओं पर वंदे मातरम् का पूरा गीत नहीं गाने को लेकर सवाल उठाए थे।
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