मेरठ के LLRM मेडिकल कॉलेज में लापरवाही : टेबल पर पैर रख, AC के सामने सोता रहा डॉक्टर; समय पर इलाज न मिलने से मरीज की मौत
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मेरठ के लाला लाजपत राय मेमोरियल मेडिकल कॉलेज के वीडियो का स्क्रीनशॉट। इसमें डॉक्टर ड्यूटी पर सोते नजर आ रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के मेरठ स्थित लाला लाजपत राय मेमोरियल मेडिकल कॉलेज (LLRM) में लापरवाही सामने आई है। डॉक्टर AC के सामने सोता रहा और घायल मरीज की तड़प तड़प कर मौत हो गई। अस्पताल में मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरी घटना का मोबाइल से वीडियो बना लिया। वीडियो सामने आने के बाद दो जूनियर डॉक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है। मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. आर.सी. गुप्ता ने जूनियर डॉक्टर्स पर एक्शन की पुष्टि की है।
सोमवार (28 जुलाई) की शाम सुनील नाम के एक शख्स का एक्सिडेंट हो गया। हादसे के बाद सुनील की हालत गंभीर थी। वह खून से लथपथ था। पुलिस उसे LLRM मेडिकल कॉलेज लेकर आई। सुनील को इंमरजेंसी वॉर्ड में भर्ती करवाया गया। हालांकि, डॉक्टर इलाज करने के बजाय सोता रहा। कुछ घंटों बाद सुनील ने दम तोड़ दिया।
टेबल पर पैर रख, AC के सामने सोता रहा डॉक्टर
सुनील के परिवार ने आरोप लगाया कि सुनील स्ट्रेचर लेटा हुआ था, वह दर्द में तड़प रहा था। काफी देर तक उसका खून बहता रहा। किसी ने इसका इलाज समय पर नहीं किया। दो जूनियर डॉक्टर भूपेश कुमार और अनिकेत ड्यूटी पर सोते रहे। सही ढंग से ट्रीटमेंट नहीं मिलने की वजह से सुनील की मौत हो गई।
वीडियो में क्या है?
वीडियो में देखा जा सकता है कि एक डॉक्टर AC को सामने सो रहा है। उसने टेबल पर पैर फैला रखे हैं। एक महिला के हाथ में बच्चा है और वह डॉक्टर को नींद से जगाने की कोशिश कर रही है। हालांकि, महिला के जगाने के बाद भी डाॅक्टर नहीं उठता। वीडियो में नजर आ रहा है कि पास में ही घायल युवक लेटा है और उसके पैर से खून बह रहा है।
इनचार्ज डॉक्टर ड्यूटी से गायब थे
घटना के समय इनचार्ज डॉक्टर डॉ. शशांक जिंदल भी हॉस्पिटल में नहीं थे। हालांकि, पूछताछ में डॉ जिंदल ने ड्यूटी के वक्ता अस्पताल से गायब होने की बात से इनकार किया है। उन्होंने मीडियाकर्मियों से कहा- जैसे ही मुझे मरीज के भर्ती होने की सूचना मिली मैं तुरंत अस्पताल पहुंचा। वहां पहुंचकर मरीज का इलाज किया।
डॉक्टर और परिजन दोनों के अपने दावे
मंगलवार (29 जुलाई) की सुबह 7 बजे सुनील की मौत हो गई। मृतक के परिवार और ड्यूटी इनचार्ज डॉक्टर ने अपने-अपने दावे किए हैं। परिजनों का कहना है कि इलाज में देरी से मरीज की मौत हुई। हालांकि, डॉ. जिंदल ने दावा किया कि मरीज की हालत पहले ही गंभीर थी।

