यूपी के फतेहपुर में हिंदू संगठनों का प्रदर्शन: मकबरा की जगह मंदिर होने का दावा, विवादित ढांचे पर भगवा झंडा लगाया
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यूपी के फतेहपुर में सोमवार को हिंदू संगठनों ने एक पुराने ढांचे के मंदिर होने का दावा करते हुए प्रदर्शन किया। (फाइल फोटो)
UP के फतेहपुर में अबू नगर स्थित एक पुराने मकबरे की जगह मंदिर होने का दावा किया गया। सोमवार को बजरंग दल समेत कई हिंदू संगठन विवादित ढांचे के पास एकजुट हुए। यहां पूजा करने की इजाजत देने की मांग की।प्रदर्शनकारियों ने ढांचे पर भगवा झंडे लगा दिए। जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। सुरक्षा के मद्देनजर इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किए गए हैं। फिलहाल स्थिति काबू में है।
'प्रदर्शनकारियों के खिलाफ होगा एक्शन'
मीडिया से बातचीत में फतेहपुर एसपी अनूप कुमार सिंह ने कहा- उस स्थान पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। उस दौरान कुछ लोगों के हाथ में पत्थर और डंडे थे, लेकिन किसी के पास कोई हथियार नहीं थे। सभी लोग उस स्थान से चले गए। उन लोगों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा, जिन्होंने कानून को अपने हाथ में लिया है। हमें इमारत पर भगवा झंडा लगाए जाने की जानकारी मिली थी। लेकिन वहां अब कोई झंडा नहीं हैं।
भगवा झंडा लिए प्रदर्शनकारी।'हमारी प्राथमिकता शांति बनाए रखना'
फतेहपुर DM रवींद्र सिंह ने कहा- 'स्थिति काबू में है और लोग घटनास्थल से चले गए हैं। किसी को भी कानून व्यवस्था बिगाड़ने नहीं दिया जाएगा। हमारी प्राथमिकता शांति बनाए रखना है। हमारी कोशिश है कि लोगों का पुलिस पर विश्वास बना रहे।
हिंदू मंदिर होने का दावा- बजरंग दल सह संयोजक
बजरंग दल के सह संयोजक धर्मेंद्र सिंह ने विवादित ढांचे के हिंदू मंदिर होने का दावा किया। सिंह ने कहा- हम वहां पूजा करेंगे। यहां तक कि पुलिस भी हमें नहीं रोक सकती।
इस बीच, फतेहपुर के ही रेडिया इलाके में स्थित एक शिव मंदिर और मकबरे को लेकर विवाद है। हिंदू संगठनों का दावा है कि यह असल में भगवान शिव और भगवान कृष्ण का मंदिर है। हिंदू संगठनों के मुताबिक, यहां पहले एक मंदिर था, जिसे तोड़ दिया गया था।
क्या है पूरा विवाद
सदर तहसील में स्थित नवाब अब्दुल समद की कब्र है। पहले BJP जिलाध्यक्ष ने कहा कि यह मंदिर है। इसी के बाद से विवाद शुरु हुआ। हिंदू संगठनों ने कब्र के अंदर कमल के फूल और त्रिशूल के निशान होने का दावा किया। हिंदू संगठनों ने कहा कि हमें मंदिर में पूजा करने की इजाजत मिलनी चाहिए।
इस बीच सोमवार को विवादित ढांचे के पास सैंकड़ों हिंदू कार्यकर्ता पूजा-अर्चना करने पहुंच गए। सोमवार सुबह से ही हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं का जमावड़ा शुरु हो गया। बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंच कर इन कार्यकर्ताओं को वहां से हटा दिया।

