TMC का दावा- उपराष्ट्रपति चुनाव में क्रॉस वोटिंग हुई: कहा- AAP के 2 से 4 सांसदों ने NDA कैंडिडेट को वोट दिया, BJP ने 15-20 करोड़ खर्च किए
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सीपी राधाकृष्णन (हरे शॉल में) देश के नए उपराष्ट्रपति चुने गए हैं।
नेशनल डेस्क: TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि कुछ विपक्षी सांसदों ने NDA के उपराष्ट्रपति कैंडिडेट सीपी राधाकृष्णन के पक्ष में वोट किया। उन्होंने खासतौर पर आम आदमी पार्टी का जिक्र किया। हालांकि, AAP ने बनर्जी के इन आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि सिर्फ एक को छोड़कर पार्टी के सभी सांसदों ने विपक्षी उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी को वोट किया था।
बता दें, 9 सितंबर को सीपी राधाकृष्णन देश के नए उपराष्ट्रपति चुने गए। उन्हें 452 वोट मिले। जबकि विपक्षी INDIA गठबंधन के उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट मिले।
वोट खरीदने के लिए 15 से 20 करोड़ खर्च हुए
विपक्षी नेताओं ने उपराष्ट्रपति इलेक्शन में क्रॉस वोटिंग का मामला उठाया है। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि बीजेपी ने कुछ विपक्षी सांसदों पर राधाकृष्णन के पक्ष में वोट करने के लिए 15 से 20 करोड़ रुपए खर्च कर दिए। वहीं, कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि अगर क्रॉस वोटिंग की आशंका है, तो विपक्ष को इसे गंभीरता से लेना चाहिए।

दावा- AAP के 2 से 4 सांसदों ने राधाकृष्णन को वोट दिया
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि AAP के 2 से 4 सांसदों ने NDA उम्मीदवार को वोट दिया। उन्होंने कहा कि कुछ MP जैसे स्वाति मालीवाल ने खुले तौर पर बीजेपी का समर्थन किया और अपनी पार्टी के खिलाफ बात भी की।
उधर, आम आदमी पार्टी के नेता संदीप पाठक ने इसे बेवकूफाना कहा और साफ किया कि उनकी पार्टी के सभी सांसद विपक्षी उम्मीदवार के समर्थन में थे। सिवाय एक को छोड़कर, जिसके बारे में सब जानते हैं। उनका हिंट स्वाति मालीवाल के लिए था।
हालांकि, AAP ने भी माना है कि उपराष्ट्रपति इलेक्शन में क्रॉस वोटिंग हुई है। उनका कहना है कि 27 विपक्षी सांसदों ने NDA कैंडिडेट राधाकृष्णन को वोट दिया था। वहीं, करीब 12 बीजेपी सांसदों ने विपक्षी उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी के लिए मतदान किया।
राधाकृष्णन को पार्टीलाइन से ऊपर जाकर मिले वोट्स
विपक्ष को उम्मीद थी कि रेड्डी को 320 से ज्यादा वोट मिलेंगे, लेकिन उनके खाते में 300 वोट ही आए। वहीं, NDA को लग रहा था कि उनके उम्मीदवार 440 वोट पा सकते हैं, लेकिन उन्हें 452 मत मिले जो उम्मीद से ज्यादा थे।
बीजेपी का कहना है कि महाराष्ट्र और झारखंड के कुछ विपक्षी सांसदों ने राधाकृष्णन के पक्ष में वोट दिया। राधाकृष्णन इन दोनों राज्यों में गर्वनर रह चुके हैं। ऐसे में इन दोनों राज्यों से उन्हें पार्टीलाइन से इतर आपसी संबंधों के चलते फायदा हुआ। शिवसेना (UBT) का कहना है कि उनके सभी 11 सांसदों ने विपक्षी कैंडिडेट सुदर्शन रेड्डी के पक्ष में मतदान किया था।
गौरतलब है कि उपराष्ट्रपति चुनाव में टोटल 788 सांसदों में से 767 ने वोट डाले। इसमें NDA कैंडिडेट राधाकृष्णन को 452 वोट मिले, वहीं विपक्षी उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट मिले। 15 वोट इनवैलिड करार दिए गए। बताया जा रहा है कि ये सारे इनवैलिड वोट्स विपक्षी सांसदों के थे।

