राजस्थान में 55 साल की महिला ने 17वें बच्चे को जन्म दिया : पहले 5 बच्चों की हो चुकी मौत; कबाड़ बीन कर चल रहा गुजारा
Published:
2 min read

परिवार राजस्थान की एक घुमंतू जनजाति कालबेलिया से आता है।
राजस्थान के उदयपुर में मंगलवार को एक 55 साल की महिला रेखा कालबेलिया ने 17वें बच्चे को जन्म दिया। महिला का परिवार कबाड़ बीन कर गुजारा करता है। खुद का घर तक नहीं है। परिवार बच्चों को पढ़ा लिखा भी नहीं पा रहा है। 17 बच्चों में से 4 लड़के और एक लड़की की जन्म के तुरंत बाद ही मौत हो गई थी। बाकि बच्चों में पांच की शादी हो चुकी है और उनके खुद के बच्चे भी हैं।
रेखा की बेटी शीला कालबेलिया ने अपनी प्रॉब्लम के बारे में कहा- परिवार को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा। हमारी मां के इतने बच्चों के बारे में सुनकर हर कोई हैरान हो जाता है।
कर्ज में डूबा है परिवार
रेखा के पति कवरा कालबेलिया ने पैसों की समस्याओं को लेकर बात करते हुए कहा- हमारे पास खुद का घर तक नहीं है। बिना घर के कई समस्याएं होता है। बच्चों का पेट पालने के लिए मैंने साहूकारों से 20% ब्याज पर पैसे उधार लिए। लाखों रुपए चुकाने के बाद भी ब्याज के पूरे पैसे चुका नहीं पाया हूं।
पीएम आवास बनाने के लिए जमीन नहीं
रेखा के पति ने कहा- पीएम आवास योजना में घर तो स्वीकृत हो गया था लेकिन हमारे नाम पर कोई जमीन नहीं थी इसलिए बना नहीं पाए। हमारे पास खाने के लिए, बच्चों की शादी कराने और उनकी पढ़ाई कराने के लिए पैसा नहीं है। हम हर दिन ऐसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं।
परिवार ने डॉक्टर से बोला झूठ
झाड़ोल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के स्त्री रोग विशेषज्ञ रोशन दरांगी ने बताया कि परिवार ने महिला का मेडिकल हिस्ट्री गलत बताया था। परिवार ने कहा था कि यह उनका चौथा बच्चा होगा लेकिन रेखा का यह 17वां बच्चा है।
कालबेलिया कम्युनिटी डांस के लिए फेमस
कालबेलिया राजस्थान की एक घुमंतू जनजाति है। कालबेलिया कम्युनिटी अपने पारंपरिक लोक नृत्य और संगीत के लिए फेमस है। इस खास शैली में महिलाएं लचीले ढंग से घूमती और नाचती है। इस दाैरान पुरुष और खंजरी जैसे म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बजाते हैं। महिलाएं काले रंग के घाघरे पहनती हैं, जिन पर कांच के टुकड़े और चमकीले धागे लगे होते हैं।
कालबेलिया डांस को साल 2010 में यूनेस्को की इनटेंजिबल कल्चर हेरिटेज (अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची) लिस्ट में शामिल किया गया है।

