NIA खंगाल रही TRF का नेटवर्क: 463 फोन कॉल की जांच से फंडिंग का राज खुला, मलेशिया से लेकर खाड़ी देशों तक से आतंकियों को पैसा मिल रहा
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NIA के पास पहलगाम हमले को अंजाम देने वाले आतंकी संगठन 'TRF' के पाकिस्तान से कनेक्शन के पुख्ता सबूत हैं। (फोटो सोर्स: PTI)
नेशनल डेस्क। पहलगाम में आतंकी हमले की जिम्मेदारी लेने वाले आतंकी संगठन दी रजिस्टेंट फ्रंट (TRF) को पाकिस्तान के अलावा मलेशिया और खाड़ी देशों से भी फंडिंग होती है। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) की जांच में यह सामने आया है।
NIA पहलगाम हमले के बाद से ही TRF का नेटवर्क खंगालने में जुटी हुई है। इसी सिलसिले में उसने 463 संदिग्ध फोन कॉल्स की जांच की। यह कॉल भारत विरोध सोच और उग्रवाद को समर्थन देने वाले लोगों के बीच हुई थी। इन की पड़ताल के बाद TRF को मिल रही फंडिंग का सोर्स पता चल सका।
NDTV की एक रिपोर्ट के मुताबिक, NIA ने इन लोगों के मोबाइल से डाटा, सोशल मीडिया चैट, बैंक ट्रांसेक्शन और कॉल रिकॉर्ड भी जुटाए। इन्हीं के जरिए यह पता चल सका कि कहां से कौन पैसा भेज रहा है। एक नाम भी सामने आया है। यह नाम यासिर हयात का है, जिसने TRF को 9 लाख फंडिंग की थी। यासिर मलेशिया का निवासी है। ऐसे कई नाम और संगठन NIA की जांच में सामने आए हैं।
पाकिस्तान को FATF की ग्रे लिस्ट में भेजने में मिलेगी मदद
ये जानकारियां पाकिस्तान को एक बार फिर से फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की ग्रे लिस्ट में शामिल करने में भारत की मदद करेंगी। पहलगाम हमले के बाद से ही भारत की यह कोशिश है कि पाकिस्तान को इस लिस्ट में शामिल किया जाए, ताकि उसे IMF जैसे अन्य अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों से मदद मिलना बंद हो सके। 2018 में पाकिस्तान को इस लिस्ट में शामिल किया गया था लेकिन 2022 में उसे इस लिस्ट से बाहर कर दिया गया था।
पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए थे 26 टूरिस्ट
पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकी हमला हुआ था। इसमें आतंकियों ने 26 पर्यटकों को धर्म पूछ-पूछ कर गोली मारी थी। इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा के प्रॉक्सी ग्रुप 'दी रजिस्टेंस फ्रंट' ने ली थी।
शुरुआती जांच के बाद ही इसमें पाकिस्तान की भूमिका सामने आ गई थी। इसी के बाद भारत ने सबसे पहले पाकिस्तान की ओर बहने वाली नदियों का पानी रोकने का फैसला किया और बाद में ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया।

