तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी का अमेरिका दौरा रद्द: बोले- टॉप यूनिवर्सिटी को हैदराबाद लाना था, केन्द्र ने मंजूरी नहीं दी; अब लंदन से ही लौटना होगा
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रेवंत रेड्डी 20 अगस्त को लंदन पहुंचे। उन्हें 23 तारीख को यहीं से अमेरिका के लिए रवाना होना था लेकिन अब वह सीधे भारत लौटेंगे। (फोटो सोर्स: ANI)
नेशनल डेस्क। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने दावा किया है कि केंद्र सरकार ने उनके अमेरिका दौरे को मंजूरी नहीं दी। इसके बाद अब उनका अमेरिका जाने का कार्यक्रम रद्द हो गया। CM ऑफिस के मुताबिक, रेवंत रेड्डी अब लंदन से ही वापस हैदराबाद लौटेंगे। उन्हें लंदन के बाद अमेरिका के बोस्टन जाना था।
रेवंत रेड्डी की अगुआई में तेलंगाना राइजिंग डेलिगेशन का अमेरिका दौरा होना था। इस दौरान यूएस की टॉप यूनिवर्सिटी के साथ साझेदारी और MoU किए जाने थे। इनमें हार्वर्ड यूनिवर्सिटी, मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT), नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी और वर्जीनिया टेक जैसे संस्थान शामिल थे।
UK जाने की मंजूरी मिली, अमेरिका के लिए मना
तेलंगाना CMO के मुताबिक, राज्य सरकार ने तय नियमों के तहत केंद्र से UK और USA के दौरे की मंजूरी मांगी थी। केंद्र ने UK दौरे को मंजूरी दी, लेकिन अमेरिका दौरे की परमिशन नहीं दी।
राज्य सरकार का दावा है कि अमेरिका जाने की परमिशन न मिलने की जानकारी उसे तब दी गई, जब मुख्यमंत्री की आधिकारिक टीम UK पहुंच चुकी थी।
रेवंत रेड्डी ने इस फैसले पर नाराजगी जताई और केन्द्र के इस फैसले को पूरी तरह राजनीतिक बताया। हालांकि उन्होंने कहा कि वह केंद्र के फैसले का पालन करेंगे और अमेरिका नहीं जाएंगे।
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'दुनिया के बेहतरीन संस्थानों को तेलंगाना लाना था'
रेवंत रेड्डी ने कहा कि अमेरिका दौरे का मकसद दुनिया के बेहतरीन संस्थानों को भारत, तेलंगाना और हैदराबाद लाना था। इससे हमारे युवाओं को दुनिया के टॉप संस्थानों से शिक्षा, स्किल और ट्रेनिंग पाने का मौका मिलता। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश बनाने और युवाओं के भविष्य की बात आने पर नेताओं को राजनीति और चुनाव से ऊपर उठकर सोचना चाहिए।
'मैं बच्चों को विदेश नहीं भेजना चाहता, दुनिया को यहां लाना चाहता हूं'
रेवंत रेड्डी ने कहा कि उनका सपना है कि हैदराबाद दुनिया के बड़े ग्लोबल शहरों में शामिल हो और यहां आम भारतीय को भी हार्वर्ड, ऑक्सफोर्ड, MIT, LBS या LSE जैसे संस्थानों से शिक्षा और सर्टिफिकेट पाने का मौका मिले।
उन्होंने कहा- ज्यादातर नेता अपने बच्चों को विदेश भेजना चाहते हैं, लेकिन मैं दुनिया के बेहतरीन संस्थानों को भारत लाना चाहता हूं, ताकि बच्चे यहीं पर रहकर बेहतर शिक्षा हासिल कर सकें।
उन्होंने कहा कि हैदराबाद पहले से ही शिक्षा और टेक्नोलॉजी का बड़ा केंद्र है। उस्मानिया यूनिवर्सिटी, हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी, JNTU, IIT, ISB और NALSAR जैसे संस्थानों ने शहर को देश के बड़े ह्यूमन रिसोर्स हब के तौर पर पहचान दिलाई है। इसे और आगे ले जाने की जरूरत है।
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अमेरिका दौरा रद्द, लेकिन UK में कार्यक्रम जारी
अमेरिका का दौरा रद्द होने के बावजूद रेवंत रेड्डी UK में अपने तय कार्यक्रम पूरे करेंगे। वह ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी, कैंब्रिज यूनिवर्सिटी, लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (LSE), लंदन बिजनेस स्कूल और यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन के डेलिगेशन के साथ बैठक करेंगे।
इसके अलावा वह UK के बड़े स्पोर्ट्स इंस्टिट्यूशन और स्किलिंग सेक्टर के डेलिगेशन से भी बातचीत करेंगे। तेलंगाना सरकार की कोशिश है कि इन संस्थानों के साथ राज्य में साझेदारी की जाए।
रेवंत रेड्डी ने कहा कि अमेरिका की मंजूरी न मिलने से उनका लक्ष्य नहीं बदला है। उनका फोकस हैदराबाद को ग्लोबल नॉलेज हब बनाने और दुनिया के बड़े शिक्षा और स्किल संस्थानों को तेलंगाना लाने पर रहेगा।

