कैंसर ट्रीटमेंट के लिए टैबलेट: अमेरिकी कंपनी eli Lilly की Tanstrive मेडिसिन, पैक 2.5 लाख रुपए में मिलेगा
Published:
3 min read

यह AI जेनरेटेड सिम्बॉलिक इमेज है। इसे रीडर्स की सुविधा के लिहाज से क्रिएट किया गया है।
हेल्थ डेस्क. अमेरिकी फार्मा कंपनी Eli Lilly ने सेंट्रल ड्रग्स स्टैन्डर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (cdsco) के अप्रूवल के बाद भारत में अपनी Tanstrive (Selpercatnib) मेडिसिन लॉन्च कर दी है। यह दवा ret (Rearranged During Transfection) जीन ऑल्टरैशन की वजह से होने वाले कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होगी। इस मेडिसिन की खास बात यह है कि यह टैबलेट फॉर्म में होगी। हर पेशेंट को 14 दिन यह टैबलेट लेनी होगी।
Tanstrive 40 mg, 80mg, 120mg और 160mg में लॉन्च की गई है। पेशेंट की हालत के मुताबिक डॉक्टर डोज प्रिस्क्राइब करेंगे।
क्या है tanstrive
Tanstrive, सेल्पेरकैटनिब जेनेरिक ब्रांड है। इसका इस्तेमाल उन कैंसर ट्यूमर के इलाज के लिए किया जाता है जो ret जीन मे ऑल्टरैशन से होते है। ये उन मामलों में खास तौर पर कारगर है जहां ReT जीन से जुड़ी गड़बड़ी होती है।
जैसे…नॉन स्मॉल सेल लंग कैंसर (nsclc)
मेडुलरी थाइरॉइड कैंसर
सॉलिड ट्यूमर
सेल्पेरकैटनिब को यूरोप मे रेटेवमो भी कहा जाता है। इसका केमिकल फार्मूला C29H32F2N6O3 है। यह एक हार्ड जिलेटिन कैप्सूल के रूप मे आती है।

कैसे असर करती है
टैन्स्ट्राइव एक टार्गेटेड थेरेपी है और ये RET जीन में बदलाव के कारण होने वाले कैंसर की रोकथान करती है। आसान भाषा में समझें तो यह टैबलेट सीधे तैर पर ret प्रोटीन को ब्लॉक कर देता है। इससे ट्यूमर को बढ़ने और फैलने वाले सिग्नल बंद हो जाते हैं।
इन मरीजों के लिए फायदेमंद
- जिन्हें नॉन-स्मॉल सेल लंग कैंसर (NSCLC) है।
- जिन्हें एडवांस या शरीर में फैल चुका मेडुलरी थायरॉइड कैंसर है और उन्हें 'सिस्टमिक थेरेपी' (पूरे शरीर में काम करने वाले इलाज) की जरूरत है।
- जिन लोगों में RET जीन फ्यूजन है और उन्हें सिस्टमिक थेरेपी की जरूरत है।
- ऐसे पेशेंट जिन पर रेडियोएक्टिव आयोडीन का असर होना बंद हो गया है।
- जिन्हें RET जीन फ्यूजन वाला एडवांस या फैल चुका सॉलिड ट्यूमर है।
RET जीन में बदलाव क्या है
RET जीन में होने वाली गड़बड़ी और इसके चलते होने वाले लंग कैंसर बायोमार्कर है। ret जीन में आमतौर पर दो दिक्कतें होती हैं।
RET प्वॉइंट म्यूटेशन: इसमें DNA कोड गलत हो जाता है। यह आमतौर पर मेडुलरी थायरॉइड कैंसर में पाया जाता है।
RET रिअरेंजमेंट: इसमें DNA का एक हिस्सा दूसरे से मिलकर फ्यूजन बना लेता है। इससे सेल्स क्वॉंटिटी बढ़ने लगती जिससे कैंसर होता है। यह हमे नॉन स्मॉल सेल लंग कैंसर में देखने को मिलता है।

टेंस्ट्राइव कैंसर को कैसे ट्रीट करता है
टेंस्ट्राइव ओरल थैरेपी है। यानी यह टैबलेट है। यह गड़बड़ी करने वाले RET प्रोटीन पर सीधा अटैक करता है। इससे यह कैंसर बनाने और बढ़ाने वाले सिग्नल को रोक देती है और कैंसर वहीं सिकुड़ने लगता है।
- यह एक जीन स्पेसिफिक थैरेपी है, इसीलिए पहले पेशेंट की जीनोमिक टेस्टिंग की जाती है। इससे RET जीन म्यूटेशन का पता चलता है।
- इसके बाद डॉक्टर (ऑन्कोलॉजिस्ट) पेशेंट की बॉडी टाइप के हिसाब से उसे यह मेडिसिन प्रिस्क्राइब करते हैं। खास बात यह है कि टेंस्ट्राइव ब्लड-ब्रेन के बैरियर को भी क्रॉस कर सकती है। इसका मतलब ये कैंसर की उन एक्टिविटी को भी रोकता है जो सेंट्रल नर्वस सिस्टम तक पहुंच जाती है।

