झारखंड के 6 युवक तमिलनाडु में किडनैप: मजदूरी करने पहुंचे थे, ट्रेन से उतरते ही हुआ अपहरण, घरवालों को वीडियो कॉल कर सिर पर बंदूक रख मांगी फिरौती
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झारखंड के 6 युवक तमिलनाडु में हुए किडनैप (सिम्बॉलिक फोटो)
झारखंड के जामताड़ा जिले के रहने वाले 6 प्रवासी मजदूर किडनैप हो गए। ये सभी मजदूर काम के सिलसिले में तमिलनाडु पहुंचे थे। स्टेशन से काम वाली जगह पर जाते वक्त इन्हें अगवा कर लिया गया। इसके बाद किडनैपर्स ने मजदूरों के परिजनों को वीडियो कॉल किया और सिर पर बंदूक रखकर फिरौती मांगी।
जामताड़ा के बोरवा गांव के 6 प्रवासी मजदूर 16 जुलाई को तमिलनाडु पहुंचे थे। पुलिस के मुताबिक, काम के लिए जाते वक्त एक स्थानीय गिरोह ने इनका अपहरण कर लिया। जामताड़ा विधायक और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने इस पर संज्ञान लिया था।
इरफान अंसारी के सचिव अजहरुद्दीन के मुताबिक, अपहरणकर्ता युवकों की भाषा और बॉडी लैंग्वेज से समझ गए कि वे दूसरे राज्य के हैं। इसके बाद उन्हें गुमराह कर जबरदस्ती एक बस में बैठाकर ले जाया गया।
मजदूरों के परिवारों से 80 हजार ट्रांसफर कराए
अजहरुद्दीन ने बताया, अपहरणकर्ताओं ने युवकों के परिवारों को वीडियो कॉल किया और फिरौती की मांग की और बात न मानने पर युवकों को जान से मारने की धमकी दी। वीडियो कॉल पर किडनैपर्स ने पिस्टल और गर्दन पर चाकू रखकर 2.5 लाख रुपये की मांग की। दबाव में परिवार ने पहले 30,000 रुपये और फिर गांव वालों की मदद से 50,000 रुपये ट्रांसफर किए।
रेलवे स्टेशन के पास युवकों को छोड़कर भागे किडनैपर
उन्होंने बताया, ये सभी परिवार गरीब तबके से हैं। इसी वजह से राज्य से बाहर काम करने निकलें थे। अपहरणकर्ता की धमकी से पीड़ित परिवार परेशान हो गए और कुछ भी करने को तैयार थे। लेकिन समय रहते विधायक इरफान अंसारी ने इसकी सूचना तमिलनाडु के मुख्य सचिव, डीजीपी और झारखंड के डीजीपी को दी।
जब तक तमिलनाडु और झारखंड पुलिस एक्शन लेती, किडनैपर युवकों को सलेम रेलवे स्टेशन के पास छोड़ कर भाग गए। इनमें से एक युवक ने अपने परिवार से बात की। फोन की लोकेशन से पुलिस युवकों तक पहुंची। इसके बाद इन युवकों की झारखंड भेजा गया। झारखंड पुलिस ने युवकों के बयान दर्ज कर लिए हैं। इन लोगों ने बताया कि अपहणकर्ताओं ने उनके फोन भी ले लिए।

