तमिलनाडु के 52 मंदिरों में स्मार्टफोन बैन: फोन जमा करने के लिए देने होंगे ₹5, जानें नए नियम
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तमिलनाडु के मंदिर में मोबाइल फोन जमा करने के लिए बना काउंटर (फोटो- ANI)
नेशनल डेस्क. तमिलनाडु की विजय सरकार ने राज्य के 52 मंदिरों में स्मार्टफोन बैन कर दिए हैं। नए नियम मंगलवार से ही लागू हो गए। स्मार्टफोन लेकर आने वाले श्रद्धालुओं को निर्धारित काउंटरों पर इसे जमा कराना होगा और एक फोन के लिए 5 रुपए देने होंगे। हालांकि, मंदिर में बिना कैमरे वाले मोबाइल फोन अंदर ले जाने की अनुमति होगी।
हिंदू रिलीजियस एंड चैरिटेबल एंडोमेंट मिनिस्ट्री (HR&CE) मंत्री रमेश ने बताया कि ये बैन मद्रास हाईकोर्ट के पहले के निर्देशों के मुताबिक हैं। यह फैसला श्रद्धालुओं, खासकर युवाओं द्वारा मंदिर के अंदर दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हुए तस्वीरें खींचने, रील बनाने और वीडियो रिकॉर्ड करने की घटनाएं सामने आने के बाद लिया गया।
फोन जमा करने पर स्लिप या टोकन मिलेगा
रमेश ने बयान में साफ किया कि बिना कैमरा वाले मोबाइल फोन को मंदिर के अंदर ले जाने पर बैन नहीं रहेगा। नए नियमों के मुताबिक, स्मार्टफोन ले जाने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर के प्रवेश द्वार पर बने काउंटर पर जमा करना होगा। श्रद्धालुओं को फोन जमा करने पर स्लिप या टोकन दिया जाएगा। इसी के जरिए उन्हें अपना फोन वापस मिलेगा।
कांचीपुरम में लागू हुआ नियम
कांचीपुरम के प्रसिद्ध देवराजस्वामी-अथि वरदार मंदिर में मंगलवार सुबह 6 बजे से यह व्यवस्था लागू कर दी गई। मंदिर में मोबाइल फोन जमा कराने के लिए दो कंप्यूटर ऑपरेटर और दो असिस्टेंट तैनात किए गए हैं। श्रद्धालु की तस्वीर, मोबाइल फोन का मॉडल और फोन नंबर दर्ज किया जाता है। इसके बाद श्रद्धालु को एक रसीद दी जाती है। रसीद दिखाने और दर्ज की गई जानकारी का वैरिफिकेशन होने के बाद मोबाइल फोन वापस कर दिया जाता है।
श्रद्धालुओं को स्मार्टफोन पर बैन की जानकारी देने के लिए मंदिर के आसपास पार्किंग और अन्य जगहों पर बोर्ड भी लगाए गए हैं।
नए नियम पर श्रद्धालुओं ने क्या कहा
स्मार्टफोन पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर श्रद्धालुओं की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ श्रद्धालुओं ने इस कदम का स्वागत किया। उनका कहना है कि इससे मंदिर की पवित्रता और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने में मदद मिलेगी। वहीं, कुछ लोगों ने मंदिर प्रशासन के पास जमा किए जाने वाले मोबाइल फोन की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। इसके अलावा फोन जमा करने वाले काउंटरों पर लंबी लाइन लगने की आशंका भी जताई गई है।
क्यों उठाया गया ये कदम
मंत्रालय ने बताया कि ये निर्देश 2 दिसंबर 2022 को मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच द्वारा दिए गए आदेश के तहत जारी किए गए हैं। हाईकोर्ट ने मंदिरों को श्रद्धालुओं के मोबाइल फोन अंदर ले जाने पर रोक लगाने और फोन सुरक्षित रखने के लिए उचित व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया था। मद्रास हाईकोर्ट ने यह आदेश तिरुचेंदूर स्थित अरुल्मिगु सुब्रमण्यम स्वामी मंदिर में स्मार्टफोन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने की मांग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद दिया था।
मंत्रालय के सर्कुलर में कहा गया है कि कुछ श्रद्धालु अब भी मंदिर के अंदर मोबाइल फोन का इस्तेमाल तस्वीरें खींचने, वीडियो रिकॉर्ड करने, सेल्फी लेने और सोशल मीडिया के लिए शॉर्ट वीडियो या रील बनाने में कर रहे हैं। विभाग के मुताबिक, इस तरह की गतिविधियों से मंदिर का शांत और आध्यात्मिक माहौल प्रभावित होता है और दूसरे श्रद्धालुओं को भी असुविधा होती है।
मंदिर कर्मचारियों ने जताई चिंता
मंदिर कर्मचारियों ने स्मार्टफोन की सुरक्षा की जिम्मेदारी को लेकर चिंता जताई है। द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, मंदिर के एक कर्मचारी ने कहा कि बड़ी संख्या में मोबाइल फोन जमा करना कर्मचारियों के लिए काफी बड़ी जिम्मेदारी और तनाव की वजह बन सकता है।

