आवारा कुत्तों को शेल्टर भेजने का मामला: CJI बीआर गवई खुद करेंगे मामले की सुनवाई, कहा- डॉग लवर्स में आशा जगी
Published:
2 min read

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में स्ट्रीट डॉग्स को शेल्टर्स भेजने के निर्देश दिए थे।
दिल्ली-NCR में आवारा कुत्तों को शेल्टर भेजने से जुड़ी याचिका सुप्रीम कोर्ट में लगाई है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया बीआर गवई ने कहा कि वह इस मामले को देखेंगे। यह मामला बुधवार सुबह CJI के सामने रखा गया। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने 8 हफ्ते के अंदर दिल्ली-NCR के आवारा कुत्तों को शेल्टर भेजने के आदेश दिए थे।
CJI ने कहा कि इस तरह से एक आशा की किरण जागी है, जो दिल्ली-NCR में कुत्तों को शेल्टर भेजने के निर्देश का विरोध कर रहे हैं।
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में स्ट्रीट डॉग्स को लेकर बड़ा फैसला सुनाया था। कोर्ट ने सभी आवारा डॉग को शेल्टर्स भेजने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि स्ट्रीट डॉग्स को रहवासी इलाकों से दूर भेजना चाहिए। साथ ही कहा कि जो भी संगठन इसमें बाधा बनेगा उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश डॉग बाइट और रेबीज से होने वाली मौतों के बाद आया है। बता दें, आवारा कुत्तों को हमले से बच्चे और बुजुर्ग लोग घायल हो रहे हैं और कुछ मामलों में उनकी मौत भी हो गई है।
रेबीज के बढ़ते केस को लेकर दिया आदेश
जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की बेंच में यह सुनवाई हुई थी। बेंच ने कुत्तों के हमले और रेबीज से बढ़ती मौतों की एक न्यूजपेपर की रिपोर्ट पर यह संज्ञान लिया। कोर्ट ने कहा कि इस केस में कोर्ट केंद्र की दलीलें सुनेगी और डॉग लवर और किसी अन्य पक्ष की याचिका पर सुनवाई नहीं होगी।
8 हफ्तों में डॉग्स को बाहर भेजने के निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार, MCD और NDMC से 8 हफ्तों के अंदर 5,000 डॉग्स के लिए शेल्टर्स होम बनाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कोर्ट ने इस काम में बाधा डालने पर सख्त एक्शन लेने के निर्देश दिए हैं।

