'1 करोड़ रुपये दो, तभी साथ चलूंगी': कस्टडी मांग रहे पिता से बोली 12 साल की बेटी; सुप्रीम कोर्ट ने लगाई मां को फटकार, कहा- तुम बच्ची की जिंदगी बर्बाद कर रही
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सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को एक 12 साल की बच्ची की कस्टडी को लेकर सुनवाई हुई। CJI गवई ने उसकी मां को फटकार लगाई। उन्होंने बच्ची की मां से कहा कि तुम बच्ची की जिंदगी बर्बाद कर रही हो। यही बच्ची किसी दिन तुम्हें भी नुकसान पहुंचा सकती है। अब कोर्ट ने विवाद को सुलझाने के लिए उत्तराखंड की पूर्व चीफ जस्टिस को मीडिएटर बनाया है।
दरअसल बच्ची का पिता उसकी कस्डटी चाहता है, इस पर बच्ची ने पिता से 1 करोड़ रूपये देने की मांग की और कहा कि वह तभी उनके साथ रहेगी, जब उसे रुपये दिए जाएंगे। कोर्ट ने कहा कि बच्ची ने अपने पिता पर डंडे से हमला किया।
जिला कोर्ट ने पिता को दी बच्ची की कस्डटी
बच्ची के पिता की तरफ से वरिष्ठ वकील PR पाटवालिया ने पैरवी की। उन्होंने कोर्ट में बताया कि पति-पत्नि के बीच विवाद था। इसके बाद जिला कोर्ट ने बच्ची की कस्टडी पिता को दी। उसकी मां ने जिला कोर्ट के इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी। हालांकि अभी ये केस पेंडिंग है। लेकिन महिला ने बच्ची को उसके पिता के हैंडओवर नहीं किया।
बच्ची की मां पर अवमानना की शिकायत
बच्ची के पिता ने उसकी मां पर हाईकोर्ट में अवमानना की शिकायत की। इसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। इसके बाद वे सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। पाटवालिया ने जस्टिस के विनोद की बेंच को बताया कि पिछले साल सितंबर में सुप्रीम कोर्ट ने डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विस अथॉरिटी को एक पैरालीगल वालंटियर नियुक्त करने के लिए कहा था। जिससे बच्ची के पिता को उससे मिलने में कोई परेशानी न हो।
बच्ची ने पिता पर डंडे से पीटा
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने बताया कि बच्ची ने अपने पिता पर डंडे से हमला किया। 'देखें कल क्या हुआ था, कल ही बच्ची ने पिता के साथ जाने से इंकार कर दिया और वह कह रही है, तुमने मेरी मां को प्रताड़ित किया है, उन पर अवमानना का केस किया है, 1 करोड़ दो, तभी मैं तुम्हारे साथ जाउंगी'। इतना ही नहीं बच्ची की मां ने स्कूल के डॉक्यूमेंट में पिता का नाम हटवा दिया।
तुम बच्ची की जिंदगी बर्बाद कर रही हो- CJI
बच्ची की मां के वकील अनुभा अग्रवाल ने कहा कि वह मध्यस्थता के लिए तैयार थी। इस पर CJI ने बच्ची की मां से कहा कि इस केस में तुम बेवजह अपनी बच्ची को घसीट रही हो, तुम उसकी जिंदगी बर्बाद कर रहे हो, उसकी मानसिकता खराब कर रही हो।
दोनों पक्षों की सहमति मिलने पर कोर्ट ने इस केस को मीडिएशन के लिए भेज दिया है। कोर्ट ने उत्तराखंड की पूर्व चीफ जस्टिस रितु बाहरी को मीडिएटर बनाया है। वह दोनों पक्षों के मुद्दों पर विचार करेंगी।

