नेपाल की जेल से भागे 2 भारतीय कैदियों को SSB ने पकड़ा: UP में घरवालों को सौंपा; पुलिस बोली- भारत की धरती पर कोई क्राइम नहीं किया
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नेपाल में हिंसा का फायदा उठाकर कई कैदी जेल से भागकर भारत आ गए।
सीमा सुरक्षा बल (SSB) ने नेपाल की जेल से भागकर आए दो कैदियों को पकड़ा। दोनों भारतीय हैं और उत्तराखंड के बनबासा चेकपोस्ट से भारत में घुस रहे थे। SSB ने दोनों को उनके परिवार को सौंप दिया है। सूत्रों का कहना है कि बिना किसी कागजी कार्रवाई के दोनों को छोड़ दिया गया।
दोनों नागरिक पीलीभीत जिले के माधोटांडा के ढकिया तल्लूके के महाराजपुर गांव के रहने वाले हैं। यूपी पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि चितरंजन सरकार(64) और रंजन विश्वास (34) दोनों भारतीय नागरिक हैं। उन्होंने भारत की धरती पर कोई क्राइम नहीं किया है। इसलिए उनके पास उन्हें गिरफ्तार करने का कोई अधिकारी नहीं हैं। हालांकि पुलिस अधिकारी ने कहा कि यदि नेपाल भारत से उनके प्रत्यर्पण की मांग करता है तो भारत पर इस पर जवाब देने के लिए बाध्य होगा।
भारत और नेपाल के बीच प्रत्यपर्ण संधि है। दोनों ही देश आपराधिक मामलों को निपटाने और भगोड़ों के प्रत्यर्पण के लिए 1953 के समझौते में बदलाव करने की प्रक्रिया में हैं।
अकेले यूपी में 22 नेपाली कैदी गिरफ्तार
नेपाल में जारी हिंसा के बीच कई कैदी नेपाल की जेल से भागकर यूपी, बिहार और बंगाल की सीमा से भारत में घुसे हैं। इन्हें सिक्योरिटी चेक के दौरान पकड़ा गया है। अकेले यूपी में अभी तक ऐसे 22 कैदियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जो नेपाल की जेल में बंद थे।
भारत और नेपाल के बीच खुला बॉर्डर है। दोनों देशों में बिना वीजा और पासपोर्ट के एंट्री होती है। हालांकि सरकार द्वारा जारी ID कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस चेक किया जाता हैं। दोनों लोग नेपाल की जेल से सोमवार को भागे थे। मंगलवार सुबह दोनों भारत में घुसे। उन्होंने SSB को पूछताछ के दौरान बताया कि वह जेल से भागे हैं। बाद में SSB ने पीलीभीत जिले की माधोटांडा पुलिस को इसकी सूचना दी। दोनों नागरिकों के परिवार को भी सूचना दी गई। पीलीभीत DM ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि दो लोगों को छोड़ दिया गया है। उनके खिलाफ भारत में कोई भी अपराध नहीं था।
परिजन बोले- नेपाली पुलिस ने झूठे केस में फंसाया
दोनों ही नागरिकों के परिवारों का कहना है कि उन्हें झूठे केस में फंसाया गया है। जिसके बारे में उन्हें खुद जानकारी नहीं है। चितरंजन सरकार के बेटे शंकर ने आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले साल नवंबर में नेपाली पुलिस ने उनके पिता को सीमा स्तंभ दिखाने के बहाने बुलाया और कुछ अन्य आरोपियों के साथ उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
चितरंजन सरकार के बेटे ने कहा कि मेरे पिता-माता पिता अपने खेत पर काम कर रहे थे, तभी नेपाली पुलिस वहां पहुंची थी। उन्होंने मेरी माता को घर जाने के लिए कहा और मेरे पिता को अपने साथ ले गए। उन्होंने मेरे पिता पर नेपाल में अपराधिक गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगा कर जेल में डाल दिया।

