दिशा सालियान-आदित्य ठाकरे से कभी नहीं मिला: CBI की FIR में नाम आने पर सूरज पंचोली बोले- मेरा केस से कोई लेना देना नहीं
Published:
4 min read

दिशा सालियान केस में CBI की FIR में सूरज पंचोली का भी नाम शामिल है।
नेशनल डेस्क. दिशा सालियान केस में CBI ने FIR दर्ज की है। FIR में आदित्य ठाकरे, सूरज पंचोली, डिनो मोरिया और रिया चक्रवर्ती के अलावा कई पुलिस अफसरों के नाम भी हैं। CBI का कहना है कि केस में इन लोगों की भूमिका की जांच जरूरी है। FIR में नाम आने के बाद एक्टर आदित्य पंचोली के बेटे सूरज ने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए विवाद पर जवाब दिया है। उन्होंने दावा किया है कि वे न तो जीवन में दिशा सालियान और न ही आदित्य ठाकरे से कभी मिले हैं।
सूरज ने इंस्टाग्राम पर दिशा सालियान मामले में लंबा पोस्ट लिखकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा- मैं प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर भी कभी दिशा सालियान से नहीं मिला। न ही मैं पूरे जीवन में कभी आदित्य ठाकरे से मिला। यह बेहद दुखद और अन्याय भरा है कि मेरा नाम ऐसे मामले में जोड़ा जा रहा है, जिससे मेरा बिल्कुल भी कोई लेना-देना नहीं है। खासकर तब जब इस मामले मेरे खिलाफ कोई सबूत नहीं है।
ये भी पढ़ें: CBI ने दिशा सालियान केस में FIR दर्ज की: इसमें आदित्य ठाकरे, डिनो मोरिया-रिया चक्रवर्ती के नाम; बिल्डिंग से गिरकर हुई थी मौत
मैं लंबे वक्त तक चुप रहा- सूरज पंचोली
उन्होंने लिखा- मैं लंबे वक्त तक शांत रहा, क्योंकि मेरे ऊपर लिखी हर रिपोर्ट पर मैं जवाब नहीं देना चाहता था। लेकिन वहीं चीजें बार बार हो रही हैं, अब ऐसा समय आ गया है कि मुझे मेरे बारे में बोलना पड़ रहा है। इस मामले में CBI/पुलिस मुझसे 4-5 साल पहले ही पूछताछ कर चुकी है और मेरा बयान रिकॉर्ड कर चुकी है।
"मेरे पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है। अगर किसी जांच एजेंसी को ऐसा लगता है कि मुझसे फिर से सवाल-जवाब करने की जरूरत है तो मैं पूरी तरह से हर जांच में सहयोग के लिए तैयार हूं। मेरी बस यही अपील है कि मेरा नाम इस तरह के मामले में घसीटे जाने से पहले तथ्यों की जांच की जाए। मैं दिवंगत दिशा सालियन की दुर्भाग्यपूर्ण मौत से से जुड़े मामले की निष्पक्ष CBI जांच का समर्थन करता हूं। "
उन्होंने पोस्ट में आगे लिखा- मेरा यह भी मानना है कि इस मामले में चलाए जा रहे प्रोपेगेंडा और झूठी कहानियों की जांच होनी चाहिए, क्योंकि किसी की मौत को बिना सबूत किसी अन्य व्यक्ति की प्रतिष्ठा को बिगाड़ने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

'मीडिया-सोशल मीडिया पर दिखाई हर चीज पर विश्वास न करें'
सूरज पंचोली ने लोगों से अपील की कि वे मीडिया और सोशल मीडिया पर दिखने वाली हर चीज पर विश्वास न करें। क्योंकि हेडलाइन और डिबेट सबूत नहीं होते। टीवी पर किसी के कुछ भी कहने से वो फैक्ट नहीं हो जाता। उन्होंने आगे कहा- किसी के जीवन और चरित्र के बारे में अपनी राय बनाने से पहले तथ्यों की पुष्टि कर लें। क्योंकि टीवी पर जिस नाम की चर्चा होती है, उसके पीछे एक इंसान होता है, उसका परिवार और जीवन होता है।

उन्होंने कहा- मैं लंबे समय से चुप रहा हूं, लेकिन मैं अपने नाम को ऐसे किसी मामले में घसीटे जाने नहीं दे सकता, जिससे मेरा कोई लेना-देना नहीं है। मुझे कानून पर भरोसा है। मुझे जांच एजेंसियों पर भरोसा है और मुझे विश्वास है कि सच्चाई सामने आएगी... जय हिंद।
ये भी पढ़ें: 6 साल में दिशा केस की दशा: HC के पुलिस-SIT से अहम सवाल- अब CBI जांच क्यों मंजूर- आज पूरी कहानी समझिए
क्या है मामला
दिशा सालियान की 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक हाईराइज बिल्डिंग से गिरने के बाद मौत हुई थी। वह सेलिब्रिटी मैनेजर के तौर पर काम करती थीं और कुछ समय के लिए एक्टर सुशांत सिंह राजपूत के साथ भी जुड़ी थीं।
अब इसे इत्तेफाक कहें या कुछ और…लेकिन दिशा की मौत के सिर्फ 6 दिन बाद, 14 जून 2020 को सुशांत सिंह राजपूत की भी मौत हो गई थी। दोनों मामले आज तक मीडिया की सुर्खियों में तब्दील हो जाते हैं। दोनों घटनाओं को जोड़कर सोशल मीडिया और राजनीतिक स्तर पर कई तरह के दावे सामने भी आते रहे हैं।

CBI की FIR में क्या
दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान की याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने CBI को जांच करने का आदेश दिया है। CBI ने इस मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। FIR में आदित्य ठाकरे, एक्टर डिनो मोरिया, रिया चक्रवर्ती समेत अन्य लोगों के नाम हैं।
CBI ने मर्डर, गैंगरेप, आपराधिक साजिश, सबूतों को मिटाने और गलत जानकारी देने से संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। CBI की FIR के मुताबिक, तत्कालीन CM और आदित्य ठाकरे के पिता उद्धव ठाकरे और अन्य लोगों ने इस मामले में साजिश और घटना को छिपाने में अहम भूमिका निभाई।
पुलिस अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल
FIR में कहा गया है कि दस्तावेज, फाइलें और अन्य सार्वजनिक दस्तावेजों को नष्ट करने या छिपाने, आधिकारिक दस्तावेजों में हेराफेरी करने और पुलिस सिस्टम का दुरुपयोग करने और अपराधियों को संरक्षण देने के लिए संबंधित पुलिस अधिकारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी जांच के दायरे में हैं।

