क्योंकि सास भी कभी बहू थी-2 में वापसी, क्या राजनीति से संन्यास लेंगी: स्मृति ईरानी बोलीं- 49 साल में कौन रिटायर होता है, इस उम्र में लोगों के करियर शुरू होते हैं
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स्मृति ईरानी 2024 में अमेठी से लोकसभा चुनाव हार गईं थीं। इसके बाद से उनके राजनीति से संन्यास के कयास लगाए जा रहे हैं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी टीवी पर वापसी कर रहीं हैं। वे एकता कपूर के चर्चित शो 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी-2' में नजर आएंगी। ऐसे में सवाल उठने लगा है कि क्या अमेठी में हार के बाद वे राजनीति से संन्यास ले रही हैं? इन चर्चाओं पर अब स्मृति ईरानी ने जवाब दिया। उन्होंने कहा, वे 49 साल की हैं और इस उम्र में कौन रिटायर होता है।
आज तक से बातचीत में जब स्मृति ईरानी से राजनीतिक रिटायरमेंट के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, 49 साल की उम्र में कौन रिटायरमेंट लेता है। इतनी उम्र में तो लोगों के करियर शुरू होते हैं। वे तीन बार की सांसद रह चुकी हूं। 5 विभागों में मंत्री रह चुकी हूं। अभी तो लंबा सफर है।
मैंने 10 साल धरनों वाली राजनीति भी की- स्मृति ईरानी
स्मृति से जब दोबारा संसद में पहुंचने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि पार्टी कब क्या करवट बदलेगी, क्या दायित्व देगी, ये मुझे भी नहीं पता। इतना जरूर पता है कि संसद के माध्यम से मैंने अपनी काबिलियत को स्थापित किया। मैंने 10 साल राजनीति तब भी की है, जब UPA की सरकार थी। लोग मेरा फोटो देखते हैं, धरने की। मैंने 10 साल धरनों वाली राजनीति भी की है। जेल की हवा भी खाई है। मैंने 10 साल कैबिनेट मंत्री रही। मैंने अखिलेश यादव की सरकार के दौरान भी अमेठी में काम किया है।
राहुल गांधी पर कम आक्रामक क्यों हो गईं स्मृति
इस सवाल के जवाब में पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, मेरे पास दायित्व नहीं है। 2024 में गांधी परिवार ने मुझसे लड़ने से इनकार कर दिया। वे मैदान ए जंग में उतरे नहीं तो क्या मैं उनके पीछे पीछे भागती रहूं। अमेठी से कई दिग्गज लड़े और हारे। यहां से शरद यादव, मेनका गांधी हारीं। मैंने पार्टी का दायित्व समझ कर इस कठिन सीट पर चुनाव लड़ा।
2024 में अमेठी से क्यों हारीं स्मृति ईरानी
स्मृति ईरानी ने जवाब दिया, अमेठी में मैंने बहुत काम कराया। लेकिन काम और राजनीतिक समीकरण में अंतर होता है। जो लोग राजनीति में हैं, वे इस बात को समझते हैं। दरअसल, स्मृति ईरानी ने अमेठी से 2014, 2019 और 2024 में तीन बार चुनाव लड़ा। वे 2014 में राहुल गांधी से यहां से हार गई थीं। लेकिन 2019 में उन्होंने राहुल गांधी को मात दी। इसके बाद 2024 के चुनाव में वे अमेठी से गांधी परिवार के भरोसेमंद सतीश शर्मा से चुनाव हार गईं।

