SIR में छूटे नामों की पड़ताल करेंगे BLO: घर-घर जाएंगे, फॉर्म-6 भरवाकर नाम जोड़ेंगे; EC ने दिए स्पेशल ड्राइव के आदेश
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चुनाव आयोग ने SIR के बाद वोटर लिस्ट में छूटे लोगों और नए वोटरों को जोड़ने के लिए खास अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं। (फोटो सोर्स: ANI)
नेशनल डेस्क। वोटर लिस्ट की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR के दौरान जिन लोगों के नाम छूट गए हैं, उन्हें अब वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए चुनाव आयोग ने खास अभियान चलाने का फैसला किया है। जिन 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR पूरा हो चुका है, वहां जिला चुनाव अधिकारी (DEO) और इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) स्पेशल ड्राइव चलाएंगे।
इस अभियान में सिर्फ SIR के दौरान छूटे वोटरों को ही नहीं, बल्कि हाल ही में 18 साल की उम्र पूरी कर चुके युवाओं और पहली बार वोट देने वाले लोगों को भी जोड़ा जाएगा। इसके लिए फॉर्म-6 भरना होगा।
घर-घर जाएंगे BLO
चुनाव आयोग ने कहा है कि इस अभियान के तहत बूथ लेवल ऑफिसर यानी BLO घर-घर जाएंगे। वे ऐसे लोगों की पहचान करेंगे, जिनका नाम SIR के दौरान या उसके बाद वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हो पाया।
अगर कोई व्यक्ति वोटर बनने के लिए योग्य पाया जाता है तो BLO फॉर्म-6 भरने में उसकी मदद करेंगे। BLO यह भी दर्ज करेंगे कि जिस व्यक्ति का नाम पहले छूटा था, उसकी मौजूदा स्थिति क्या है। यानी नाम जोड़ने से पहले व्यक्ति की पात्रता तय की जाएगी और आवेदन तय नियमों के मुताबिक ही प्रोसेस होगा।
आयोग ने BLO को हर हफ्ते ऐसे कम से कम 20-25 वोटरों तक पहुंचने का टारगेट दिया है। इस तरह करीब एक महीने में अभियान पूरा करने का प्लान है।
13 करोड़ नाम ड्राफ्ट रोल से हटे
SIR के दौरान अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से करीब 13 करोड़ नाम हटाए गए हैं। हालांकि, चुनाव आयोग के मुताबिक इसका मतलब यह नहीं है कि ये सभी 13 करोड़ लोग योग्य वोटर थे और गलती से उनके नाम काट दिए गए।
आयोग का कहना है कि SIR के दौरान कई तरह के मामलों में नाम हटे हैं और अब इस प्रोसेस के बाद जो योग्य वोटर छूट गए हैं, उन्हें लगातार अपडेट होने वाली प्रोसेस के तहत वोटर लिस्ट में शामिल होने का मौका दिया जाएगा।

गोवा में सामने आया था 97 वोटरों का मामला
SIR के बाद छूटे नामों को जोड़ने की चुनौती का एक उदाहरण गोवा में सामने आया था। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, वहां 649 लोगों ने वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के आवेदन किए थे। ERO और असिस्टेंट ERO ने इन मामलों की जांच की और इनमें से 97 लोगों को वोटर लिस्ट में शामिल करने के योग्य पाया।
रिपोर्ट के मुताबिक, गोवा के CEO ने 11 से 17 फरवरी के बीच 8 बार लेटर भेजकर इन 97 नामों को शामिल करने की सुविधा देने की मांग की, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। 21 फरवरी को जारी फाइनल वोटर लिस्ट में इन 97 लोगों के नाम नहीं थे।
बाद में गोवा CEO ने बताया कि इनमें से 88 लोगों के नाम वोटर लिस्ट में शामिल कर लिए गए हैं। 6 लोग विदेश में थे और 3 के पास पुर्तगाली पासपोर्ट था, इसलिए बाकी के नाम लिस्ट में नहीं जोड़े गए।
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