दो महीने में 6 रेड पांडा का बर्थ: सिक्किम के जू में पहली बार ऐसा हुआ, यहां 30 साल से ब्रीडिंग प्रोग्राम चल रहा; 10 साल पहले इंफेक्शन ने 12 पांडा की जान ली थी
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भारत में सबसे ज्यादा रेड पांडा अरुणाचल प्रदेश में पाए जाते हैं।
नेशनल डेस्क। सिक्किम के हिमालयन जूलॉजिकल पार्क में रेड पांडा के संरक्षण को लेकर बड़ी खुशखबरी सामने आई है। पार्क में जून और जुलाई के दौरान 6 रेड पांडा पैदा हुए, जो 30 साल पहले शुरू हुए ब्रीडिंग प्रोग्राम के बाद किसी एक साल में सबसे ज्यादा जन्म हैं।
इसे एक बड़ी अचीवमेंट माना जा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि कुछ साल पहले इसी पार्क में रेड पांडा की संख्या को बड़ा झटका लगा था। 2015 से 2017 के बीच कैनाइन डिस्टेंपर नाम की वायरल बीमारी से 12 रेड पांडा की मौत हो गई थी।
पहली बार एक साल में 6 बच्चे
'दी टेलीग्राफ' ने हिमालयन जूलॉजिकल पार्क के डायरेक्टर सांगय ग्यात्सो के हवाले से लिखा कि 1996 में रेड पांडा का कैप्टिव ब्रीडिंग प्रोग्राम शुरू हुआ था। इतने सालों में यह पहली बार है, जब एक साल में 6 रेड पांडा के बच्चे पैदा हुए हैं।
उन्होंने बताया कि जून और जुलाई में कुल 6 बच्चे पैदा हुए। इनमें से एक की मौत हुई लेकिन 5 पूरी तरह स्वस्थ हैं। इन बच्चों के जन्म की जानकारी तुरंत सार्वजनिक नहीं की गई क्योंकि रेड पांडा के जन्म के बाद शुरुआती दो महीने उनके लिए सबसे मुश्किल माने जाते हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, इस दौरान बच्चों के जिंदा रहने की संभावना करीब 40 से 50 फीसदी ही होती है। इसलिए उन्हें लोगों की नजरों से दूर और डॉक्टरों और जू के कर्मचारियों की निगरानी में रखा गया। करीब दो महीने तक लगातार मॉनिटरिंग के बाद शनिवार (19 सितंबर) को इनके जन्म की जानकारी सार्वजनिक की गई।

5 बच्चों में अभी दो की पहचान हुई
जू में बचे 5 बच्चों में से अब तक अधिकारियों ने एक को नर और एक को मादा के तौर पर पहचाना है। बाकी तीन बच्चों का सेक्स अभी पता नहीं चल पाया है। अधिकारियों के मुताबिक, रेड पांडा काफी शांत और छिपकर रहने वाले जानवर होते हैं। छोटे बच्चों की नाजुक हालत को देखते हुए उनकी ज्यादा जांच करना ठीक नहीं माना गया।
इन 5 बच्चों के बाद हिमालयन जूलॉजिकल पार्क में रेड पांडा की कुल संख्या 13 हो गई है। इनमें 6 मादा और 4 नर हैं, जबकि बाकी 3 नए बच्चों का सेक्स अभी तय नहीं हुआ है।
जंगलों में करीब 300 रेड पांडा
स्टेट फॉरेस्ट एंड इनवायरमेंट डिपार्टमेंट के एक अधिकारी के मुताबिक, सिक्किम के जंगलों में करीब 300 रेड पांडा होने का अनुमान है। देश में रेड पांडा की संख्या के मामले में सिक्किम का स्थान अरुणाचल प्रदेश के बाद दूसरा है।
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