PM मोदी से मिले शुभांशु शुक्ला: स्पेस से लाया तिरंगा गिफ्ट किया, प्रधानमंत्री बोले- भारत को अंतरिक्ष मिशन के लिए 40-50 एस्ट्रोनॉट चाहिए
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शुभांशु शुक्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फ्रेम किया हुआ तिरंगा गिफ्ट किया। ये वहीं तिरंगा है जो शुभांशु ISS अपने साथ लेकर गए थे।
इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) जाने वाले पहले भारतीय शुभांशु शुक्ला ने सोमवार (19 अगस्त) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। PM ने मिशन एक्सीओम-4 की सफलता पर शुभांशु शुक्ला को बधाई दी। इस मौके पर शुभांशु ने पीएम को अंतरिक्ष से लाया हुआ तिरंगा गिफ्ट किया। ये वहीं तिरंगा है जो शुभांशु अपने साथ स्पेस सेंटर लेकर गए थे। इसके साथ ही उन्होंने एक्सिओम-4 मिशन का मिशन पैच भी गिफ्ट किया ।
PM मोदी ने कहा- शुभांशु का एक्सपीरियंस भारतीय गगनयान मिशन के लिए वैल्युएबल है। भारत को अपने भविष्य के अंतरिक्ष मिशन के लिए 40 से 50 एस्ट्रोनॉट चाहिए।
शुभांशु ने प्रधानमंत्री के साथ शेयर किया अपना एक्सपीरियंस
प्रधानमंत्री ने आगे पूछा- इतनी बड़ी यात्रा करके वापस आते हैं तो काफी कुछ चेंज फील होता होगा। मैं समझना चाहता हूं, आप क्या अनुभव करते हैं ?
शुभांशु ने PM के साथ अपना अनुभव शेयर करते हुए कहा- अंतरिक्ष का वातावरण अलग है जहां ग्रेविटी नहीं है। वहां पहुंचने के बाद काफी कुछ चेंज होता है। आपका हार्ट स्लो हो जाता है। कुछ बदलाव होते हैं लेकिन चार पांच दिन में बॉडी यूज टू हो जाती हैं। फिर जब वापस आते है तो दोबारा वहीं चैंजेस होते है। आप चल नहीं सकते हैं। चाहे आप कितने ही स्वस्थ हों। जब मैं वापस लौटा और पृथ्वी पर पहला कदम रखा तो गिर रहा था तभी लोगो ने मुझे पकड़ा। दिमाग को नए वातावरण को समझने में टाइम लगता है।
दुनिया को पता है भारत स्पेस के क्षेत्र में क्या कर रहा है- शुभांशु
PM ने अंतरिक्ष यात्री शुभांशु से सवाल किया- भारतीयों को देखकर बाकी देश-दुनिया के लोग क्या सवाल करते हैं?
इस पर शुभांशु ने जवाब दिया- हर कोई मुझसे मिलकर खुश हुआ। दुनिया के लोगों को पता है भारत स्पेस के क्षेत्र में क्या कर रहा है। कई लोग थे जो मुझसे ज्यादा गगनयान को लेकर एक्साइटेड थे। मेरे एक साथी ने लिखवा कर लिया है कि जब भी गगनयान लॉन्च होगा आप मुझे इनवाइट करेंगे।
नेशनल स्पेस डे के सेलिब्रेशन में शामिल हो सकते हैं शुभांशु
एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला रविवार को भारत लौटे। इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) के ऐतिहासिक विजिट के बाद शुभांशु पहली बार भारत वापस आए। 22-23 अगस्त को नेशनल स्पेस डे के सेलिब्रेशन में हिस्सा ले सकते हैं। शुक्ला पिछले एक साल से ISS के लिए एक्सिओम-4 (Axiom-4) मिशन के लिए अमेरिका में थे।
इंडिया लौटने का बेसब्री से इंतजार
शुभांशु शुक्ला ने अपने इंस्टाग्राम पर एक फोटो पोस्ट किया था, जिसमें वे प्लेन में बैठे हैं और मुस्कुराते नजर आ रहे हैं। इस पोस्ट के कैप्शन में लिखा था कि अमेरिका छोड़ते वक्त मिक्स्ड इमोशंस है। सभी के साथ अपना अनुभव बांटने के लिए इंडिया लौटने का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं।
एस्ट्रोनॉट्स ने 18 दिन में किए 60 प्रयोग
स्पेस स्टेशन पर 18 दिन रहने के दौरान शुभांशु और उनके साथी एस्ट्रोनॉट्स ने कुल 60 वैज्ञानिक प्रयोग किए। 31 देशों की गतिविधियों को रिप्रेजेंट किया। इसके साथ ही यह ऐसा मिशन बन गया जिसमें सबसे ज्यादा देशों की भागीदारी रही। कई एक्सपेरिमेंट इंडियन बायोटेक्नोलॉजी किट के इस्तेमाल को लेकर भी किए गए। साथ ही लाइफ साइंस, स्पेस फार्मिंग और मेडिकल रिसर्च से जुड़े प्रयोग भी किए गए। इस मिशन को पूरा करने के साथ ही कैप्टन शुभांशु शुक्ला प्राइवेट स्पेसफ्लाइट से इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन विजिट करने वाले पहले भारतीय हैं। इसरो 2040 में गगनयान मिशन में शुभांशु शुक्ला के अनुभव का इस्तेमाल करेगा।
कौन है कैप्टन शुभांशु शुक्ला
39 वर्षीय शुभांशु शुक्ला एक ट्रेंड फाइटर पायलट हैं। वह इंडियन एयरफोर्स में लंबे समय से सेवा दे रहे हैं। ISRO ने उन्हें इस मिशन के लिए प्राइमरी कैंडिडेट चुना था। मिशन से पहले वह एक महीने से ‘क्वारनटीन प्रोटोकॉल’ में थे। स्पेस मिशन से पहले उनका स्वास्थ्य अच्छा रहे, इसलिए उन्हें क्वारनटीन प्रोटोकॉल में रखा गया था। कैप्टन शुक्ला को गगनयान (Gaganyaan) मिशन के लिए भी ट्रेन किया गया है।

