श्रेयस तलपड़े को सुप्रीम कोर्ट से राहत: चिटफंड मामले में गिरफ्तारी पर रोक; डबल पैसा करने का लालच देकर 9 करोड़ की ठगी का आरोप
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एक्टर श्रेयस तलपड़े को एक मल्टी मार्केटिंग फर्म से जुड़े धोखाधड़ी मामले में राहत।
एक्टर श्रेयस तलपड़े को चिटफंड मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। अदालत ने सोमवार को तलपड़े की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। एक्टर पर पैसे डबल करने का लालच देकर 9 करोड़ रुपये की ठगी करने के आरोप हैं। इस मामले में श्रेयस तलपड़े और अन्य के खिलाफ कई राज्यों में केस दर्ज हैं।
सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने एक्टर श्रेयस की ओर से दायर याचिका पर हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया। श्रेयस तलपड़े ने इस याचिका में सभी FIR को लखनऊ ट्रांसफर करने की अपील की है। इस मामले की अगली सुनवाई 29 अगस्त को की जाएगी।
क्या हैं एक्टर पर आरोप
श्रेयस तलपड़े और अन्य पर आरोप है कि वे ‘The Loni Urban Multistate Credit and Thrift Cooperative Society Limited के नाम की एक कंपनी चला रहे थे। इस कंपनी ने गांव के लोगों को निवेश करने पर दोगुना पैसा लौटाने का लालच दिया था। कंपनी के एजेंट्स ने जल्दी पैसे डबल होने का झांसा देकर सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये जमा करवाए थे। लेकिन बाद में कंपनी बंद हो गई और पैसे लेकर फरार हो गई।

महोबा में 10 साल से चल रही थी स्कीम और एफआईआर
उत्तर प्रदेश के महोबा में यह योजना पिछले 10 साल से चल रही थी, लेकिन इस साल फरवरी में मामला उजागर हुआ। तब श्रेयस तलपड़े और अभिनेता आलोक नाथ समेत 5 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें उन पर 9 करोड़ रुपये से ज़्यादा की धोखाधड़ी का आरोप है। यह एफआईआर लखनऊ के गोमती नगर थाने में दर्ज की गई।
इससे पहले श्रेयस तलपड़े, आलोक नाथ और 11 अन्य के खिलाफ हरियाणा के सोनीपत में भी एक ऐसा ही मामला दर्ज हो चुका है। बताया गया है कि श्रेयस तलपड़े और आलोक नाथ ने इस योजना का प्रचार किया था, जिससे लोगों को उस पर भरोसा हो गया और उन्होंने पैसे लगा दिए, लेकिन यह स्कीम फर्जी निकली।

