खराब दाल परोसने पर शिवसेना विधायक ने पीटा: कैंटीन ऑपरेटर से मारपीट का वीडियो वायरल; विधायक बोले- बालासाहेब ठाकरे ने यही भाषा सिखाई
Published:
3 min read

खराब दाल परोसने पर शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ ने पीटा
महाराष्ट्र में शिवसेना (शिंदे गुट) के विधायक संजय गायकवाड़ ने खराब दाल परोसने पर कैंटीन संचालक के साथ जमकर मारपीट की। विधायक ने कैंटीन संचालक पर जमकर थप्पड़ और घूंसें बरसाए। कैंटीन संचालक के साथ मारपीट का वीडियो वायरल हो रहा है। जब इस घटना के बारे में गायकवाड़ से पूछा गया तो उन्होंने कहा, मैंने उसी भाषा में जवाब दिया, जो हमें बालासाहेब ठाकरे ने सिखाई है।
घटना मुंबई के चर्चगेट स्थित आकाशवाणी एमएलए कैंटीन की है। संजय गायकवाड़ बुलढाणा से शिवसेना विधायक है। उन्होंने कैंटीन से एक थाली ऑर्डर की थी। थाली आने पर विधायक ने देखा की दाल से बदबू आ रही है। इसके बाद वे गुस्से में कैंटीन पहुंच गए और पूछा कि दाल किसने बनाई है। गायकवाड़ ने कैंटीन में मौजूद स्टाफ से दाल सूघने को कहा।
वायरल वीडियो में गायकवाड़ कहते दिख रहे हैं, 'ये दाल मुझे किसने दी? जरा सूंघो इसे, पैक करो और फूड डिपार्टमेंट को फोन करो। जब तुम ये एक विधायक परोस रहे हो तो, बाकी आम लोगों को क्या देते हो?' इस पर कैंटीन में मौजूद एक व्यक्ति बोला, इसे खाकर कोई मर भी सकता है।
इसके बाद विधायक ने स्टाफ से कैंटीन संचालक को बुलाने के लिए कहा। कैंटीन संचालक के आने पर उन्होंने उससे दाल सूंघने को कहा। जैसे ही संचालक ने दाल सूंघने के लिए घुसा, विधायक ने उसे मारना शुरू कर दिया।
खाना खाने के बाद मुझे उल्टी हो गई- विधायक
विधायक संजय गायकवाड़ को अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, 'मैंने दाल, चावल और दो रोटी मांगी थी। इसमें जो दाल मुझे दी गई वो सिर्फ बासी नहीं थी, बल्कि सड़ी थी। मैंने कुछ निवाले खाए उसके बाद मुझे उल्टी हो गई। जिसके बाद बिना कपड़े बदले मैं कैंटीन गया। मैने मैनेजर से बोला जरा दाल सूंघो, उसके बाद उसने खुद माना कि दाल खराब है और खाने लायक नहीं है। मैं पिछले कई सालों से उन्हें ताजा खाना देने को बोल रहा हूं। उनके पास कई दिन पुराना चिकन और अंडे होते हैं। यहां लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। जब लोग शिकायत करते है तो ये लोग किसी की नहीं सुनते और न ही ध्यान देते हैं।
'विधानसभा में उठाउंगा मुद्दा'
गायकवाड़ ने कहा, जब कोई एक ही गलती बार बार दोहराए तब मैं बालासाहेब ठाकरे की भाषा में जवाब दूंगा जो उन्होंने हमें सिखाई है। मैं कोई गांधीवादी नहीं हूं, मुझे कोई पछतावा नहीं है। मुझे नहीं लगता कि मैने कुछ गलत किया है। मैं इस मुद्दे को विधानसभा में उठाउंगा।

