'50% टैरिफ वाशिंगटन की तरफ से हिडन मैसेज': ट्रम्प के ऐलान पर शशि थरूर बोले- अमेरिका ने फैसला नहीं बदला तो हमें भी लगाना होगा 50% टैरिफ
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कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा- अगर अमेरिका भारत को महत्व नहीं देता तो हम भी उन्हें क्यों महत्व दें। (फाइल फोटो)
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के भारत पर 50% टैरिफ की घोषणा पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। शशि थरूर ने कहा, अमेरिका की तरफ से लगाया गया 50% टैरिफ वॉशिंगटन की तरफ से हिडन मैसेज है।
भारत पर ट्रम्प के टैरिफ ऐलान का असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। इससे अमेरिका में भारतीय सामान महंगा हो जाएगा। इस पर शशि थरूर ने कहा, इससे हमें फर्क पड़ेगा, क्योंकि हम 90 बिलियन डॉलर का ट्रेड करते हैं। अगर हमारी चीजें 50% महंगी हो जाएंगी तो लोग खरीदने से पहले जरूर सोचेंगे। अगर हमारे प्रतिद्वंद्वी देश वियतनाम, पाकिस्तान, इंडोनेशिया, बांग्लादेश और चीन का सामान कम कीमत पर बिकेगा, तो इससे हमें फर्क पड़ेगा।
चीन को 90 दिन और भारत को सिर्फ 3 हफ्ते का वक्त- थरूर
थरूर ने ट्रेड मामले में चीन को लेकर कहा- 25% एडिशनल टैरिफ इस बहाने लगाया गया है कि हम रूस से तेल और पेट्रोलियम प्रोडक्ट खरीद रहे हैं। जबकि चीन हमसे दोगुना खरीद रहा है फिर भी चीन को 90 दिन का और हमें सिर्फ 3 हफ्ते का वक्त दिया गया।
'वॉशिंगटन की तरफ से कोई हिडन मैसेज'
कांग्रेस सांसद ने कहा- लगता है कि वॉशिंगटन की तरफ से कोई हिडन मैसेज दिया जा रहा है। सरकार को ध्यान से परिस्थिति को समझने के बाद ही जवाब देना चाहिए। जिन भारतीय लोगों ने अमेरिका की नागरिकता ली है, उन्हें भी आवाज उठानी चाहिए। उन्हें कहना चाहिए अमेरिकी सरकार भारत के खिलाफ जो कर रही है, वह सही नहीं है।
'हमें भी लगाना होगा 50% टैरिफ'
थरूर ने कहा, मैं नहीं चाहूंगा कि सिर्फ ट्रेड पर अमेरिका के साथ हम रिश्ता खराब करें लेकिन अगर अमेरिका भारत के साथ रिश्ते को महत्वपूर्ण नहीं समझता तो हमारे लिए अमेरिका महत्वपूर्ण क्यों होगा? अगर अमेरिका जल्द अपना फैसला नहीं बदलता तो हमें भी अमेरिका पर 50% टैरिफ लगाना चाहिए।
बुधवार रात भारत पर लगाया 25% एडिशनल टैरिफ
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार देर रात भारत पर 25% एडिशनल टैरिफ लगा दिया। इससे पहले उन्होंने 25% टैरिफ लगाया था। कुल मिलाकर अमेरिका ने भारत पर 50% टैरिफ लगा दिया है। ये दोनों टैरिफ 7 अगस्त और 27 अगस्त से लागू होंगे। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर एक पोस्ट कर ट्रम्प ने इसकी जानकारी दी।
ट्रम्प बोले- ये अमेरिकी किसानों के हित में
ट्रम्प ने कहा- आधी रात हो चुकी है और रेसिप्रोकल टैरिफ लागू कर दिया गया है। यह फैसला उन देशों के खिलाफ है जिन्होंने सालों तक हंसते-हंसते अमेरिका का फायदा उठाया। अब उनसे अमेरिका में बिलियन डॉलर टैरिफ से आने लगेंगे। भारत ने विरोध जताते हुए इसे अनफेयर, अनजस्टिफाइड और अनरिजनेबल बताया है।
भारत बोला- ट्रम्प का कदम अन्यायपूर्ण
भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा- पिछले दिनों अमेरिका ने रूस से भारत के ऑयल इम्पोर्ट को टारगेट किया था। हम इन मुद्दों पर पहले ही सफाई दे चुके हैं। इस फैक्ट के साथ कि हमारे इम्पोर्ट मार्केट फैक्टर्स पर डिसाइड होते हैं। 140 करोड़ भारतीयों की एनर्जी सिक्योरिटी को ध्यान में रखकर किए जाते हैं।
ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि अमेरिका हम पर एक्स्ट्रा टैरिफ लगा रहा है, जबकि कई और देश भी इस तरीके से ट्रेड कर रहे हैं। हम दोबारा कहते हैं कि ये एक्शन अनफेयर, अनजस्टिफाइड और अनरिजनेबल है। भारत अपने हितों की रक्षा करने के लिए जरूरी एक्शन लेगा।
इन सेक्टर्स पर होगा सबसे ज्यादा असर
अमेरिका के इस भारी टैरिफ का सबसे ज्यादा असर ऑटो पार्ट्स, पावर इक्विपमेंट, इंडस्ट्रियल मशीनरी, आयरन-स्टील प्रोडक्ट्स और सीफूड पर पड़ेगा। इन प्रोडक्ट्स पर अब टैरिफ 50% तक पहुंच गया है।
इससे भारत के टोटल एक्सपोर्ट के करीब 55% ट्रेड पर असर होगा। खासकर स्टील, गारमेंट्स और ज्वेलरी पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। फार्मास्युटिकल्स और कुछ इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट पर फिलहाल टैरिफ नहीं लगा है। लेकिन भविष्य में इन पर भी टैरिफ लग सकता है।
एक्सपोर्ट और GDP दोनों पर असर
एक्सपर्ट्स का कहना है कि कुल मिलाकर, इस फैसले से भारत के अमेरिका को होने वाले एक्सपोर्ट और GDP दोनों पर असर पड़ेगा। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक करीब 8.1 बिलियन डॉलर की एक्सपोर्ट वैल्यू पर असर पड़ेगा, अनुमान है कि कुल एक्सपोर्ट पर 1.87% और GDP पर 0.19% असर पड़ेगा
ट्रम्प की ओर से शुरू किया टैरिफ वॉर अमेरिका फर्स्ट पॉलिसी को दोबारा उभारने की कोशिश है। ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स के मुताबिक, इस कदम से अमेरिका का औसत टैरिफ स्तर 15.2% तक पहुंच जाएगा, जो सेकंड वर्ल्ड वॉर के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है।

