हमें खुद से पूछने की जरूरत, हम कहां फेल हुए: थरूर ने माना- NEET पेपर लीक पर कांग्रेस से ज्यादा असरदार रहा CJP प्रदर्शन
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शशि थरूर ने कहा कि CJP ने जो मुद्दे उठाए, वे हम पहले से उठा रहे थे।
नेशनल डेस्क. कांग्रेस नेता शशि थरूर ने शुक्रवार को कहा है कि कॉकरोच जनता पार्टी ने NEET पेपर लीक पर विरोध प्रदर्शन में जो मुद्दे उठाए, वे सभी कांग्रेस के 'छात्रों की गूंज' अभियान में पहले से शामिल थे। इसके बावजूद कांग्रेस को CJP की तरह रिस्पॉन्स नहीं मिला।
उन्होंने मुंबई में इंडिया इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइटेड नेशन (IIMUN) की 15वीं एनिवर्सिरी के मौके पर बातचीत में कहा- CJP ने जंतर-मंतर से जो मुद्दे उठाए। हम राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम के जरिए ये सभी मुद्दे पहले से उठा रहे थे।
'आत्मचिंतन की जरूरत'
थरूर ने इस बात पर सहमति जताई कि कांग्रेस का स्टूडेंट प्रोटेस्ट उतना प्रभावी नहीं रहा, जितना CJP का विरोध रहा। उन्होंने कहा- हमें खुद से पूछना होगा कि हम क्या करने में असफल रहे? क्या हम सुनने में असफल रहे? क्या हम Gen-Z की नब्ज को टटोलने में नाकाम रहे।
20 जून को शुरू हुआ था CJP प्रोटेस्ट
CJP ने NEET पेपर लीक के मुद्दे पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के साथ 20 जून को प्रोटेस्ट शुरू किया था। हालांकि, ये प्रदर्शन तब और तेज हो गया, जब एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक स्टूडेंट्स के समर्थन में भूख हड़ताल पर बैठ गए। इसके बाद कई और स्टूडेंट्स ने भी अनशन शुरू किया।
इसके बाद CJP ने 20 जुलाई को संसद मार्च बुलाया। हालांकि, इससे कुछ दिन पहले ही दिल्ली पुलिस ने वांगचुक को जंतर मंतर से हटाकर अस्पताल में एडमिट कराया। 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच झड़प भी हुई। पुलिस पर लाठीचार्ज, पैलेट गन और आंसू गैस के गोले दागने का आरोप लगा।
कांग्रेस का प्रदर्शन कैसा रहा
NEET पेपर लीक पर सबसे पहले आवाज कांग्रेस के छात्र संगठन (NSUI) ने उठाई थी। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, 12 मई को NSUI ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किया था। उधर, राहुल गांधी ने 17 जून को कोटा में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को संबोधित दिया। इसके बाद उन्होंने देहरादून में छात्रों से बात की।
हालांकि, कांग्रेस ने शुरुआत में CJP के प्रोटेस्ट से दूरी बनाकर रखी। संसद मार्च से कुछ दिन पहले तक किसी भी कांग्रेस नेता ने इसे लेकर कोई बयान नहीं दिया। हालांकि, बाद में पवन खेड़ा वांगचुक से मुलाकात करने जंतर मंतर पहुंचे थे। इसके बाद वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाए जाने को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार को घेरा। 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान लाठीचार्ज के विरोध में राहुल गांधी ने पीएम आवास के सामने धरना भी दिया था।

