संजय राउत ने सुप्रीम कोर्ट में माफी मांगी: सुप्रीम कोर्ट के जजों पर आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर CJI ने लगाई थी फटकार, अवमानना नोटिस भेजा था
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शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद संजय राउत (फाइल फोटो)
नेशनल डेस्क. शिवसेना (उद्धव ठाकरे) के सांसद संजय राउत ने शनिवार को कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट का सम्मान करते हैं और न्याय की मांग करते रहेंगे। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने संजय राउत और पत्रकार निखिल वागले को CJI सूर्यकांत और न्यायपालिका पर दिए बयान को लेकर नोटिस भेजा था।
संजय राउत ने कहा- सुप्रीम कोर्ट कोई फैसला सुनाता है, हमें मान्य हो या नहीं फिर भी हमें उसे मानना पड़ता है। अगर सुप्रीम कोर्ट या किसी कोर्ट को लगता है कि हमारी बात से अवमानना हुई है, तो हमारा कर्तव्य बनता है कि न्यायालय का सम्मान करो और माफी मांगों। आप बड़े हैं, संविधान के रक्षक हैं।
हमें न्याय की अपेक्षा- संजय राउत
राउत ने कहा- लेकिन मैंने क्या गलत कहा। मैंने जो बात कही थी, वह बहुत लोगों ने कई बार कही थी। अब उस पर खुलासा हुआ कि वह गलत थी। उस समय किसी ने खुलासा नहीं किया था। नहीं तो हम वो बात नहीं कहते। अब हमने जवाब दिया है, उस बयान को लेकर। हम सुप्रीम कोर्ट का सम्मान करते हैं। हमें न्याय की अपेक्षा है। जिस तरह से डकैती करके हमारी पार्टी और सिबंल चुराया गया। चार-साढ़े चार साल से हम न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा रहे हैं। चुनाव आयुक्त बदल गए। चीफ जस्टिस बदल गए चार। हमें न्याय नहीं मिल रहा है, हम न्याय की गुहार लगाते रहेंगे।
उन्होंने कहा- देश में 13 करोड़ वोट काटे गए। हम उनके हक और अधिकार के लिए लड़ेंगे। उन्हें भी न्याय मिलना चाहिए। अगर मेरे माफी मांगने से न्याय मिल जाएगा तो मैं 10 बार माफी मांग लूंगा।
कोर्ट ने राउत को कारण बताओ नोटिस भेजा था
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने संजय राउत और पत्रकार निखिल को कारण बताओ नोटिस भेजा था कि उनके CJI और न्यायपालिका को लेकर दिए बयान को लेकर खिलाफ आपराधिक अपमानना का केस क्यों न चलाया जाए। CJI सूर्यकांत ने नोटिस भेजते हुए कहा था- जब व्यक्तिगत स्वतंत्रता या किसी भी अधिकार को खतरा होता है, तो बचाव के लिए कोर्ट का रुख किया जाता है। संभवता कोर्ट ने उन अधिकारों की रक्षा करने में कभी भी कोई कमी नहीं छोड़ी है। और अगर वही लोग अदालतों की निंदा करते हैं, आलोचना करते हैं, उन पर बेवजह आरोप लगाते हैं, तो यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। बहुत-बहुत दुर्भाग्यपूर्ण। उम्मीद है कि समझदारी से काम लिया जाएगा। हम सिर्फ प्रार्थना ही कर सकते हैं।
क्या कहा था राउत ने
दरअसल, CJI ने राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी नेताओं से CEC ज्ञानेश कुमार के संबंध में मुलाकात करने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने सभी नेताओं को याचिका दाखिल करने के लिए कहा था। CJI के इनकार के बाद संजय राउत और निखिल दिए बयानों पर कोर्ट ने ये कार्यवाही की थी। निखिल ने X पर CJI के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। वहीं, राउत ने विपक्षी नेताओं से मुलाकात न करने पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया था कि जज बीजेपी नेताओं द्वारा आयोजित राजनीतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया था कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के 80% जज लंदन में राजनेताओं के साथ बैडमिंटन खेलते हैं।

