संभल हिंसा पर CM योगी को रिपोर्ट सौंपी: दावा- दंगों ने जिले की डेमोग्राफी बदली; आजादी के वक्त 45% हिंदू थे, अब महज 15%
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जून में हुई संभल हिंसा में पांच लोग मारे गए थे। इसके बाद राज्य सरकार ने जांच कमीशन बनाया था।
उत्तर प्रदेश के संभल में पिछले साल हुई हिंसा की रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप दी गई है। जांच आयोग ने 450 पेज पब्लिक किए हैं। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, रिपोर्ट में कहा गया है कि आजादी के समय संभल नगरपालिका में 55% मुस्लिम और 45% हिंदू रहते थे। लेकिन अब संभल नगर पालिका में सिर्फ 15% हिंदू ही रह गए हैं। यहां पर 85% मुस्लिम हैं। रिपोर्ट के मुताबिक- दंगों और तुष्टिकरण की नीति ने जिले की डेमोग्राफी बदल दी है।
संभल में 24 नवंबर 2024 को कोर्ट के आदेश पर प्रशासन की टीम शाही जामा मस्जिद का सर्वे करने पहुंची थी। सर्वे को लेकर दंगे भड़क गए थे। इसमें 5 लोगों की मौत हुई थी, जबकि कई लोग घायल हुए थे। पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया था। 400 लोगों पर FIR दर्ज की थी। इसके बाद यूपी सरकार ने न्यायिक जांच के आदेश दिए थे।
जांच रिपोर्ट में विदेशी हथियारों का खुलासा
आजादी के बाद से संभल में 15 से अधिक दंगे हो चुके हैं। रिपोर्ट में यह भी लिखा है कि दंगे वाली जगह और आरोपियों के पास कई विदेशी हथियार बरामद हुए हैं। ये UK, अमेरिका और जर्मनी में बने थे। UP पुलिस की स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (SIT) ने 6 मामलों में 4,000 पेज की चार्जशीट पेश की है।
रिपोर्ट जारी होने के बाद भाजपा प्रवक्ता ने सोशल मीडिया X पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा- जांच रिपोर्ट में पता चला है कि संभल नगर निगम में हिंदुओं की आबादी 45% से 15% हो गई है। 1947- 45%, अब 15% डेमोग्राफी ही डेमोक्रेसी की डेस्टिनी है।
जिला आतंकियों का अड्डा बना- रिपोर्ट
रिपोर्ट के मुताबिक, संभल में 1947, 1948, 1953, 1958, 1962, 1976, 1978, 1980, 1990, 1992, 1995, 2001, 2019 में दंगे हुए। जिला कई आतंकवादी संगठनों का अड्डा बन चुका है। अलकायदा, हरकत उल मुजाहिद्दीन जैसे आतंकवादी संगठन संभल में पैर जमा चुके थे।
अमेरिका ने जिस मौलाना आसिम उर्फ सना उल हक को आतंकवादी घोषित किया था। उसका भी लिंक संभल से था। जिले में अवैध हथियार और नारकोटिक्स गैंग पहले से एक्टिव हैं। रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि अब उनपर एक्शन हो रहे हैं और इलाके में शांति है।

