सचिन पायलट की रिपोर्ट के बाद राजा वडिंग का इस्तीफा: पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की तैयारी, ये नाम चर्चा में
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पंजाब में राजा अमरिंदर सिंह (लेफ्ट) और चरणजीत चन्नी (राइट) के बीच लंबे समय से मतभेद चल रहे थे। पार्टी के अंदर गुटबाजी को खत्म करने के लिए आलाकमान ने सचिन पायलट को प्रभारी बनाया था।
नेशनल डेस्क. पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से चल रही गुटबाजी के बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के अपने पद से इस्तीफा देने की खबरें हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के मुताबिक, पंजाब के प्रभारी बनाए गए सचिन पायलट की ओर से हाईकमान को सौंपी गई रिपोर्ट के बाद राज्य में नेतृत्व परिवर्तन का रास्ता साफ हुआ। पार्टी अगले 24 से 48 घंटे में नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम का ऐलान कर सकती है।
सचिन पायलट ने नेताओं से लिया फीडबैक
कांग्रेस ने 5 सितंबर को सचिन पायलट को पंजाब का प्रभारी नियुक्त किया था। उन्होंने पंजाब कांग्रेस के नेताओं के साथ दिल्ली में अलग-अलग बैठकें कीं और उनके बीच चल रहे मतभेदों और संगठन से जुड़ी शिकायतों पर फीडबैक लिया। इसके बाद पायलट ने पंजाब का दौरा भी किया और अलग-अलग गुटों के अलावा सीनियर नेताओं से भी बातचीत की।
NDTV की रिपोर्ट में पार्टी सूत्रों के हवाले से बताया गया, हाईकमान ने पायलट को पंजाब कांग्रेस के भीतर चल रहे विवाद और असंतोष को दूर करने की जिम्मेदारी दी थी। पायलट की रिपोर्ट में संगठन की स्थिति और नेताओं के बीच मतभेदों का जिक्र किया गया। इसके बाद हाईकमान ने प्रदेश अध्यक्ष बदलने को मंजूरी दी।
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लंबे समय से वडिंग के खिलाफ उठ रहे थे सवाल
राजा वडिंग के नेतृत्व को लेकर पंजाब कांग्रेस में पिछले कई महीनों से असहमति सामने आ रही थी। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत विरोधी खेमे के नेताओं ने कई बार नेतृत्व में बदलाव की मांग की थी। पार्टी के भीतर चल रही खींचतान कई मौकों पर सार्वजनिक भी हुई।
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खास बात यह है कि कांग्रेस हाईकमान ने 1 जुलाई को ही वडिंग को प्रदेश अध्यक्ष पद पर बनाए रखने का फैसला किया था। उस समय चरणजीत सिंह चन्नी को कैंपेन कमेटी और विजय इंदर सिंगला को चुनाव प्रबंधन समिति की जिम्मेदारी दी गई थी। हालांकि, यह व्यवस्था पार्टी के अंदर चल रहे मतभेदों को खत्म नहीं कर सकी।
कौन बन सकता है नया प्रदेश अध्यक्ष?
राजा वडिंग के बाद नए प्रदेश अध्यक्ष के लिए कई नाम चर्चा में हैं। इनमें पूर्व मंत्री विजय इंदर सिंगला का नाम सामने आ रहा है। इसके अलावा जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह और गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा के नाम भी चर्चा में हैं। विजय इंदर सिंगला हिंदू समुदाय से आते हैं, जबकि परगट सिंह और सुखजिंदर सिंह रंधावा जाट सिख समुदाय से हैं।

