कर्नाटक की गुफा में मिली रूसी महिला: दो बच्चे भी थे साथ; बोली- हम वहां मरने के लिए नहीं गए थे, 20 से ज्यादा देशों में जंगलों में रह चुकी
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रुसी महिला नीना कुटिना अपनी दोनों बेटियों के साथ।
कर्नाटक के गोकर्ण में एक रूसी महिला और दो बेटियों का पुलिस ने एक गुफा से रेस्क्यू किया था। अब महिला का बयान सामने आया है। उसका कहना है कि वह गुफा में मरने के लिए नहीं आई थी। उसकी बेटियां भी गुफा में खुश थी। उन्हें वहां अच्छी चीजें सीखने को मिली है। महिला ने इसे जिंदगी का सबसे अच्छा एक्सपीरेंस बताया। गुफा में कई सांप भी थे लेकिन उन्होंने कभी नुकसान नहीं पहुंचाया। रूसी महिला और 2 बच्चें बेंगलुरु के तुमकुरु रेस्क्यू सेंटर में है। उन्हें बेंगलुरु के विदेशी नागरिक डिटेंशन सेंटर ले जाया जाएगा। फिर रूस भेजा जाएगा।
बिजनेस वीजा पर भारत आई थी महिला
40 साल की रूसी महिला नीना कुटिना और उनकी दो बेटियां प्रेमा (6 साल) और एमा (4 साल) गुफा में कई दिनों से रह रहीं थी। पुलिस ने बताया कि महिला गुफा में हिंदू धर्म की पूजा और मेडिटेशन करती थी। नीना 18 अक्टूबर 2016 से 17 अप्रैल 2017 तक भारत में बिजनेस वीजा पर आई थी। गोवा फॉरेनर रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस ने (FRRO) 19 अप्रैल 2018 में एग्जिट परमिट जारी किया था। वह कुछ दिन के लिए नेपाल गई थी। सितंबर 2018 में महिला भारत वापस लौट आई।
'यह जिंदगी का सबसे अच्छा अनुभव'
महिला ने गुफा में अपनी जिंदगी जीने के बारे में बात की। उसने ANI से बात करते हुए कहा कि गुफा में प्रकृति और जंगल के बीच रहना उसके जीवन का सबसे अच्छा अनुभव है। हम यहां मरने के लिए नहीं आए थे। मेरी बेटियां भी गुफा में बहुत खुश थी, यहां उनके लिए वॉटरफॉल थे, उनके पास रहने के लिए अच्छी जगह थी, उन्होंने वहां पर आर्ट, मिट्टी की मूर्तियां बनाना और पेंटिंग सीखी। वह गुफा के अंदर गैस पर अच्छा खाना बनाती थी। नीना कुटिना ने कहा कि उनके लिए वहां सबकुछ अच्छा था, हम गुफा में खुश थे और अच्छे कपड़े पहनते थे।
मेरे बच्चे पहली बार अस्पताल आए- रूसी महिला
महिला ने कहा कि जो बातें मीडिया में चल रही है, वह सब सच नहीं हैं। हम भूख से मरने वाले नहीं थे। मेरे सोशल मीडिया हैंडल पर अपनी गुफा में रहने के अनुभव के शेयर किया है। इनमें हमारी लाइफ के बहुत अच्छे एक्सपीरेंस हैं। वह 20 से ज्यादा देशों में रही हैं, अलग-अलग जंगलों में दिन बिताएं हैं। कुटीना ने कहा कि उसके बच्चे पहली बार अस्पताल आए हैं, वह जीवन में एक बार भी बीमार नहीं पड़े। अभी उनके बच्चे पूरी तरह से स्वस्थ्य हैं।
गुफा में सांपों ने कभी नुकसान नहीं पहुंचाया
रुसी महिला ने बताया कि गुफा गांव के करीब है और पूरी तरह से सुरक्षित है। हम खाने-पीने का जरूरी सामान गांव की एक दुकान से खरीदते थे। गुफा से समुद्र का सुंदर किनारा भी दिखता है। कोई भी टूरिस्ट 3 मिनट में गुफा तक पहुंच सकता है। महिला ने बताया कि गुफा में कई बार सांप भी दिखते थे, लेकिन उन्होंने कभी नुकसान नहीं पहुंचाया।
पहली बार 2017 में भारत आई थी रूसी महिला
पुलिस के मुताबिक कुटिना का पासपोर्ट खत्म हो चुका है। वह 2017 में भारत आई थी। रशियन वुमन का कहना है कि उनके पास मेरा पुराना पासपोर्ट है। हालांकि वीजा अभी कुछ दिन पहले ही खत्म हुआ है। वह 2017 के बाद भी कई देशों की यात्रा पर थी। इसके बाद वह भारत आई। उन्होंने कहा कि उनके बेटे की जन्म के बाद मौत हो गई। इसलिए भारत में रही। वह कुछ दिन और यहां रुकना चाहती थी। कुटिना ने कहा कि उसका जन्म रशिया में हुआ लेकिन वह वहां 15 साल रही। उसने कोस्टा रिका, मलेशिया, बाली, थाईलैंड, नेपाल, यूक्रेन सहित कई देशों की यात्राएं की।

