बेंगलुरु भगदड़: घटना के लिए RCB जिम्मेदार, सेंट्रल ट्रिब्यूनल ने पुलिस को बताया निर्दोष, IPS का सस्पेंशन रद्द
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चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई थी।
केंद्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल ने बेंगलुरु में हुई भगदड़ के लिए RCB को दोषी ठहराया है। NDTV की खबर के मुताबिक, ट्रिब्यूनल ने कहा कि रॉयल चैलेंजर बेंगलुरु (RCB) ने IPL विक्ट्री सेलेब्रेशन के लिए सोशल मीडिया पर लोगों को इंवाइट किया था। जिससे चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर भीड़ जमा हो गई थी। पुलिस को व्यवस्था संभालने का मौका ही नहीं मिला। आईपीएल में जीत के बाद स्टेडियम के बाहर भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई थी।
ट्रिब्यूनल के ऑर्डर के मुताबिक, RCB ने उचित अनुमति और पुलिस सहमति नहीं ली थी। अचानक उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी और इसके बाद लोग बड़ी संख्या में एकत्र हो गए। इतने कम समय में पुलिस इतनी भीड़ के हिसाब से उचित व्यवस्था नहीं कर सकी। इसके लिए पुलिस से यह उम्मीद नहीं की जा सकती की वह 12 घंटे में पर्याप्त व्यवस्था कर दे।
RCB के सीईओ ने 3 जून को पुलिस कमिश्नर को ईमेल करके बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर विजयी जूलूस की जानकारी दी थी। पुलिस की तरफ से समय की कमी के चलते E-मेल का औपचारिक जवाब नहीं दिया गया।
IPS अधिकारी का सस्पेंशन रद्द
साथ ही रिपोर्ट में कहा गया कि पुलिसकर्मी भी इंसान हैं। वे कोई भगवान और जादूगर नहीं है। उनके पास ‘अलादीन का चिराग’ जैसी जादुई शक्तियां नहीं है, जिससे वह एक उंगली से सब की इच्छा पूरी कर दें। सेंट्रल ट्रिब्यूनल ने IPS अधिकारी विकास कुमार के सस्पेंशन को रद्द कर दिया। विकास कुमार को भगदड़ मचने के मामले में दो दिन पहले ही सस्पेंशन अप्रूव किया था। ट्रिब्यूनल ने कहा कि सस्पेंशन की अवधि को सर्विस में जोड़ा जाए।
IG विकास कुमार वेस्ट बेंगलुरु से अतिरिक्त कमिश्नर हैं। जब चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर भगदड़ हुई तब विकास कुमार को वहां प्रभारी नियुक्त किया गया था। ट्रिब्यूनल ने सरकार से दो अन्य ऑफिसर बेंगलुरु कमिश्वर बी दयानंदा और डिप्टी कमिश्वर शेखर एच टेक्कन्नावर का सस्पेंशन रद्द करने का सुझाव दिया है।

