बिना जेब वाली भगवा ड्रेस, गर्भगृह में मोबाइल बैन: राम मंदिर में चंदा चोरी के बाद दान की गिनती करने वाले कर्मचारियों के लिए नई व्यवस्था लागू
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अयोध्या राममंदिर में चंदा चोरी मामले में 8 लोग गिरफ्तार हुए थे.
नेशनल डेस्क. राम मंदिर में दान और चढ़ावे की गिनती से जुड़ी व्यवस्था को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने कई नए कदम उठाए हैं। अब दान की राशि गिनने वाले कर्मचारियों को बिना जेब वाली भगवा रंग की जंपसूट ड्रेस पहननी होगी। इसके अलावा मंदिर के गर्भगृह और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में मोबाइल फोन ले जाने पर भी रोक लगा दी गई है। कर्मचारियों की एंट्री और बाहर निकलने के दौरान पहले से ज्यादा सख्ती से जांच की जाएगी।
दान की गिनती करने वाले कर्मचारियों की जांच होगी
नई व्यवस्था के तहत कैश काउंटिंग से जुड़े कर्मचारियों को ऐसी जंपसूट ड्रेस पहनाई जाएगी, जिसमें कोई जेब नहीं होगी। इसका उद्देश्य कर्मचारियों के पास नकदी या अन्य सामान छिपाकर ले जाने की किसी भी संभावना को कम करना है। कर्मचारियों की निर्धारित काउंटिंग एरिया में प्रवेश से पहले और बाहर निकलने के बाद जांच की जाएगी। दान की राशि से जुड़े संवेदनशील क्षेत्रों में निजी सामान ले जाने पर भी प्रतिबंध लगाया जा रहा है।
गर्भगृह में मोबाइल बैन
ट्रस्ट ने मंदिर के गर्भगृह समेत अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल और उसे साथ ले जाने पर भी बैन लगाया है। कर्मचारियों और संबंधित स्टाफ को प्रतिबंधित क्षेत्रों में एंट्री से पहले अपने मोबाइल फोन और निजी सामान बाहर रखना होगा।
ट्रस्ट की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों की तलाशी, CCTV निगरानी और एक्सेस कंट्रोल को भी सख्त किया जा रहा है।

चंदा चोरी के बाद बढ़ाई गई निगरानी
राम मंदिर में चंदा चोरी और अनियमितताओं को लेकर जांच के बाद इन बदलावों को अहम माना जा रहा है। विशेष जांच दल (SIT) ने मामले की जांच के दौरान CCTV फुटेज समेत अन्य सबूतों की पड़ताल की थी। जांच में कथित तौर पर तलाशी, निगरानी और प्रतिबंधित क्षेत्रों तक पहुंच से जुड़े कुछ सुरक्षा संबंधी खामियां मिली थीं।
दान की गिनती में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल
ट्रस्ट मैनुअल कैश काउंटिंग पर निर्भरता कम करने के लिए तकनीक आधारित सिस्टम लागू करने की दिशा में भी काम कर रहा है। इसके लिए एक IIT और दो बैंकों की ओर से दिए गए प्रस्तावों पर विचार किया गया है। टेक्नोलॉजी आधारित कैश-काउंटिंग सिस्टम लागू होने से दान की गिनती की प्रक्रिया को अधिक तेज और पारदर्शी बनाने के साथ-साथ इसमें कर्मचारी हस्तक्षेप कम किया जाएगा।
एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा बने पहले CEO
ये बदलाव श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में फेरबदल के बाद हुए। रिटायर्ड एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा ने ट्रस्ट के पहले CEO के तौर पर 21 सितंबर को अयोध्या में कार्यभार संभाला। वह अप्रैल 2026 में भारतीय वायुसेना की पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख पद से रिटायर हुए थे।

