कैंडिडेट से पूछा- जनेऊ पहनते हैं? वेजेटेरियन हैं?: राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए इंटरव्यू; 18 लोग स्क्रीनिंग के बाद चुने गए
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CEO पद के लिए उम्मीदवारों का इंटरव्यू 3 सदस्यों की टीम ले रही है। बुधवार को भी इंटरव्यू लिए जा रहे हैं।
नेशनल डेस्क. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले फुल-टाइम CEO पद के लिए इंटरव्यू देने वाले उम्मीदवारों से उनके धार्मिक रीति रिवाज, खान-पान की आदतों और वे जनेऊ पहनते हैं, इस बारे में सवाल पूछे गए हैं। मंगलवार को 8 कैंडिडेट का इंटरव्यू लिया और हर इंटरव्यू 40 से 50 मिनट तक चला।
CEO पद के उम्मीदवारों से ये सवाल पूछे गए
क्या आप कट्टर हिंदू हैं या सिर्फ धर्म पर आस्था रखते हैं? क्या आप जनेऊ पहनते हैं, चोटी रखते हैं और वेजेटेरियन हैं? कैंडिडेट से ऐसे सवाल पूछे गए। शराब पीने की आदतों के बारे में भी सवाल पूछे गए और इंटरव्यू पैनल ने जानना चाहा कि क्या वे शराब से दूर रहते हैं। इसके अलावा कैंडिडेट से हिंदू धार्मिक रीति-रिवाजों के पालन के बारे में भी पूछा गया, जिसमें यह भी शामिल था कि क्या वे धार्मिक परंपराओं के अनुसार कपड़े पहनते हैं।
वहीं इंटरव्यू सिर्फ पर्सनल फेथ से जुड़े सवालों के अलावा कैंडिडेट को उनकी लीडरशिप स्किल्स, धार्मिक और सोशल एक्टिविटी में भागीदारी, और राम मंदिर के लिए उनका विजन और वर्क प्लान पर ऑब्जर्व किया गया।
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5300 लोगों ने अप्लाई किया
अयोध्या के राम मंदिर ट्रस्ट में CEO की कुर्सी के लिए 5300 से ज्यादा लोगों ने अप्लाई किया था। इनमें से स्क्रीनिंग के बाद सिर्फ 18 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए चुना गया है। इन उम्मीदवारों का इंटरव्यू बुधवार को राम मंदिर परिसर में हो रहा है। रिपोर्ट्स हैं कि इस पद के लिए ऐसे उम्मीदवार को प्राथमिकता मिलेगी, जिसे प्रशासन और बड़े संस्थानों को संभालने का अनुभव हो।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, CEO पद के लिए उम्मीदवारों का इंटरव्यू 3 सदस्यों की टीम ले रही है। इसमें पूर्व जस्टिस प्रमोद कोहली, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और शिरडी साईं बाबा ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन सुरेश हावरे शामिल हैं।
CEO बनने के लिए क्या हैं शर्तें?
रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से लिखा या है कि ट्रस्ट ने इस पद के लिए कुछ खास शर्तें तय की हैं। इनके मुताबिक, उम्मीदवार का हिंदू धर्म को मानने वाला और हिंदू परंपराओं और नियमों का पालन करने वाला होना जरूरी है। शुद्ध शाकाहारी होना और शराबी न होना भी इसके पैमाने हैं। उम्र 50 से 70 साल तय की गई है। इसी आधार पर अब तक छंटनी हुई है और आगे भी सिलेक्शन की यही कसौटी रहेगी। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के CEO की जिम्मेदारी सिर्फ मंदिर के रोजमर्रा के काम देखने तक सीमित नहीं है। वह राम मंदिर के प्रशासन, मैनेजमेंट और ट्रस्ट से जुड़े बिजनेस को भी संभालता है।
राम मंदिर ट्रस्ट को CEO की जरूरत क्यों पड़ी?
राम मंदिर ट्रस्ट में CEO नियुक्त करने का फैसला ऐसे वक्त में लिया गया, जब जून के पहले हफ्ते में मंदिर के दान की रकम में गड़बड़ी का मामला सामने आया था। दान काउंटिंग से लेकर मंदिर के मैनजमेंट में हुई अनियमितताओं को दूर करने के लिए यह फैसला लिया गया। ट्रस्ट को उम्मीद है कि CEO की नियुक्ति से मंदिर के प्रशासन और आर्थिक मामलों को ज्यादा व्यवस्थित तरीके से संभाला जा सकेगा।

