महिला सशक्तिकरण पर राहुल गांधी के पोस्ट पर सियासी जंग: रिजिजू बोले- वुमन रिजर्वेशन का भी सपोर्ट कर दो, जवाब मिला- 3 साल पहले ही कर चुके
Published:
4 min read

संसद में मानसून सत्र अब तक पूरी तरह से हंगामे से भरा रहा है। ऐसे में केन्द्र सरकार परिसीमन बिल पर चर्चा के लिए विशेष सत्र बुलाने की तैयारी में है।
नेशनल डेस्क। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के महिला सशक्तिकरण को लेकर किए गए सोशल मीडिया पोस्ट पर सियासी जंग छिड़ गई है। राहुल गांधी ने महिलाओं को खुलकर अपनी बात रखने और हर क्षेत्र में आगे बढ़ने की आजादी देने की बात कही थी। इस पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस को महिला आरक्षण कानून का भी बिना शर्त समर्थन करने की चुनौती दे दी।
रिजिजू के इस बयान पर राहुल गांधी का भी पलटवार आया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस महिला आरक्षण का समर्थन तीन साल पहले ही कर चुकी है। उन्होंने यह भी पूछा कि जब 2023 में इस मामले में कानून सर्वसम्मति से पास हो चुका है, तो अब तक इसे लागू क्यों नहीं किया गया।
राहुल बोले- महिलाओं की आवाज दबाई नहीं जानी चाहिए
राहुल गांधी ने शुक्रवार (7 अगस्त) को सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया। उन्होंने कहा- भारत की महिलाओं में बहुत एनर्जी है, लेकिन उन्हें अपनी बात रखने का पूरा मौका नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि कोई भी देश तब तक सफल नहीं हो सकता, जब तक वहां की महिलाएं खुलकर अपनी बात नहीं रखतीं।
राहुल ने कहा कि महिलाओं को सिर्फ बिजनेस या राजनीति में आगे बढ़ने की आजादी देना काफी नहीं है। उन्हें अपने घर में अपनी बात रखने, सड़कों पर आराम से चलने और अपने माता-पिता, पति या भाई की बात से असहमति जताने की भी आजादी होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगर भारत को आगे बढ़ना है तो महिलाओं को पुरुषों के दबाव और पितृसत्ता से बाहर निकलकर खुलकर अपनी बात रखने का मौका देना होगा।
रिजिजू ने कहा- अब महिला आरक्षण का भी समर्थन कर दीजिए
राहुल गांधी के इस पोस्ट पर किरेन रिजिजू का रिप्लाई आया। उन्होंने तंज के लहजे में लिखा कि महिला रिजर्वेशन पर कांग्रेस की ओर से सकारात्मक संदेश है।
रिजिजू ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा- लगता है राहुल गांधी के महिलाओं को लेकर रुख में बदलाव आया है। उम्मीद है कि अब कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण विधेयक का बिना किसी शर्त के समर्थन करेगी।
राहुल का जवाब- कांग्रेस ने पूरा समर्थन किया था
रिजिजू की चुनौती पर राहुल गांधी ने सीधे जवाब दिया। उन्होंने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री होने के नाते रिजिजू से बेहतर यह कौन जानता होगा कि महिला आरक्षण विधेयक 2023 में ही सर्वसम्मति से पारित हो चुका है।
राहुल ने कहा कि इस विधेयक को कांग्रेस ने पूरा समर्थन दिया था। उन्होंने सवाल उठाया कि तीन साल बीत जाने के बाद भी महिला आरक्षण कानून लागू क्यों नहीं हुआ।
राहुल ने यह भी पूछा कि सरकार महिला आरक्षण को परिसीमन से क्यों जोड़ रही है। उन्होंने कहा कि 2023 में जो कानून पास हुआ था, उसे बिना किसी शर्त के लागू किया जाना चाहिए।
2023 में संसद से पास हुआ था महिला आरक्षण कानून
महिलाओं को लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 फीसदी आरक्षण देने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 संसद के दोनों सदनों से पास हुआ था। हालांकि यह अब तक लागू नहीं किया गया।
अब महिला आरक्षण को जनगणना और उसके बाद होने वाली परिसीमन प्रोसेस से जोड़ा गया है। इसी वजह से विपक्ष लगातार मांग कर रहा है कि महिलाओं को आरक्षण देने के लिए परिसीमन का इंतजार न कराया जाए और इसे जल्द लागू किया जाए।
यह भी पढ़ें...

