राहुल बोले- किसी फॉर्म पर साइन नहीं करूंगा: वोट चोरी के आरोप पर EC ने कहा था- डिक्लेरेशन फॉर्म भरिए या माफी मांगिए
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फाइल फोटो।
राहुल गांधी का कहना है कि वो इलेक्शन कमीशन के डिक्लेरेशन फॉर्म पर साइन नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि डाटा तो इलेक्शन कमीशन का है, मेरा नहीं। फिर मैं क्यों साइन करूं।
दरअसल, राहुल गांधी ने इलेक्शन कमीशन पर महाराष्ट्र और कर्नाटक चुनाव में बीजेपी के साथ मिलकर धांधली का आरोप लगाया। जवाब में इलेक्शन कमीशन ने कहा कि अगर राहुल को लगता है कि उनके आरोप सही हैं, तो उन्हें एक डिक्लेरेशन फॉर्म पर साइन करना चाहिए। अगर साइन नहीं कर सकते तो माफी मांग लें।
EC को वेबसाइट पर डाटा डालना चाहिए
राहुल गांधी का कहना है कि सरकार के इशारे पर चुनाव आयोग वोट चोरी कर रहा है। बिहार में वोटर लिस्ट संशोधन भी इसीलिए लागू किया गया है ताकि बीजेपी को लाभ पहुंचाया जा सके। कथित वोट चोरी और वोटर लिस्ट संशोधन (SIR) के खिलाफ सोमवार को राहुल गांधी की अगुवाई में नई दिल्ली में विपक्ष ने प्रदर्शन किया।
इस मौके पर राहुल से EC के फॉर्म साइन करने पर सवाल हुआ। जवाब में राहुल ने कहा, ‘सारा डाटा EC का ही है। वो खुद क्यों नहीं वेबसाइट पर डालकर दूध का दूध पानी का पानी कर देते। मेरा डाटा थोड़े ही है कि मैं साइन करूंगा। EC यह सब करके मामले को इधर-उधर करना चाहता है। सच्चाई ज्यादा दिन छिप नहीं सकती।’
राहुल ने आगे कहा कि सरकार सच बोलने से डरती है, जबकि देश के सामने हकीकत साफ है। यह लड़ाई किसी राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि संविधान बचाने की है। यह वन मैन, वन वोट के सिद्धांत और एक साफ-सुथी वोटर लिस्ट की मांग के लिए है।
EC ने राहुल के सामने दो विकल्प रखे थे
बीते दिनों राहुल के आरोपों पर इलेक्शन कमीशन ने कहा कि संस्था के खिलाफ झूठी बातें फैलाना कानूनन अपराध है। राहुल के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। इलेक्शन कमीशन ने राहुल के सामने दो विकल्प रखे थे। या तो प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही अपनी बात साबित करके फॉर्म पर सिग्नेचर करें या फिर देश के सामने माफी मांगें।
जानिए राहुल ने EC के खिलाफ क्या कहा था
राहुल गांधी ने बीते दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि महाराष्ट्र चुनाव में धांधली हुई थी। उन्होंने कहा, 'महाराष्ट्र में 40 लाख वोटर संदिग्ध थे। राज्य में आबादी से ज्यादा वोटर थे। EC इलेक्ट्रॉनिक डाटा क्यों नहीं देता।'
राहुल ने कर्नाटक में भी चुनावी धोखाधड़ी होने का दावा किया। उन्होंने कहा, '40 हजार वोटर के हाउस नंबर '0' हैं। क्या सही व्यक्ति वोट कर रहा है। एक नाम वाला व्यक्ति 4 जगह वोट कर रहा है। फर्जी वोटर कहां से आ रहे हैं। शाम 5 बजे के बाद ज्यादा वोटिंग क्यों होती है। हमारा प्रत्याशी विधानसभा में जीतता है, लेकिन लोकसभा में हार जाता है।
महाराष्ट्र और राजस्थान में कई फर्जी वोटर जोड़े गए हैं। चुनावी दाल में कुछ तो काला है। हमने EC से लिखित में इलेक्ट्रिक डाटा मांगा। मैंने चिट्टी लिखी, लेकिन उन्होंने कोई डाटा नहीं दिया।'
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