नेहा बोरा को तवज्जो, NSUI में नाराजगी: स्टूडेंट लीडर्स ने वाट्सएप ग्रुप का नाम 'We The Chhotu' रखा; पूछा- क्या हम सिर्फ भीड़ जुटाने के लिए हैं
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राहुल गांधी के कार्यक्रमों में AISA की नेता नेहा बोरा को लगातार मिल रही जगह से NSUI के कुछ लीडर नाराज हो गए थे। इन्हें मनाने के लिए कांग्रेस हाईकमान ने गुरुवार (15 अक्टूबर) को एक बैठक रखी थी।
नेशनल डेस्क। कांग्रेस के स्टूडेंट विंग 'NSUI' के कुछ लीडर इन दिनों पार्टी लीडरशिप से नाराज बताए जा रहे हैं। वजह है वामपंथी स्टूडेंट विंग 'AISA' की अध्यक्ष नेहा बोरा को राहुल गांधी के साथ लगातार मंच और सुर्खियों में जगह मिलना। NSUI के कुछ नेताओं को लगा कि पार्टी के प्रदर्शनों में भीड़ जुटाने और मेहनत करने की जिम्मेदारी उनकी है, लेकिन तवज्जो किसी दूसरे संगठन की नेता को मिल रही है।
NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, इस नाराजगी के चलते NSUI के एक लीडर ने संगठन के एक ऑफिशियल वाट्सएप ग्रुप का नाम बदलकर ‘WE THE Chhotu’ कर दिया। हिंदी में ‘छोटू’ शब्द का इस्तेमाल अक्सर छोटे काम करने वाले या दूसरों के लिए भागदौड़ करने वाले लोगों के लिए किया जाता है। ग्रुप का नाम तीन दिन तक यही रहा। राहुल गांधी से मुलाकात के बाद इसे फिर से पुराने नाम पर किया गया।

राहुल के साथ प्रियंका के बगल में दिखीं थी नेहा बोरा
12 अक्टूबर को INDIA ब्लॉक के नेताओं ने चुनावी गड़बड़ियों के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला था। इस दौरान राहुल गांधी के साथ दो महिलाएं आगे चल रही थीं। इनमें एक उनकी बहन और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा थीं, जबकि दूसरी तरफ नेहा बोरा थीं।
राहुल गांधी ने मार्च के दौरान दोनों महिलाओं के कंधों पर हाथ रखा था। नेहा बोरा बड़े नेताओं को ले जा रही बस में भी नजर आईं। बाद में वह उस ट्रक पर भी दिखीं, जिस पर राहुल गांधी के साथ कुछ चुनिंदा विपक्ष के नेता खड़े थे।
इस प्रोटेस्ट में NSUI के नेशनल प्रेसिडेंट विनोद जाखड़ समेत स्टूडेंट विंग के लगभग तमाम बड़े लीडर शामिल थे। लेकिन उन्हें राहुल के साथ मंच साझा करने का मौका नहीं मिला।

वाट्सएप ग्रुप में उठे सवाल- क्या हम सिर्फ भीड़ जुटाने के लिए हैं?
सुप्रीम कोर्ट तक मार्च खत्म होने के बाद राहुल गांधी और INDIA ब्लॉक के दूसरे सीनियर लीडर याचिका से जुड़े कागजी काम के लिए अंदर चले गए। इसी दौरान NSUI के कुछ लीडर्स ने अपने 'Delhi Coordination' वाट्सएप ग्रुप में नाराजगी जाहिर की। बात इतनी बढ़ी कि एक मेंबर ने ग्रुप का नाम बदलकर ‘WE THE Chhotu’ कर दिया।
ग्रुप में कुछ सदस्यों ने सवाल उठाया कि क्या उनका काम सिर्फ भीड़ जुटाना रह गया है। एक मैसेज में लिखा गया कि NSUI का कोई भी सदस्य न तो अपनी पार्टी के नेताओं की नजर में नेता बन पाया और न ही आम लोगों के बीच अपनी पहचान बना सका। ऐसे में वे आखिर किसके लिए काम कर रहे हैं?
एक दूसरे मैसेज में नेहा बोरा को शानदार नेता बताया गया, लेकिन साथ ही यह नाराजगी भी जाहिर की गई कि NSUI की जुटाई भीड़ के बीच उन्हें इतनी अहमियत क्यों दी गई।

अगले दिन भी राहुल के घर टी-मीटिंग पर दिखीं नेहा बोरा
12 अक्टूबर के मार्च के अगले दिन भी नेहा बोरा राहुल गांधी के आवास पर नजर आईं। राहुल गांधी ने 13 अक्टूबर की शाम INDIA ब्लॉक के सांसदों, कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं और कुछ स्टूडेंट लीडर्स को चाय पर बुलाया था। इनमें नेहा बोरा भी शामिल थीं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी नेहा बोरा को बोलने का मौका मिला।
लगातार दो दिन राहुल गांधी के साथ नेहा की मौजूदगी से NSUI और यूथ कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं की नाराजगी और बढ़ गई। संगठन के भीतर इस मुद्दे पर सवाल उठने लगे और कांग्रेस हाईकमान तक युवा नेताओं की नाराजगी की बात पहुंची।
इसके बाद राहुल गांधी के साथ NSUI लीडर्स की मुलाकात का इंतजाम किया गया। माना जा रहा है कि इसका मकसद नाराज यूथ लीडर्स को मनाना था। इस बैठक में युवा संगठनों के कोऑर्डिनेटर कन्हैया कुमार भी नजर आए।

राहुल से मुलाकात के बाद बदला ग्रुप का नाम
NDTV के मुताबिक, राहुल गांधी से मुलाकात के बाद NSUI के वाट्सएप ग्रुप का नाम वापस बदला गया। तीन दिन तक ‘WE THE Chhotu’ नाम से चलने वाले इस ग्रुप में NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़, संगठन के प्रभारी कन्हैया कुमार और दूसरे पदाधिकारी शामिल हैं।
हालांकि, NDTV ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि पार्टी हाईकमान के साथ मुलाकात के दौरान किसी ने भी राहुल गांधी के सामने नेहा बोरा को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर नहीं की। जब एक पदाधिकारी से पूछा गया कि उन्होंने सीधे राहुल गांधी से शिकायत क्यों नहीं की, तो उसने कहा कि अपने नेता से मिलने के बाद उनकी सारी तकलीफ दूर हो गई।
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